यूपी में तीन नए एक्सप्रेसवे की तैयारी, 650 गांवों से गुजरेगा विकास का नया रास्ता, 15 हजार करोड़ में बनेगी बात
UP News: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर विकास की रफ्तार अब और तेज होने जा रही है. राज्य सरकार ने आम यात्रियों की सुविधा और माल ढुलाई के काम को नई गति देने के लिए एक साथ तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण का बड़ा फैसला लिया है. इन तीनों विशाल सड़क परियोजनाओं के लिए करीब 8,200 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया पर सरकारी खजाने से 15,000 करोड़ रुपये से भी अधिक की धनराशि खर्च होने का अनुमान लगाया गया है. सरकार की यह पहल प्रदेश के दूरदराज के इलाकों को आपस में जोड़ने के साथ ही औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा सहारा देगी.
तीन बड़े एक्सप्रेसवे का तैयार हुआ खाका
राज्य में शुरू होने जा रही इन परियोजनाओं में 320 किलोमीटर लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे, 145 किलोमीटर लंबा मेरठ हरिद्वार एक्सप्रेसवे और 100 किलोमीटर लंबा विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे शामिल है. इन तीनों ही मार्गों का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यूपीडा की देखरेख में पूरा किया जाएगा. शासन स्तर पर इन तीनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं के रूट और अलाइनमेंट को अंतिम रूप दे दिया गया है.
गांवों से गुजरेगा तरक्की का नया गलियारा
योजना के मुताबिक ये नए एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के करीब 650 गांवों और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की सीमाओं से होकर गुजरेंगे. जमीन की जरूरत के लिहाज से देखें तो विंध्य एक्सप्रेसवे इस पूरी योजना की सबसे बड़ी कड़ी है. अकेले इस मार्ग के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के 109 गांवों से लगभग 4,615 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना तय हुआ है. यह मार्ग गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, भदोही और मिर्जापुर होते हुए सीधे सोनभद्र जिले तक विस्तार देगा. सोनभद्र जैसे खनिज और ऊर्जा संपन्न जिले के सीधे जुड़ने से पूरे इलाके में व्यापार और रोजगार के नए अवसर खड़े होंगे.
मेरठ से हरिद्वार तक की राह होगी आसान
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच धार्मिक और पर्यटन यात्रा को सुगम बनाने के लिए मेरठ हरिद्वार एक्सप्रेसवे को तैयार किया जा रहा है. यह मार्ग गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से आगे बढ़ाते हुए सीधे हरिद्वार तक लेकर जाएगा. इस खास प्रोजेक्ट के लिए पश्चिमी यूपी के अमरोहा और बिजनौर जिलों के 184 गांवों के साथ उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कुछ हिस्सों से लगभग 2,020 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी. इसके तैयार होने से दिल्ली एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सफर करने वाले यात्रियों को भारी जाम से मुक्ति मिल सकेगी.
एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि वर्तमान में चल रहे और आने वाले नए एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को वर्ष 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को पूरा करने में रीढ़ की हड्डी साबित होंगे. बेहतर सड़कों के माध्यम से कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामानों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा. इससे माल ढुलाई की लागत में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर नए उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा.
कनेक्टिविटी के नए युग में प्रवेश करता प्रदेश
राज्य में आधुनिक सड़क तंत्र के विस्तार का यह सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है. हाल ही में 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था. अब उसी विशाल नेटवर्क को विंध्य और मेरठ हरिद्वार जैसे नए मार्गों से जोड़कर पूरे प्रदेश में एक मजबूत और निर्बाध सड़क तंत्र खड़ा करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. इन तीनों नए एक्सप्रेसवे के धरातल पर उतरने के बाद उत्तर प्रदेश देश भर में आधुनिक सड़क अवसंरचना के मामले में एक मिसाल के रूप में उभरेगा.
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सुकन्या-स्कीम में 3 बेटियों के लिए भी अकाउंट खोल सकेंगे:सिर्फ मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा, जानें ₹2.15 करोड़ फंड बनाने का तरीका
अगर आपके घर में 3 बेटियां हैं, तो यह खबर आपके काम की है। आमतौर पर सरकार की 'सुकन्या समृद्धि योजना' में एक परिवार की सिर्फ दो बेटियों का ही खाता खुल सकता है, लेकिन अगर आपके घर में जुड़वां या एक साथ तीन बच्चियों ने जन्म लिया है, तो आप तीसरी बेटी का भी खाता खुलवा सकते हैं। इस योजना में सही तरह से पैसे जमा करके आप तीनों बेटियों के लिए कुल मिलाकर ₹2.15 करोड़ तक का फंड तैयार कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा। 1. खाता कब खुलेगा और कब नहीं, समझें नियम वित्त मंत्रालय के मुताबिक, तीसरी बेटी का खाता खुलेगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चियों का जन्म किस क्रम में हुआ है:
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