इस स्टार प्लेयर को पहले पाकिस्तान ने किया अपनी प्लेइंग 11 से बाहर, अब ICC ने दिया बड़ा झटका
ICC Rankings: टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है. सुपर-8 का अब हर मैच अहम है. इसी बीच आईसीसी ने ताजा रैकिंग जारी कर दी है, जिसमें बड़ा बदलाव देखने को मिला है. भारतीय स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की बादशाहत बरकरार है. जबकि पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहम को नुकसान हुआ है. वहीं भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की ICC T20 Rankings में टॉप-10 में एंट्री हुई है.
ICC टी20 बॉलिंग रैकिंग में वरुण चक्रवर्ती टॉप पर मौजूद
ICC टी20 बॉलिंग रैकिंग में टीम इंडिया के स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती टॉप पर काबिज हैं. साउथ अफ्रीका के खिलाफ रन लुटाने के बाद भी उनकी नंबर-1 की कुर्सी सुरक्षित है. वरुण के 790 प्वाइंट्स है. वहीं साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज कॉर्बिन बॉश ने लंबी छलांग लगाई है. उन्होंने UAE के खिलाफ कुल 43 विकेट लिए थे. इसके बाद सुपर-8 में भारत के खिलाफ कुल 12 विकेट चटकाए थे, जिसका फायदा उन्हें ICC टी20 रैकिंग में मिली है.
साउथ अफ्रीकी गेंदबाज कॉर्बिन बॉश ने लगाई 21 स्थानों की छलांग
कॉर्बिन बॉश ने 21 पायदान की छलांग लगाते हुए सीधे नंबर-3 पर पहुंच गए हैं. उनकी वजह से वरुण और दूसरे स्थान पर काबिज राशिद खान की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है. वहीं आईसीसी टी20 रैकिंग में इंग्लैंड के राशिद अली चौथे पायदान पर हैं.
पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को नुकसान, बुमराह को फायदा
वहीं पाकिस्तान के स्टार स्पिनर अबरार अहमद को 2 स्थान का नुकसान हुआ है. अबरार तीसरे नंबर से 5वें नंबर पर पहुंच गए हैं. वहीं इंग्लैंड के स्पिनर एजम जम्पा 2 स्थान का छलांग लगाते हुए छठें नंबर पर पहुंच गए हैं. इसके अलावा वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज मैथ्यू फोर्ड ने भी 23 स्थानों का छलांग लगाया है और सीधे 7वें पायदान पर पहुंच गए हैं. वहीं भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को 7 स्थानों का फायदा हुआ है. बुमराह अब 8वें नंबर पर पहुंच गए हैं.
Zimbabwe skipper back at the top in the latest ICC Men's T20I Player Rankings following his #T20WorldCup exploits ????
— ICC (@ICC) February 25, 2026
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मेघालय में एचआईवी के सबसे ज्यादा मामले, 10 हजार से ज्यादा लोग करा रहे इलाज
शिलांग, 25 फरवरी (आईएएनएस)। मेघालय में जनवरी 2026 तक एचआईवी से पीड़ित 10,293 से ज्यादा लोग एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) ले रहे हैं। राज्य विधानसभा को बुधवार को यह जानकारी दी गई।
नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के विधायक मेहताब चांदी ए संगमा के गाम्बेग्रे से उठाए गए एक सवाल का जवाब देते हुए, स्वास्थ्य मंत्री वैलादमिकी शायला ने कहा कि पिछले दस सालों में राज्य में एचआईवी/एड्स से जुड़ी मौतें 749 तक पहुंच गई हैं।
ईस्ट खासी हिल्स में सबसे ज्यादा 435 मौतें हुईं, इसके बाद वेस्ट जैंतिया हिल्स में 123 और ईस्ट जैंतिया हिल्स में 90 मौतें हुईं। दूसरे जिलों में तुलना में कम मौतें हुईं। मंत्री ने यह साफ किया कि कोई भी मौत सीधे तौर पर एचआईवी/एड्स की वजह से नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह ध्यान देने वाली बात है कि बताई गई सभी मौतें मौके के इन्फेक्शन की वजह से हुईं, और किसी भी मौत का सीधा कारण एचआईवी/एड्स नहीं बताया गया है।
इन्फेक्शन के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए मंत्री ने कहा कि हेल्थ डिपार्टमेंट को एचआईवी और एड्स (रोकथाम और कंट्रोल) एक्ट के तहत कानूनी और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एचआईवी स्टेटस गोपनीय रहना चाहिए, बिना सहमति के टेस्टिंग नहीं की जा सकती। साथ ही, मरीजों को दवाएं लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। टेस्टिंग और इलाज में बदनामी एक बड़ी रुकावट बनी हुई है।
इन रुकावटों के बावजूद मंत्री ने कहा कि सरकार जल्दी पता लगाने और इलाज को बेहतर बनाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है।
मंत्री ने मेघालय में एचआईवी/एड्स के खतरनाक रूप से बढ़ने को रोकने के लिए पांच साल के मिशन-मोड प्रोग्राम को मंजूरी देने का क्रेडिट मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा और राज्य कैबिनेट को दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं, जिसे अगले पांच सालों में टेस्टिंग सुविधाओं, मैनपावर और आउटरीच सेवाओं को बढ़ाने के लिए लागू किया जाएगा।
वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी (वीपीपी) के विधायक अर्देंट बसियावमोइट के एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार कम्युनिटी संस्थाओं के साथ मिलकर इस बीमारी से युद्ध स्तर पर लड़ने के लिए कमिटेड है। उन्होंने बताया कि एचआईवी/एड्स पर एक असेंबली फोरम पहले ही बनाया जा चुका है और विधायकों ने मिलकर एचआईवी से पीड़ित लोगों की मदद के लिए एक गाड़ी डोनेट की है।
मंत्री ने कहा, एचआईवी अब मौत की सजा नहीं है। हालांकि, इसे ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन इसका इलाज किया जा सकता है, जिससे लोग इज्जतदार जिंदगी जी सकें। मेघालय में अभी 392 इंटीग्रेटेड काउंसलिंग और टेस्टिंग सेंटर हैं, साथ ही पूरे राज्य में चार मोबाइल आईसीटीसी भी चल रहे हैं।
--आईएएनएस
पीएसके
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