मेघालय में एचआईवी के सबसे ज्यादा मामले, 10 हजार से ज्यादा लोग करा रहे इलाज
शिलांग, 25 फरवरी (आईएएनएस)। मेघालय में जनवरी 2026 तक एचआईवी से पीड़ित 10,293 से ज्यादा लोग एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) ले रहे हैं। राज्य विधानसभा को बुधवार को यह जानकारी दी गई।
नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के विधायक मेहताब चांदी ए संगमा के गाम्बेग्रे से उठाए गए एक सवाल का जवाब देते हुए, स्वास्थ्य मंत्री वैलादमिकी शायला ने कहा कि पिछले दस सालों में राज्य में एचआईवी/एड्स से जुड़ी मौतें 749 तक पहुंच गई हैं।
ईस्ट खासी हिल्स में सबसे ज्यादा 435 मौतें हुईं, इसके बाद वेस्ट जैंतिया हिल्स में 123 और ईस्ट जैंतिया हिल्स में 90 मौतें हुईं। दूसरे जिलों में तुलना में कम मौतें हुईं। मंत्री ने यह साफ किया कि कोई भी मौत सीधे तौर पर एचआईवी/एड्स की वजह से नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह ध्यान देने वाली बात है कि बताई गई सभी मौतें मौके के इन्फेक्शन की वजह से हुईं, और किसी भी मौत का सीधा कारण एचआईवी/एड्स नहीं बताया गया है।
इन्फेक्शन के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए मंत्री ने कहा कि हेल्थ डिपार्टमेंट को एचआईवी और एड्स (रोकथाम और कंट्रोल) एक्ट के तहत कानूनी और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एचआईवी स्टेटस गोपनीय रहना चाहिए, बिना सहमति के टेस्टिंग नहीं की जा सकती। साथ ही, मरीजों को दवाएं लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। टेस्टिंग और इलाज में बदनामी एक बड़ी रुकावट बनी हुई है।
इन रुकावटों के बावजूद मंत्री ने कहा कि सरकार जल्दी पता लगाने और इलाज को बेहतर बनाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है।
मंत्री ने मेघालय में एचआईवी/एड्स के खतरनाक रूप से बढ़ने को रोकने के लिए पांच साल के मिशन-मोड प्रोग्राम को मंजूरी देने का क्रेडिट मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा और राज्य कैबिनेट को दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं, जिसे अगले पांच सालों में टेस्टिंग सुविधाओं, मैनपावर और आउटरीच सेवाओं को बढ़ाने के लिए लागू किया जाएगा।
वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी (वीपीपी) के विधायक अर्देंट बसियावमोइट के एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार कम्युनिटी संस्थाओं के साथ मिलकर इस बीमारी से युद्ध स्तर पर लड़ने के लिए कमिटेड है। उन्होंने बताया कि एचआईवी/एड्स पर एक असेंबली फोरम पहले ही बनाया जा चुका है और विधायकों ने मिलकर एचआईवी से पीड़ित लोगों की मदद के लिए एक गाड़ी डोनेट की है।
मंत्री ने कहा, एचआईवी अब मौत की सजा नहीं है। हालांकि, इसे ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन इसका इलाज किया जा सकता है, जिससे लोग इज्जतदार जिंदगी जी सकें। मेघालय में अभी 392 इंटीग्रेटेड काउंसलिंग और टेस्टिंग सेंटर हैं, साथ ही पूरे राज्य में चार मोबाइल आईसीटीसी भी चल रहे हैं।
--आईएएनएस
पीएसके
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
PM Modi Israel Visit: इजराइल पहुंचे पीएम मोदी, पाकिस्तान और ईरान के एयरस्पेस दूरी बनाते हुए सेफ लैंड
PM Modi Israel Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर इजराइल पहुंच गए हैं. उनकी इस यात्रा को लेकर दुनिया भर में खास दिलचस्पी देखी जा रही है. उड़ानों की लाइव जानकारी देने वाले प्लेटफॉर्म Flightradar24 के अनुसार, इस समय पीएम मोदी के विमान की लोकेशन को विश्व में सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा था.
7 हजार से ज्यादा लोग देख रहे थे लाइव
बुधवार शाम करीब 3:45 बजे जब प्रधानमंत्री का विमान सऊदी अरब से जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था, उस वक्त 7 हजार से ज्यादा लोग इसे लाइव देख रहे थे. यह आंकड़ा बताता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस यात्रा को लेकर कितनी उत्सुकता है.
पाकिस्तान और ईरान के एयरस्पेस बनाई दूरी
प्रधानमंत्री का विमान दिल्ली से रवाना होकर पहले गुजरात के ऊपर से अरब सागर पार करता हुआ ओमान पहुंचा. इसके बाद यह सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र से होते हुए जॉर्डन पहुंचा और वहां से इजराइल में दाखिल हुआ. खास बात यह रही कि विमान ने पाकिस्तान और ईरान के एयरस्पेस से दूरी बनाए रखी.
कैसा है एयर इंडिया वन विमान
पीएम मोदी इस दौरे पर विशेष विमान एयर इंडिया वन से गए हैं. यह विमान खास तौर पर प्रधानमंत्री और अन्य उच्च पदाधिकारियों की यात्रा के लिए इस्तेमाल होता है. आमतौर पर यह बोइंग 777-300ER मॉडल पर आधारित होता है, जिसमें अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, कमांड सेंटर और सुरक्षित संचार प्रणाली लगी होती है.
प्रधानमंत्री 25 फरवरी 2026 की सुबह पालम एयर फोर्स स्टेशन से रवाना हुए थे. उनका विमान इजराइल की राजधानी के नजदीक स्थित Ben Gurion International Airport पर उतरा. भारत से इजराइल की सीधी उड़ान सामान्य तौर पर करीब 6 से 7 घंटे में पूरी होती है.
इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक, रक्षा और तकनीकी सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है. प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत-इजराइल संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation





















