Noida Metro में बना नया कीर्तिमान, 23 अक्टूबर को 1.05 लाख यात्रियों ने किया सफर
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) में 23 अक्टूबर को एक दिन में रिकॉर्ड 1.05 लाख यात्रियों ने सफर किया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। एनएमआरसी के अनुसार, यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं के बाद मेट्रो में औसत दैनिक यात्रियों की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
नोएडा मेट्रो ने एक बयान में बताया कि यात्रियों के सफर को सुविधाजनक बनाने के लिए क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग, ‘नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (एनसीएमसी) और फुट ओवरब्रिज (एफओबी) के माध्यम से बेहतर संपर्क जैसी कई पहल की गई हैं। यात्री की बढ़ती संख्या को देखते हुए नोएडा मेट्रो ने एक नवंबर से व्यस्त समय के दौरान ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की योजना बनाई है। मेट्रो ने बताया कि इस योजना के तहत दो ट्रेनों के बीच का अंतराल सात मिनट 30 सेकंड से घटाकर छह मिनट 35 सेकंड किया जाएगा।
नोएडा मेट्रो देर रात तक मेट्रो सेवा के संचालन की अवधि बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। इसके तहत नोएडा के सेक्टर-51 से डिपो स्टेशन की ओर जाने वाली आखिरी ट्रेन रात 11 बजकर 25 मिनट पर रवाना होगी। एनएमआरसी ने कहा कि यह प्रस्ताव व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने और परिचालन संबंधी व्यवहार्यता पर निर्भर है।
नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन के बीच एक्वा लाइन का संचालन करता है। नोएडा सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन स्काईवॉक के जरिए दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन के सेक्टर-52 स्टेशन से जुड़ा हुआ है।
झारखंड में 28 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
Jharkhand Weather Alert: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना यह कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है. आने वाले समय में यह धीरे-धीरे और ज्यादा ताकतवर होकर एक गहरे दबाव यानी डीप डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा. इसके बाद यह पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर पहुंचकर एक पूर्ण चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. समुद्र की सतह से मिलने वाली नमी और अनुकूल हवाओं के चलते इस तूफान की तीव्रता और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना बन रही है.
तटीय इलाकों से टकराने के बाद दिखेगा व्यापक असर
मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवाती तूफान और अधिक गहरा होने के बाद उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे लगे दक्षिणी ओडिशा के तट की ओर बढ़ेगा. 28 अक्टूबर की सुबह तक इसके इन दोनों राज्यों के तटीय इलाकों के बेहद करीब पहुंचने का अनुमान लगाया गया है. जब यह समुद्री तूफान तट के नजदीक पहुंचेगा, तब इसके आसपास के राज्यों में भी भारी मौसमी बदलाव साफ तौर पर दर्ज किया जाएगा. ओडिशा और आंध्र प्रदेश के साथ-साथ इसका बहुत बड़ा असर पड़ोसी राज्य झारखंड के वातावरण पर भी सीधा पड़ेगा.
झारखंड में 27 अक्टूबर से छाने लगेंगे घने बादल
झारखंड में इस चक्रवाती तंत्र का असर 27 अक्टूबर से ही दिखने लगेगा. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक 27 अक्टूबर से ही राज्य के आसमान में घने बादलों की आवाजाही काफी बढ़ जाएगी. दिन के समय धूप गायब हो सकती है और हवा में नमी का स्तर अचानक चढ़ने लगेगा. शुरुआती चरण में राज्य के दक्षिण-पूर्वी और उत्तर-पूर्वी इलाकों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश देखने को मिल सकती है. इसके साथ ही मध्य झारखंड के जिलों में भी बादलों का डेरा रहेगा और कुछ जगहों पर फुहारें पड़ सकती हैं.
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