T20 World Cup 2026: जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच से पहले टीम इंडिया को मिली खास सलाह, जानिए पूरा मामला
T20 World Cup 2026: भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप के पिछले दो एडिशन में लगातार 12 जीत के बाद पहली हार मिली. डिफेंडिंग चैंपियन इंडिया रविवार को अपने पहले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मैच में साउथ अफ्रीका से 76 रनों हार गई. अब जिम्बाब्वे के खिलाफ 26 फरवरी को उसके पास इस हार से उबरकर वापसी करने का मौका होगा. इस हार पर भारत के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर रवि शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है.
रवि शास्त्री ने टीम इंडिया को दिया जीत का गुरुमंत्र
शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू के लेटेस्ट एपिसोड में होस्ट संजना गणेशन से बात करते हुए कहा, 'आप लगातार 12 मैच जीतते हैं, तो एक खराब दिन तो आएगा ही. मुझे खुशी है कि यह जल्दी हो गया. शायद इंडिया को इसी बदलाव की जरूरत थी. इससे उन्हें आगे टीम के कंपोजिशन के बारे में अपनी स्ट्रेटेजी पर फिर से सोचने पर भी मजबूर होना पड़ सकता है. उन्होंने उस पिछले अनुभव से सीखा होगा कि वे चीजों को हल्के में नहीं लेंगे क्योंकि इस सुपर आठ में अगर आप एक और (मैच) हार जाते हैं, तो आप सच में खुद पर बहुत ज्यादा प्रेशर डाल रहे हैं'.
रवि शास्त्री ने आगे कहा, 'मैं कहूंगा कि दोनों ( अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर) को खिलाओ. खुद को वह एक्स्ट्रा ऑप्शन दो. क्योंकि किसी भी दिन आपके पास एक बॉलर जरूर होगा जिसका दिन खराब होगा. जैसे, रविवार को वरुण चक्रवर्ती का था. वह अपने बेस्ट फॉर्म में नहीं था और उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ी. अगर अक्षर पटेल खेल रहे हैं, तो वह नंबर 8 पर बैटिंग कर सकते हैं. आपके पास नंबर 5 पर हार्दिक पांड्या हैं, आपके पास नंबर 6 पर शिवम दुबे हैं, आपके पास नंबर 7 पर वाशिंगटन सुंदर हैं. अक्षर भी नंबर 5 पर जा सकते हैं'.
High intensity and focus ???? ????#TeamIndia putting in the work ahead of #INDvZIM ????#T20WorldCup | #MenInBlue pic.twitter.com/zjOtB9m7jS
— BCCI (@BCCI) February 25, 2026
पोंटिंग ने टीम में किस खिलाड़ियों को दें जगह
साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच के दौरान चर्चा का एक मुद्दा वाइस-कैप्टन अक्षर पटेल से आगे वाशिंगटन सुंदर का चयन था. रविवार को यह काम नहीं आया और भारतीय थिंक टैंक को अगर उन्हें अपना टाइटल बचाना है तो उस खास पहेली को जल्दी से हल करना होगा. इस पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने कहा, 'भारत को मैचअप सही करने की कोशिश करने के बजाय अपनी बेस्ट 11 खिलाने पर ध्यान देना चाहिए. साउथ अफ्रीका की टीम में लेफ्ट हैंडर्स की वजह से ऐसा है. लेकिन वहां कुछ राइट हैंडर्स भी हैं. यह बस कैप्टन की कला पर निर्भर करता है कि वह सही समय पर अक्षर का इस्तेमाल कर सके'.
पोंटिंग ने आगे बात करते हुए कहा, 'मैं बेसिक्स पर वापस जाउंगा. मैं बस उनके लाइनअप को देखूंगा. चेन्नई के हालात के लिए हमारी बेस्ट 11 कौन है?. अगर उसमें अक्षर पटेल है, तो बढ़िया. अगर उसमें कुलदीप यादव है तो भी बढ़िया. मैं उसे वापस लाने के बारे में सोचूंगा क्योंकि उसके लिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह लेफ्ट-हैंड है या राइट-हैंड है. वह रॉन्ग बॉलिंग कर सकता है और दोनों बैट्समैन के लेफ्ट-हैंड आउटसाइड एज से बॉल को दूर स्पिन करा सकता है'.
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पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के मजबूत व्यक्तिगत रिश्तों से बढ़ेगा भारत-इजरायल सहयोग: डेनियल रूबेनस्टीन
तेल अवीव, 25 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे पर पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के पूर्व सोशल मीडिया सलाहकार डेनियल रूबेनस्टीन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और पीएम मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंध बहुत मजबूत और महत्वपूर्ण हैं।
डेनियल रूबेनस्टीन ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल की आगामी यात्रा एक ऐतिहासिक यात्रा है। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री इजरायली संसद को संबोधित करेंगे। पिछले दशक में, जब से पीएम नरेंद्र मोदी ने आखिरी बार इजरायल का दौरा किया था, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में रक्षा, व्यापार, कृषि, चिकित्सा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंध बहुत मजबूत और महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यही संबंध सरकार के हर अन्य स्तर पर रिश्तों की दिशा तय करते हैं। जब हम देखते हैं कि हमारे बेंजामिन और प्रधानमंत्री मोदी एक-दूसरे के साथ अच्छे संबंध रखते हैं व एक-दूसरे के साथ समय बिताते हुए सहज हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
रूबेनस्टीन ने कहा, भारत हिंद महासागर के पास स्थित एक लोकतांत्रिक देश है। इजरायल भूमध्य सागर के पास स्थित एक लोकतांत्रिक देश है और हमारे बीच क्षेत्र में मौजूद पारस्परिक साझेदारों के माध्यम से व्यापार और विकास के अपार अवसर हैं। चाहे वह शिपिंग हो, कनेक्टिविटी हो या कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इजरायल और भारत के बीच व्यापार, सहयोग और आदान-प्रदान की अपार संभावनाएं हैं। मुझे आशा है कि यह यात्रा ऐसे संबंधों की सिर्फ शुरुआत है।
डेनियल रूबेनस्टीन ने कहा कि मुझे उन विशिष्ट समझौतों के बारे में जानकारी नहीं है जिन पर चर्चा होगी, लेकिन मैं आपको मौजूदा संभावनाओं के बारे में बता सकता हूं। भारत और इजरायल दो लोकतांत्रिक राष्ट्र हैं जो कठिन पड़ोस में रहते हैं और परिणामस्वरूप उन्हें अपनी रक्षा पर बहुत ध्यान देना पड़ता है। इजरायल एक छोटा देश है, लेकिन उसका रक्षा क्षेत्र बहुत बड़ा है और मुझे यकीन है कि रक्षा सहयोग पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा, भारत और इजरायल के बीच मजबूत रक्षा संबंधों के लिए कोई भी नया समझौता हमारे मित्रों और हमारे उन विरोधियों को एक संदेश देगा। जो कोई भी इजरायल या भारत के साथ अपना सहयोग बढ़ाना चाहता है, उसका स्वागत किया जाएगा और जो कोई हमारे खिलाफ खड़ा होगा, तो उसे उसके परिणाम भुगतने होंगे। मुझे पता है कि भारत और इजरायल के लोग आतंकवाद के खतरे को अच्छी तरह समझते हैं। हमारे दोनों देशों ने हाल के वर्षों में बड़े आतंकवादी हमलों का सामना किया है।
--आईएएनएस
डीसीएच/
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