नमाज पढ़ रहे व्यक्ति को लात मारकर डंडों से पीटा:माफी मांगने के बाद भी 'जय श्री राम' बुलवाया; मंदिर प्रबंधक बोले- 3 दिन से समझा रहा था
ऊधम सिंह नगर में खुले प्लॉट में नमाज पढ़ रहे एक मुस्लिम व्यक्ति को अटारिया मंदिर के प्रबंधक ने डंडो से पीटा। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें प्रबंधक मुस्लिम युवक को गालियां और धमकियां देकर लात और थप्पड़ मार रहे हैं। हालांकि जब पीड़ित हाथ जोड़कर माफी मांगता है तो उससे पहले “जय श्री राम” बुलवाया जाता है और फिर छोड़ दिया जाता है। वीडियो सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधक ने कहा- वो आदमी 3 दिन से लगातार नमाज पढ़ रहा था, एक दिन मना किया गया, नहीं माना। दूसरे दिन मना किया तो गाली गलौज करने लगा। तीसरे दिन भी उसको समझाया वो नहीं माना तो फिर मैंने उसे भगा दिया वहीं, दूसरी तरफ पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में पीड़ित ने ये भी आरोप लगाया है की उसके साथ मारपीट की गई और नारे ना लगाने पर नहर में फेंकने की धमकी दी गई। पहले पढ़िए वीडियो में क्या दिख रहा पीड़ित ने शिकायत में लगाए ये आरोप सिडकुल पुलिस चौकी में दी तहरीर मंगलवार रात राजमिस्त्री शाहिद मुस्लिम समाज के लोगों के साथ पंतनगर कोतवाली की सिडकुल पुलिस चौकी पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दी। रेशमबाड़ी निवासी शाहिद का आरोप है कि वह निर्माणाधीन स्थल के पास नमाज अदा कर रहे थे, तभी मंदिर प्रबंधक अरविंद शर्मा वहां पहुंचे और उन्हें लात मारकर गिरा दिया। गाली-गलौज और डंडों से हमला शाहिद के अनुसार उन्हें गंदी गालियां दी गईं और डंडों से पीटा गया। उन्होंने पुलिस को बताया कि नमाज के दौरान सलाम भी पूरा नहीं कर पाए थे कि उन पर हमला कर दिया गया। उनके मुताबिक उन्हें आठ-दस डंडे और दो- तीन लातें मारी गईं। धमकी और नारे लगवाने का आरोप पीड़ित का कहना है कि मारपीट के बाद उन्हें साइट पर ले जाकर उनकी बिरादरी को गालियां दी गईं और उनसे नारे लगवाए गए। नारे नहीं लगाने पर पास की नहर में फेंकने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब 5 प्वॉइंट्स में पढ़िए, मारपीट के बाद क्या बोले मंदिर प्रबंधक… शर्मा के साथ एक अन्य पर दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस ने अरविंद शर्मा और वीडियो में दिख रहे अन्य अज्ञात व्यक्ति पर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115, 351 और 351(3) लगाई हैं। धारा 115 का मतलब है किसी को जानबूझकर मारकर या धक्का देकर चोट पहुंचाना। धारा 351 धमकी देने से जुड़ी है, जबकि 351(3) तब लगती है जब किसी को जान से मारने या गंभीर नुकसान पहुंचाने की गंभीर धमकी दी जाए। ---------- ये खबर भी पढ़ें…. देहरादून-'ये कश्मीर नहीं, इन्हें मार दो' बोलकर कश्मीरियों को पीटा:नाबालिग का हाथ तोड़ा, आरोपी बोले- तुमने पहलगाम में हमारे लोगों को मारा देहरादून में दो कश्मीरी लड़कों को दुकानदार ने रॉड से पीटा। घायलों का आरोप है कि दुकानदार को जैसे ही पता लगा कि वो मुस्लिम हैं और कश्मीर से हैं तो वह भड़क गया और गाली-गलौज करता हुआ मारपीट करने लगा। (पढ़ें पूरी खबर)
