भारतीय निवेशकों को मिलेगा 30 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेश करने का मौका, एनएसई आईएक्स बना रही योजना: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय निवेशक जल्द दुनिया के 30 बड़े स्टॉक मार्केट में आसानी से शेयरों की खरीद बिक्री कर पाएंगे और उनकी पहुंच अमेरिकी, यूके, जापान और यूरोप जैसे विकसित बाजारों तक भी होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की सहयोगी कंपनी एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (आईएक्स) हाल ही में लॉन्च किए अपने ग्लोबल इन्वेस्टिंग प्लेटफॉर्म के अगले तीन से छह महीनों में विस्तार की योजना बना रही है।
एनएसई आईएक्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ वी बालासुब्रमण्यम ने कहा कि एक्सचेंज वर्तमान में अमेरिकी शेयरों में ट्रेडिंग की अनुमति देता है और अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों को जोड़ने के लिए काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यूरोप, जापान और यूनाइटेड किंगडम सहित कई जी7 देशों को शामिल करने के लिए बातचीत चल रही है।
एनएसई आईएक्स ग्लोबल एक्सेस प्लेटफॉर्म भारतीय निवेशकों को पूरी तरह से डिजिटल ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से विदेशी शेयरों में निवेश करने में सक्षम बनाता है।
इस प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग करने के लिए निवेशकों को डीमैट खाते की आवश्यकता नहीं है। एक्सचेंज टीप्लस 1 निपटान चक्र का पालन करता है, जिसका अर्थ है कि लेनदेन के एक दिन बाद ट्रेड का निपटान हो जाता है।
एक्सचेंज ने कर और लागत संबंधी लाभों पर भी प्रकाश डाला है।
यह गैर-निवासियों के लिए शून्य स्टांप शुल्क, शून्य प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) और शून्य पूंजीगत लाभ कर की पेशकश करेगा।
प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग डॉलर में होगी, जिसमें सभी ट्रेड, मार्जिन और निपटान अमेरिकी डॉलर में किए जाएंगे। यह स्ट्रक्चर लेनदेन स्तर पर करेंसी कन्वर्जन की आवश्यकता को समाप्त करती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रेडिंग विंडो दो सत्रों में प्रतिदिन 21 घंटे खुली रहेगी, जिससे निवेशकों को एशिया, यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में बाजार की गतिविधियों का लाभ उठाने का मौका मिलेगा।
प्लेटफॉर्म पर सभी लेनदेन एक ही प्राधिकरण, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण द्वारा विनियमित होंगे, जो भारत के अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों के संचालन की देखरेख करता है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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'सखियों' के नाम से गोपनीय जगह, गुप्त दरवाजे का दावा; मठ में रहीं लेखिका भूमिका द्विवेदी ने बताई आंखों देखी
Shankaracharya Avimukteshwaranand: वाराणसी के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में केस दर्ज किया गया है. यह मामला आशुतोष महाराज नाम के व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज हुआ है. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके एक शिष्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. दोनों पर पॉक्सो एक्ट के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं.
लेखिका ने लगाए गंभीर आरोप
इसी बीच लेखिका भूमिका द्विवेदी ने भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं. भूमिका का कहना है कि वह साल 2022 में वाराणसी पर किताब लिखने के सिलसिले में वहां गई थीं और करीब दो महीने तक स्वामी के वाराणसी स्थित विद्यापीठ में रहीं.
आश्रम में रहते हुए दिखी चौंकाने वाली गतिविधियां
भूमिका द्विवेदी के मुताबिक, 18 मार्च 2022 से मई 2022 तक आश्रम में रहने के दौरान उन्होंने कई ऐसी गतिविधियां देखीं, जो उन्हें असामान्य और चौंकाने वाली लगीं. उनका दावा है कि जब मठ के मैनेजर ने रजिस्टर में उनका नाम दर्ज किया तो पूछताछ का तरीका उन्हें संदिग्ध लगा. उन्होंने यह भी कहा कि आश्रम में एक महिला को खास दर्जा दिया गया था और उसके आदेश के बिना कोई बड़ा फैसला नहीं होता था.
'सखियों' के नाम से मौजूद है एक गोपनीय क्षेत्र
भूमिका के अनुसार, आश्रम में 'सखियों' के नाम से एक अलग क्षेत्र था, जहां जाने की मनाही थी. उस हिस्से को आम लोगों से गोपनीय रखा जाता था. उनका यह भी दावा है कि वहां पढ़ने वाले बटुकों को सीमित संपर्क में रखा जाता था. उनसे बातचीत और फोटो खिंचवाने पर रोक थी. यहां तक कि उन्हें अपने माता-पिता से भी ज्यादा मिलने की अनुमति नहीं दी जाती थी.
मठ परिसर में गुप्त दरवाजे का भी दावा
लेखिका ने यह भी दावा किया है कि मठ परिसर में एक गुप्त दरवाजा है और कई गतिविधियां गोपनीय तरीके से संचालित होती हैं. उन्होंने आश्रम में संगमरमर के कमरे, कालीन, सीसीटीवी, एलईडी, लिफ्ट और पांचवीं मंजिल पर स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं होने की बात कही है.
स्वामी बनने के बाद खरीदीं 22 संपत्तियां- भूमिका द्विवेदी
भूमिका द्विवेदी का आरोप है कि शंकराचार्य बनने के बाद स्वामी ने 22 संपत्तियां खरीदीं और कथित तौर पर अपने रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियां दीं. उन्होंने बटुकों के साथ दुर्व्यवहार और शोषण का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है.
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