यूके जाने वाले भारतीयों के लिए ई-वीजा हुआ आवश्यक
लंदन, 25 फरवरी (आईएएनएस)। यूनाइटेड किंगडम ने बुधवार से नए नियमों के तहत बॉर्डर और इमिग्रेशन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत भारतीय यात्रियों के लिए ई-वीजा अनिवार्य हो गया है।
दावा है कि इससे यूके की यात्रा अधिक आसान और सुरक्षित हो गई है और विजिटर्स को लाभ होगा।
ई वीजा फिजिकल पासपोर्ट (भौतिक दस्तावेज) में लगे पारंपरिक वीजानेट की जगह लेगा। यात्रियों को अब उनके पासपोर्ट से जुड़े यूके वीजा और इमिग्रेशन अकाउंट (यूकेवीआई) पर एक सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड मिलेगा, जिससे वीजा की जानकारी ऑनलाइन अप्लाई करना, स्टोर करना, मैनेज करना और दिखाना आसान हो जाएगा।
यह नई प्रक्रिया कागज आधारित वीजा ‘स्टिकर’ (विगनेट्स) की जगह लेगी। हालांकि, बायोमेट्रिक पंजीकरण के लिए आवेदन केंद्र पर आवेदक को जाना होगा, लेकिन इससे प्रक्रिया अवधि के दौरान पासपोर्ट दस्तावेज छोड़ कर जाने की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी।
यूके का कहना है कि ई वीजा शुरू होने से यूके जाने वाले लोग सीधे अपने ऑनलाइन यूकेवीआई अकाउंट के जरिए अपनी वीजा डिटेल्स देख पाएंगे। सभी वीजा जानकारी डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित रूप से स्टोर की जाएगी। यह एक उन्नत डिजिटल प्रणाली देगा जिससे धोखाधड़ी की आशंका कम होगी। हालांकि, फिजिकल वीजा स्टिकर (विगनेट्स) रखने वाले लोग उनके एक्सपायर होने तक उनका इस्तेमाल कर सकते हैं।
ब्रिटेन आने वाले यात्रियों के लिए डिजिटल यात्रा अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा, जिसका मतलब है कि यदि यात्रियों के पास ई-वीजा, ईटीए या अन्य वैध दस्तावेज नहीं होंगे तो एयरलाइन उन्हें विमान में सवार होने से रोक सकती है।
बता दें कि सरकार ने पिछले साल ई-वीजा प्रणाली शुरू की थी और इस सप्ताह तक भौतिक दस्तावेज स्वीकार किए गए हैं। बायोमेट्रिक रेजिडेंस परमिट, बायोमेट्रिक रेजिडेंस कार्ड और पेपर स्टैम्प अब जारी नहीं किए जाएंगे, और भौतिक दस्तावेज के मौजूदा आवेदकों को दोबारा आवेदन किए बिना ऑटोमैटिकली डिजिटल स्टेटस में बदल दिया जाएगा।
अमेरिका, कनाडा और फ्रांस के नागरिकों समेत 85 देशों के ऐसे विजिटर्स, जिनको वीजा की जरूरत नहीं होती है, को अब ब्रिटेन की यात्रा करते समय ईटीए की आवश्यकता होगी।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
एआई से नए अवसर खुलेंगे, कर्मचारी जमकर करें इस्तेमाल: टीसीएस सीईओ कृतिवासन
मुंबई, 25 फरवरी (आईएएनएस)। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सीईओ के कृतिवासन ने बुधवार को कहा कि एआई से नए अवसर खुलेंगे और कर्मचारियों को लगता है कोई काम एआई से हो सकता है, तो बिल्कुल उसका इस्तेमाल करें।
टीसीएस के सीईओ का बयान ऐसे समय पर आया है जब आईटी सेक्टर में एआई को लेकर चिंता बनी हुई है, जिसके चलते कंपनियों के वैल्यूएशन में बड़ी गिरावट हुई है।
नैसकॉम टेक्नोलॉजी एंड लीडरशिप फोरम में कृतिवासन ने कहा कि हम अपने सहयोगियों से कह रहे हैं कि यदि आपको लगता है कि आप एआई की मदद से कोई काम तेजी से, बेहतर और सस्ते में कर सकते हैं, तो आपको अपने ग्राहकों को इसके बारे में जरूर बताना चाहिए, भले ही इससे कंपनी की आय में कमी आए।
उन्होंने आगे कहा कि हमें इस बात का डर नहीं है कि यह तकनीक हमारी आजीविका छीन लेगी। हमारा मानना है कि इससे और अधिक अवसर खुलेंगे, इसलिए आप जितना अधिक इसका उपयोग करेंगे, उतना ही अधिक लाभ उठाएंगे।
हाल के दिनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े नए टूल्स ने आईटी कंपनियों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है और अमेरिकी एआई कंपनी एथ्रोंपिक के दावों के बाद आईटी कंपनियों की चिंता और बढ़ गई है।
एआई से जुड़ी चिताओं के कारण बीते एक महीने में निफ्टी आईटी इंडेक्स 20 प्रतिशत से अधिक फिसल गया है।
इस दौरान टीसीएस के शेयर में करीब 16 प्रतिशत, इन्फोसिस के शेयर में 23 प्रतिशत से अधिक, विप्रो के शेयर 14 प्रतिशत से अधिक, कोफोर्ज का शेयर 27 प्रतिशत, टेक महिंद्रा का शेयर 22 प्रतिशत और अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में भी इसी तरह की गिरावट देखने को मिली है।
दूसरी तरफ, एआई कंपनियां भी अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए आईटी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही हैं। हाल ही में एंथ्रोपिक ने इन्फोसिस के साथ और ओपनएआई ने टीसीएस के साथ करार किया है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation














.jpg)




