IND vs ZIM: जिम्बाब्वे के खिलाफ बदल सकती है भारत की प्लेइंग-11, इन 2 खिलाड़ियों की छुट्टी तय
IND vs ZIM: टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 राउंड में टीम इंडिया को रविवार को साउथ अफ्रीका के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा. उस मैच में टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने काफी निराश किया और पूरी टीम 111 के स्कोर पर ही ऑलआउट हो गई. इसके बाद से क्रिकेट के गलियारों में इसी मैच की चर्चा हो रही है और संभव है कि अगले मैच की प्लेइंग-11 में बदलाव देखने को मिलेंगे. तो आइए इस आर्टिकल में आपको 2 बदलाव के बारे में बताते हैं, जो भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव अगले मैच में कर सकते हैं.
संजू सैमसन की हो सकती है वापसी
जिम्बाब्वे के साथ खेले जाने वाले मुकाबले में टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन की प्लेइंग-11 में वापसी हो सकती है. जी हां, लगातार संघर्ष कर रहे अभिषेक शर्मा को अंतिम ग्यारह से बाहर किया जा सकता है. अभिषेक के लिए ये टूर्नामेंट अब तक बेहद निराशाजनक रहा है. 4 मैचों में से 3 में तो अभिषेक डक पर आउट हुए थे और फिर चौथे मैच में उन्होंने 12 गेंद पर 15 रन बनाए. ऐसे में अब बेंच पर बैठे संजू सैमसन को ईशान किशन के साथ ओपनिंग करने का मौका मिल सकता है.
South Africa win by 76 runs in Ahmedabad. #TeamIndia set their sights on a turnaround in the next game.
— BCCI (@BCCI) February 22, 2026
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अक्षर पटेल को मिल सकता है मौका
साउथ अफ्रीका के साथ सुपर-8 में खेले गए मुकाबले में टॉस पर कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा था कि अक्षर पटेल के लिए बुरा लग रहा है. उन्होंने वॉशिंगटन सुंदर के साथ जाने का फैसला किया था. मगर, वॉशी कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में एक बार फिर अक्षर पटेल की प्लेइंग-11 में वापसी हो सकती है.
अक्षर न केवल अपने स्पेल से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशान करेंगे बल्कि बल्ले से भी वह टीम के लिए अहम रन बना सकते हैं, जो उन्होंने पहले भी किया है. इसलिए अब टीम मैनेजमेंट अगले मैच में भारत की प्लेइंग-11 में ये 2 बड़े बदलाव कर सकता है.
ऐसी हो सकती है भारत की संभावित प्लेइंग-11
भारत : संजू सैमसन, ईशान किशन (विकेट कीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती
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'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के लिए गुणवत्ता बने विकास का मूलमंत्र: पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि अगर भारत को अपने दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करना है, तो गुणवत्ता को विनिर्माण और निर्यात व्यवस्था का मुख्य आधार बनाना होगा।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) द्वारा आयोजित पहले राष्ट्रीय गुणवत्ता सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट का विजन अमृत काल में भारत की विकास यात्रा का मार्गदर्शन करना चाहिए और विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में मदद करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, भारत केवल उपभोक्ता देश बनकर आगे नहीं बढ़ सकता। देश को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं का वैश्विक निर्माता बनना होगा। ब्रांड इंडिया विश्वसनीयता, भरोसे और उत्कृष्टता का प्रतीक बनना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि अगले छह से सात वर्षों में 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य, जिसमें 1 ट्रिलियन डॉलर वस्तुओं का और 1 ट्रिलियन डॉलर सेवाओं का निर्यात शामिल है, को हासिल करने के लिए भारतीय उत्पादों को वैश्विक मानकों पर खरा उतरना होगा।
गोयल ने बताया कि पिछले तीन से साढ़े तीन वर्षों में भारत ने 38 विकसित देशों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं, जो वैश्विक जीडीपी और व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से को कवर करते हैं।
उन्होंने कहा कि इन समझौतों से वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर और दवा उद्योग जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलते हैं, लेकिन इन बाजारों का पूरा लाभ उठाने के लिए भारतीय कंपनियों को लगातार उच्च गुणवत्ता बनाए रखनी होगी।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि श्रम-प्रधान क्षेत्रों में क्षमता होने के बावजूद वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी अभी भी सीमित है।
गोयल ने उद्योग जगत से अपील की कि वे बेहतर बाजार पहुंच का लाभ उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि भारत में बिकने वाले उत्पादों की गुणवत्ता निर्यात किए जाने वाले उत्पादों के समान हो।
उन्होंने कहा कि पहले ऐसा समय था जब उपभोक्ता एक्सपोर्ट क्वालिटी उत्पाद मांगते थे। अब देश को दोहरी गुणवत्ता प्रणाली खत्म कर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए समान मानक अपनाने होंगे।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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