जापान की संसद में AI इंजीनियरों की एंट्री:टी-शर्ट व पोनीटेल वाले नेता चर्चा में, कहते हैं राजनीति से सुस्ती दूर कर देंगे; ‘टीम मिराई’ ने 11 सीटें जीतीं, 30 लाख वोट भी
जापान की संसद में इन दिनों एक शख्स चर्चा में है... ताकाहिरो एनो। 35 साल के एनो सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और राजनीतिक पार्टी ‘टीम मिराई’ के प्रमुख नेता हैं। टीम मिराई यानी भविष्य की टीम। पार्टी को टेक इंजीनियर्स ने बनाया है। हाल के चुनावों में सबको चौंकाते हुए जापान की संसद (निचले सदन) में पार्टी ने 11 सीटें जीतीं। पार्टी ने राजनीतिक दिग्गजों को पछाड़कर 30 लाख वोट भी अपने खाते में बटोरे हैं, जबकि सिर्फ 14 ही प्रत्याशी उतारे थे। एनो कहते हैं,‘एआई आग की तरह है, जो सभ्यता को पूरी तरह बदल देगा। जहां पश्चिमी देश इस एआई को ‘टर्मिनेटर’ जैसा खतरनाक मानकर डरते हैं, वहीं जापान के लोग इसे ‘डोरेमोन’ जैसा मददगार और प्यारा दोस्त समझते हैं। विश्लेषकों का कहना है कि टीम मिराई की जीत की वजह उनका ‘प्रैक्टिकल’ होना है। उनका तरीका ‘न वामपंथी है, न दक्षिणपंथी’। जापान फोरसाइट के संस्थापक टोबियस हैरिस के अनुसार, वे सिर्फ समस्याओं को हल करने पर ध्यान देते हैं। उन्होंने लोकलुभावन वादों के बजाय जटिल मुद्दों को सुलझाने की बात की। 40 से 50 की उम्र के शहरी मतदाताओं ने उन्हें हाथों-हाथ लिया। जीते उम्मीदवारों में टोक्यो और बर्कले जैसे बड़े संस्थानों के पढ़े एक्सपर्ट और आईबीएम-सोनी के पूर्व कर्मचारी शामिल हैं। सिलिकॉन वैली में इंजीनियर रहे नवनिर्वाचित सांसद आओई फुरुकावा, कहते हैं,‘कोडिंग और कानून बनाना एक जैसा है, क्योंकि दोनों के लिए तर्क और सटीक संरचना की जरूरत होती है।’ प्रस्ताव समझाने के लिए चैटबॉट, 39 हजार सवालों के जवाब दिए टीम मिराई की कार्यशैली की झलक वादों में भी दिखी। इन्होंने चुनाव जीतने के हाई-टेक समाधानों पर जोर दिया। ड्राइवरलेस बसें लाना, राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता के लिए डिजिटल डेटाबेस बनाना, ताकि भ्रष्टाचार रुके। AI के जरिए सरकारी खर्चों में कमी करके मध्यम वर्ग को पेंशन व स्वास्थ्य बीमा में राहत जैसे वादे किए। पार्टी ने प्रस्ताव समझाने के लिए चैटबॉट भी शुरू किया। इसने 39 हजार सवालों के जवाब दिए और 6,200 से ज्यादा सुझाव जुटाए। बड़ी चुनौती संसद तक तो इंजीनियर्स पहुंच गए, लेकिन असली जंग अब शुरू हुई है। जापान की नौकरशाही आज भी ‘फैक्स मशीन’, ‘फ्लॉपी डिस्क’ और कागज के ढेरों पर टिकी है। संसद के कई कमरों में लैपटॉप और टैबलेट ले जाने पर पाबंदी है। बोर्ड पर ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ व ‘मशीन लर्निंग’ जैसे शब्द लिखने वाले इन युवा सांसदों को अब उन बुजुर्ग नेताओं के साथ काम करना होगा जो अब भी डिजिटल युग से दूर हैं। टीम मिराई का नारा है... सुस्त राजनीति को तेज बनाओ... इसने राजनीति के गलियारों में हलचल मचा दी है। आमतौर पर सफेद शर्ट और फॉर्मल सूट में दिखने वाले जापानी राजनेताओं के बीच अब ‘लाइन्स ऑफ कोड’ लिखी टी-शर्ट, पोनीटेल और इंडिगो सूट वाले चेहरे दिखने लगे हैं। संकेत साफ हैं कि भविष्य की राजनीति कोड, चैटबॉट व डेटा के सहारे भी लिखी जा सकती है।
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