Swami Avimukteshwaranand के समर्थन में उतरी Congress, FIR को बताया बड़ी साजिश, UP में प्रदर्शन
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वालों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर बुधवार को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। यहां जारी एक बयान में कांग्रेस पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित ज्ञापन 25 फरवरी को राज्य के सभी जिलों में जिलाधिकारियों के माध्यम से सौंपे गए थे। कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष हिंदवी ने पीटीआई- को बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला प्रशासन के माध्यम से यह ज्ञापन सौंपे गए।
ज्ञापन में, पार्टी ने आरोप लगाया कि अमावस्या के अवसर पर पुलिस द्वारा शंकराचार्य और उनके शिष्यों को अनावश्यक रूप से परेशान और अपमानित किया गया तथा उन्हें अनुष्ठान स्नान करने से रोका गया। इसमें आरोप लगाया गया कि कुछ शिष्यों के साथ मारपीट की गई और उन्हें पुलिस थाने भी ले जाया गया। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि बाद में यौन उत्पीड़न मामले में शंकराचार्य, उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई। कांग्रेस ने इस प्राथमिकी को अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से रची गयी एक साजिश करार दिया।
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संविधान के अनुच्छेद-25 और 26 का हवाला देते हुए ज्ञापन में कहा गया कि ये प्रावधान धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक संप्रदायों को अपने मामलों का प्रबंधन करने के अधिकार की गारंटी देते हैं। इसने शंकराचार्य के पद को सनातन परंपरा में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदों में से एक बताते हुए आरोप लगाया कि पूरा प्रकरण योजनाबद्ध तरीके से रचा गया प्रतीत होता है। कांग्रेस पार्टी ने ज्ञापन में कहा, हम अनुरोध करते हैं कि जिन लोगों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है, उनकी पृष्ठभूमि की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा पारदर्शी तरीके से की जाए और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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कांग्रेस ने अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की भी मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके। इससे पहले, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने वाराणसी में संत से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा था कि पार्टी इस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस ने कहा कि वह पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार पर दबाव बनाती रहेगी।
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प्रयागराज में 21 फरवरी को अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ पिछले एक साल में एक गुरुकुल और धार्मिक सभाओं में एक नाबालिग सहित दो व्यक्तियों के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामला दर्ज होने के कुछ दिनों बाद, सरस्वती ने सोमवार को कहा था कि वह अपनी गिरफ्तारी का विरोध नहीं करेंगे और जोर देकर कहा था कि मनगढ़ंत कहानी का पर्दाफाश देर-सवेर हो ही जाएगा।
Tokyo से Yogi Adityanath का सपा पर बड़ा हमला, बोले- डकैती के आदी लोगों ने UP को अंधेरे में रखा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि 2017 से पहले राज्य को जानबूझकर “अंधकार में रखा गया” था। योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और निवेश के माहौल में सुधार कर प्रदेश को एक नयी प्रदान की है। सरकारी बयान के अनुसार, योगी ने यह टिप्पणी जापान दौरे के दौरान तोक्यो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए की।
उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में न तो बेहतर सड़कें थीं और न ही नियमित बिजली आपूर्ति। योगी ने अखिलेश यादव की पूर्ववर्ती सरकार पर परोक्ष टिप्पणी करते हुए कहा, “जो लोग अंधेरे में काम करने के आदी थे, उन्हें उजाला पसंद नहीं आया। जब प्रवृत्ति डकैती की हो तो राज्य को भी अंधेरे में रखा जाता है।” उन्होंने कहा, “क्या डकैती दिन के उजाले में हो सकती है? अगर प्रवृत्ति डकैती की है तो वह अंधेरे में ही होगी। हमने तय किया कि अगर उत्तर प्रदेश को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त करना है तो उसे उजाले में लाना होगा। हम सूर्य की संतान हैं और हमें सूर्य का प्रकाश चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान कर्फ्यू, दंगों और बिजली संकट से होती थी, जबकि अब यह त्योहारों और विकास के लिए जाना जाता है। योगी ने कहा, “आज उत्तर प्रदेश दंगों और कर्फ्यू के लिए नहीं, बल्कि दीपोत्सव, महाकुंभ और वैश्विक निवेश के लिए जाना जाता है।” उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने कनेक्टिविटी बेहतर की है, बिजली आपूर्ति सुधारी है और कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब दुनिया भर के निवेशक सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, लॉजिस्टिक्स पार्क और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं जो पहले “अकल्पनीय” था।
सांस्कृतिक पहलों का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव, काशी में देव दीपावली और मथुरा-वृंदावन में रंगोत्सव जैसे भव्य आयोजन राज्य में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया और एक वर्ष में 156 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तर प्रदेश आए, जो राज्य में बढ़ती वैश्विक रुचि को दर्शाता है। होली के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने जापान में बसे भारतीय समुदाय से दोनों देशों के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “दुनिया में जहां भी भारतीय मूल के लोगों को कठिनाई होती है, भारत उनके साथ खड़ा रहता है।
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