'क्या वाकई वो चले गए?', धर्मेंद्र के बिना अधूरी हैं हेमा मालिनी, हर मिनट आता है ख्याल, पूछ बैठीं- फिर कब मिलोगे?
79वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म पुरस्कार यानी बाफ्टा में धर्मेंद्र को ‘इन मेमोरियम’ श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद हेमा मालिनी भावुक हो उठीं. उन्होंने कहा कि वह उन्हें हर मिनट याद करती हैं और अक्सर खुद से पूछती हैं, 'क्या वाकई वो चले गए? फिर कब मिलोगे?'. हेमा ने बताया कि विदेशों में भी धर्मेंद्र का जबरदस्त क्रेज था. उनका मानना है कि उनका प्रभाव सरहदों से परे था और यही वजह है कि यह सम्मान दिल को छू गया.
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