Aryan Khan Case: आर्यन खान को अरेस्ट करने वाले समीर वानखेड़े की बढ़ी मुश्किलें, दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र की अर्जी स्वीकार
बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार करने वाले आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) को उनके खिलाफ आगे की कार्यवाही शुरू करने की मांग करने वाली केंद्र सरकार द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया है। इस याचिका में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें समीर वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनत्मक कार्रवाई को रद्द कर दिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने जनवरी 2026 को सीबीएसई द्वारा समीर वानखेड़े के खिलाफ आगे की कार्यवाही करने से रोक दिया था। दरअसल, सीबीएसई ने वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की थी। यह कार्यवाही एसईटी द्वारा वानखेड़े के खिलाफ जांच से जुड़े आरोपों पर आधारित थी। वानखेड़े के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में सेवा के दौरान 2021 के हाई प्रोफाइल कॉर्डेलियिया क्रूज ड्रग जब्ती मामले में उनके खिलाफ कई शिकायतें आईं, जिस पर जांच शुरू की गई थी।
एनसीबी ने इस मामले में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को भी गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद यह मामला हाई प्रोफाइल बन गया, जिसकी वजह से तेजी से जांच शुरू हुई। आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ भी कई शिकायतें आईं। वानखेड़े ने तर्क दिया कि प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों को औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई का आधार नहीं बनाया जा सकता। वहीं, सीबीआईसी पर उचित प्रक्रिया का पालन न करने का भी तर्क दिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जारी किया गया आरोप पत्र मनमाना, कानूनी रूप से अस्थिर और दुर्भावना से प्रेरित है।
समीर वानखेड़े के इन तर्कों के आधार पर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने उनके खिलाफ आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। लेकिन, केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की इस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें समीर खानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही को रद्द करने के केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के आदेश को चुनौती दी गई है।
स्वदेशी 'प्रचंड' में देश की सर्वोच्च कमांडर : फाइटर हेलीकॉप्टर में उड़ान भरने वाली देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू
जैसलमेर: भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में उड़ान भरी। ऐसा करने वाली वह देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं। इस दौरान उन्हें बतौर को-पायलट हेलीकॉप्टर के कॉकपिट में बिठाया गया था, जहा से उन्होंने उड़ान के दौरान सैल्यूट कर देश का मान बढ़ाया।
#WATCH | President Droupadi Murmu took a sortie on Light Combat Helicopter - PRACHAND in Jaisalmer, Rajasthan today.
— ANI (@ANI) February 27, 2026
(Video: DD) pic.twitter.com/q8ICOpA3p7
ऐतिहासिक उड़ान और सीमावर्ती क्षेत्रों का जायजा
राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुँची थीं, जहाँ वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें हेलीकॉप्टर की मारक क्षमता और तकनीकी बारीकियों के बारे में ब्रीफिंग दी। इसके बाद सुबह करीब 10:15 बजे उन्होंने ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ उड़ान भरी।
लगभग आधे घंटे की इस उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया।
#WATCH | President Droupadi Murmu took a sortie on Light Combat Helicopter - PRACHAND at Jaisalmer, Rajasthan today.
— ANI (@ANI) February 27, 2026
(Video: President of India/YouTube) pic.twitter.com/UkSkEeJoFt
युद्ध अभ्यास 'वायु शक्ति-2026' में शिरकत
यह उड़ान वायुसेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' की पूर्व संध्या पर हुई है। आज शाम पोकरण रेंज में होने वाले इस महाभ्यास में भारतीय वायुसेना अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करेगी, जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। इस अभ्यास में स्वदेशी लड़ाकू विमानों और मिसाइल प्रणालियों का जलवा देखने को मिलेगा।
सुखोई और राफेल के बाद अब 'प्रचंड' का सफर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इससे पहले भी लड़ाकू विमानों में उड़ान भरकर सुर्खियां बटोर चुकी हैं। वे सुखोई-30 MKI और पिछले साल अक्टूबर में राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाली देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनी थीं। अब स्वदेशी हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में उड़ान भरकर उन्होंने रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को और मजबूती दी है।
क्या है 'प्रचंड' हेलीकॉप्टर की खासियत?
'प्रचंड' भारत का पहला स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है। यह दुनिया का इकलौता ऐसा हमलावर हेलीकॉप्टर है जो 5,000 मीटर (16,400 फीट) की ऊंचाई पर लैंडिंग और टेक-ऑफ कर सकता है। सियाचिन जैसे दुर्गम इलाकों में यह दुश्मन के छक्के छुड़ाने में सक्षम है।
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