IAS Transfer: ब्यूरोक्रेसी में बदलाव, 4 आईएएस अफसर इधर से उधर, तबादले का आदेश जारी
हिमाचल प्रदेश में नौकरशाही फेरबदल हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों का स्थानांतरण (IAS Transfer) किया है। HPPSC के सचिव बदले गए हैं। तबादले और नियुक्ति से संबंधित आदेश 24 अक्टूबर को राज्यपाल के नाम से मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने जारी किया है। सभी अफसरों को तत्काल प्रभाव से नया पदभार संभालने का निर्देश भी दिया गया है।
बैच 2010 के आईएएस अधिकारी डॉ यूनुस को सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, SWD और संसदीय मामले पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान में वह सचिव राज्य कर एवं उत्पाद शुल्क हिमाचल प्रदेश सरकार पद पर कार्यरत हैं। इसी के साथ बैच 2007 के आईएएस अधिकारी आशीष सिंघमार को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त भी कर दिया गया है।
HRTC के नए प्रबंध निदेशक कौन?
बैच 2016 के आईएएस अधिकारी राहुल कुमार को हिमाचल सड़क परिवहन निगम शिमला के प्रबंध निदेशक पद पर नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वह बिलासपुर उपायुक्त पद पर कार्यरत है। इसी के साथ आईएएस अधिकारी शिवम प्रताप सिंह प्रताप सिंह को एचआरटीसी प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
बैच 2017 के दो आईएएस अफसरों का तबादला
बैच 2017 की आईएएस अधिकारी निवेदिता नेगी, सचिव, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग का तबादला हुआ है। उन्हें उपायुक्त, लाहौल और स्पीति, जिला लाहौल और स्पीति पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं 2017 के आईएएस अधिकारी किरण भड़ाना, उपायुक्त लाहौल और स्पीति को उपायुक्त, बिलासपुर, जिला बिलासपुर पद पर नियुक्त किया गया है।
इससे पहले राज्य सरकार 3 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत आईएएस अधिकारी रजत बीटन कॉ विशेष सचिव वित्त पद पर नियुक्त किया था। वहीं 7 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत आईएएस अधिकारी विनय कुमार को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार गांधी कॉ मैनेजिंग डायरेक्टर, हिमाचल बैकवर्ड क्लासेस फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन पद की जिम्मेदारी सौंप गई थी।
हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की संपत्तियों पर लोकायुक्त जांच में नए खुलासे, दो महिलाओं के नाम 1.15 हेक्टेयर जमीन, बाजार मूल्य 2.30 करोड़
लोकायुक्त की आय से अधिक संपत्ति की जांच में इंदौर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान से जुड़ी संपत्तियों का नया ब्योरा सामने आया है। दरअसल जांच में अब तक 51 अचल संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। इनकी सरकारी गाइडलाइन के हिसाब से कीमत करीब 19.94 करोड़ रुपए है जबकि अनुमानित बाजार मूल्य 68.01 करोड़ रुपए बताया गया है। इसके अलावा देवास के राजोदा में दो महिलाओं के नाम पर खरीदी गई 1.15 हेक्टेयर कृषि जमीन की जानकारी भी जांच में शामिल की गई है।
लोकायुक्त के मुताबिक 24 अक्टूबर 2026 तक की जांच में फिरोज खान से संबंधित कुल 21.65 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति चिह्नित की गई है। इसमें अलग-अलग जमीन, प्लॉट, बैंक खातों में जमा रकम और अन्य संपत्तियों से जुड़ी जानकारी शामिल है। जांच के दौरान देवास की आदर्श कॉलोनी में दो प्लॉट और पिपलरावां में आरा मशीन होने का रिकॉर्ड भी सामने आया है। वहीं लोकायुक्त की टीम इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच कर रही है।
देवास में दो महिलाओं के नाम पर जमीन
वहीं जांच में सामने आया कि देवास जिले के राजोदा में रोशनी वर्मा और रानू कुशवाह के नाम पर 1.15 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी गई थी। यह जमीन 11 जून 2024 को पटवारी हल्का नंबर 68 में खरीदी गई थी। रजिस्ट्री में इसकी कीमत 1 करोड़ 65 लाख 2 हजार 498 रुपए दर्ज है जबकि लोकायुक्त ने जमीन का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2.30 करोड़ रुपए आंका है। दरअसल यह जमीन पहले से चिह्नित कृषि भूमि के अतिरिक्त जांच के दौरान सामने आई है। लोकायुक्त ने इससे जुड़ी जानकारी को संपत्तियों के ब्योरे में शामिल किया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित जमीन के दस्तावेजों में क्या जानकारी दर्ज है और संपत्ति खरीदने से जुड़े रिकॉर्ड क्या बताते हैं। वहीं इस मामले में अब तक चिह्नित 51 अचल संपत्तियों की गाइडलाइन के अनुसार कुल कीमत करीब 19.94 करोड़ रुपए बताई गई है। इन संपत्तियों का मौजूदा अनुमानित बाजार मूल्य करीब 68.01 करोड़ रुपए है। बाजार मूल्य और सरकारी गाइडलाइन के हिसाब से तय कीमत में बड़ा अंतर दर्ज किया गया है।
सर्च कार्रवाई के बाद सामने आईं संपत्तियों की जानकारी
दरअसल लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर 2026 को फिरोज खान के अलग-अलग आवासों और अन्य ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन में और डीआईजी मनोज कुमार सिंह तथा इंदौर लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के मार्गदर्शन में की गई थी। सर्च के बाद मिले रिकॉर्ड और आगे की जांच के आधार पर संपत्तियों का ब्योरा सामने आ रहा है। जांच के दौरान देवास के सीनियर राधागंज क्षेत्र की आदर्श कॉलोनी में दो प्लॉट की जानकारी मिली। इनमें प्लॉट नंबर 16ए का क्षेत्रफल 958 वर्गफीट और प्लॉट नंबर 45 का क्षेत्रफल 1,060 वर्गफीट है। रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों प्लॉट साहिल ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर खरीदे गए थे। प्लॉट नंबर 16ए की खरीद कीमत 8.74 लाख और प्लॉट नंबर 45 की कीमत 9.32 लाख रुपए दर्ज है। दोनों की मौजूदा अनुमानित बाजार कीमत मिलाकर करीब 60.54 लाख रुपए बताई गई है।
मां के नाम पर आरा मशीन
लोकायुक्त को बैंक से मिली जानकारी के अनुसार महाराजा रियल एस्टेट के बैंक खाते में 9.70 लाख रुपए जमा मिले हैं। जांच में अब तक अलग-अलग बैंक खातों में कुल 19.76 लाख रुपए जमा होने की जानकारी सामने आई है। इन खातों और उनसे जुड़े लेनदेन के रिकॉर्ड की जांच जारी है। इसके अलावा देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र के पिपलरावां में लकड़ी की आरा मशीन होने की जानकारी भी मिली है। इसे फिरोज खान की मां वहीदा खान के नाम पर 6 लाख रुपए में खरीदा गया था। लोकायुक्त इस संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रहा है।
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