Swiggy और IRCTC का बड़ा ऐलान, अब 152 Stations पर मिलेगा ‘Food on Train’ का ऑप्शन
ऑनलाइन ऑर्डर पर खाद्य एवं पेय पदार्थ की आपूर्ति करने वाली क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के साथ मिलकर अपनी ‘फूड ऑन ट्रेन’ सेवा का विस्तार देशभर के 152 स्टेशन तक कर लिया है। कंपनी ने यह उपलब्धि एक साल में हासिल की है। यह सेवा एक वर्ष पहले 70 स्टेशन पर उपलब्ध थी। स्विगी ने बृहस्पतिवार बताया कि यह विस्तार देशभर में विविध व्यंजनों की बढ़ती मांग से प्रेरित है।
बयान के अनुसार, कंपनी की योजना भारत के प्रमुख जंक्शन के साथ-साथ क्षेत्रीय स्टेशन जैसे इटारसी (मध्य प्रदेश), तिरुनेलवेली (तमिलनाडु) और खड़गपुर (पश्चिम बंगाल) पर अधिक ध्यान देकर विविधता लाने पर भी है। स्विगी ने बताया कि उसकी ‘फूड ऑन ट्रेन’ सेवा का नेटवर्क विस्तार 117 प्रतिशत बढ़ा है। यह सेवा फरवरी, 2025 में 70 स्टेशन पर उपलब्ध थी जिसका फरवरी, 2026 तक 152 स्टेशन पर विस्तार किया गया। कंपनी ने 28 फरवरी से आठ मार्च तक यात्रियों के लिए होली से जुड़े विशेष भोजन उपलब्ध करने की भी घोषणा की।
साथ ही ‘ट्रेन के अनुकूल’ व्यंजनों के मेन्यू का विस्तार किया गया है जिसे तेज गति एवं सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। स्विगी में खाद्य रणनीति, ग्राहक अनुभव एवं नई पहल के उपाध्यक्ष दीपक मालू ने कहा, ‘‘ यह देशव्यापी विस्तार होली के त्योहार के मद्देनजर एकदम सही समय पर हुआ है। हम प्रमुख जंक्शन से लेकर इटारसी, तिरुनेलवेली और खड़गपुर जैसे क्षेत्रीय स्टेशन तक ‘ट्रांजिट हब’ (पारगमन केंद्र) पर जोर देकर विविधता पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
Indian Economy की तेज रफ्तार! EY रिपोर्ट का बड़ा दावा, GDP ग्रोथ 7.2% तक पहुंचने का अनुमान
भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष में 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रह सकती है। ‘ईवाई इकॉनमी वॉच’ ने एक रिपोर्ट यह अनुमान लगाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत को अपने कर-जीडीपी अनुपात में वृद्धि करनी होगी, जो मुख्य रूप से कर अनुपालन में सुधार के माध्यम से संभव है क्योंकि प्रमुख कर सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं।
कर-जीडीपी अनुपात, यह मापने का पैमाना है कि किसी देश के कुल राजस्व (जीडीपी) का कितना हिस्सा सरकार कर के रूप में इकट्ठा करती है। ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डी. के. श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं या आर्थिक समूहों के साथ भारत के व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौतों की पृष्ठभूमि में मध्यम अवधि की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.8 से 7.2 प्रतिशत के दायरे में रहेगी।’’ रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2025-26 में विशेष रूप से व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित प्रमुख कर सुधार किए गए। इन दोनों सुधारों के तहत सरकार ने काफी राजस्व ‘छोड़ा’ है, ताकि परिवारों की खर्च योग्य आय बढ़े और निजी उपभोग मांग को समर्थन मिल सके।
इसमें कहा गया , ‘‘ इन कर सुधारों के कारण भारत सरकार के सकल कर राजस्व (जीटीआर) में उल्लेखनीय कमी आई, जिसके चलते वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट अनुमान से कम राजस्व मिलने की आशंका थी। हालांकि, इस संभावित कमी के बावजूद, व्यापक रूप से यह अपेक्षा की जा रही थी कि सरकार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करेगी।
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