इधर पुतिन ने की Peace की बात, उधर यूक्रेन पर कर दी मिसाइलों की बरसात! 3 घंटे में जेलेंस्की के 32 अड्डे उड़ाए
रूस के राष्टपती पुतिन ने युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत दोबारा शुरू करने पर सहमती जताई और इसके कुछ दिर बाद ही युक्रेन पर बड़ा हमला भी कर दिया। युक्रेन की राजधानी कीव पर बमबारी कर दी गई। कई हमारतों को बर्बाद कर दिया गया, तबाह कर दिया गया। कीव के अलावा युक्रेन के दूसरे इलाकों में भी एर स्ट्राइक कर दी गए और इसमें 9 लोगों के मारे जाने की खबर आई। 50 से जादा लोग घायल हो गए, क्योंकि रूस की सेना ने ड्रोन और मिसाइलों की बोचार कर दी कीव पर, ताबर तोड धमाके कर दी, युक्रेन की धरती को बुरी तरह देहला दिया। इसके कुछ देर पहले ही पुतिन में ये संकेत दिये थे कि लड़ाई जल्द ही खत्म हो सकती है उन्होंने अमेरिका से डॉनल्ड ट्रम के भेजे एक प्रतनीदी मंडल से मुलाकात की थी बैठक की तीन घंटों तक चर्चा की और एलान किया कि वो एक बार फिर शांति वार्ता के लिए तयार हैं अमेरिका की मध्यस्थता में यूक्रेन के साथ बातचीत करने के लिए तयार हैं ताकि साढ़े चार साल से ज्यादा वक्त से जो यह जंग चल रही है, इसे रोका जा सके। लेकिन इस घोषणा के कुछ घंटे बाद ही उनकी फौज ने यूक्रेन पर जबरदस्त अटैक कर दिया बम की तरह फटने वाले दर्जनों आत्मघाती ड्रोन दाग दिये। क्रूज मिसाइलें दाग दिये। बिलिस्टिक मिसाइलें तक दाग दिये।
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यूक्रेन की अखवार द कीव इंडिपेंडन्ट ने रिपॉर्ट दी कि रूस की फौज ने एक एक साथ 32 जगहों को निशाना बनाया और भयंकर बमबारी कर दी। युक्रेन की राजधानी कीव पर अटैक किया, खारकीव पर अटैक किया। रूस से दागी गई मिसाइलें, युक्रेन में जहां भी गिरी, वहाँ तबाही मच गई, जिन इमारतों पर गिरी, उन्हें तहस नहस कर दिया, आग लग गई और सब कुछ जल कर राक हो गया। रूस के इन हमलों में नौ लोगों की जान चले गई, पचास से जादा लोग बुरी तरह जखमी हो, इधर सऊदी अरब में, हूती लडाकों के हमले तेज होने के बाद, अमेरिका ने अपने राजनयिकों को आदेश जारी कर दिया कि वो तुरंत सऊदी अरब छोड़ दें, अपने परिवार के साथ महां से निकल जाएं, ऐसे वक्त में यह आदेश जारी हुआ जब हूती लडाकों ने सऊदी अरब के एक और एयरपोर्ट को निशाना बनाया, एक और तेल ठिकाने को निशाना बनाया, खतरनाक ड्रोन से हुए इन हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई।
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अमेरिका के विदेश विभाग ने बड़ा कदम उठाया, उसने अपने राजनयिकों को आदेश दे दिया कि वो बिना देरी किये वहां से निकल जाए, दूतावास खाली कर दे, अपने परिवार को भी साथ ले, अमेरिका ने संभावित नए हमलों को लेकर सुरक्षा चेतावनी भी जारी की, उसने अपने अधिकारियों और उनके परिवार वालों की सुरक्षा को सबसे जरूरी बताए। हूती लड़ाकों ने ड्रोन से पहला हमला दसऊदी अरब के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किया। हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई, दस से जादा लोग घाय लोग थोड़ी दिर बाद, UAE की सीमा के नस्दीक साओधीय रामको के एक तेल ठिकाने पर हमला हो गया, यमन के हुती लडाकों ने उन दोनों जगहों पर ड्रोन से तबाही मचाई।
अब फुल फॉर्म में आया ईरान, एक ही रात में ठोक डाले 7 जहाज, ट्रंप को फिर चुनौती
अमेरिकी दावों जिनमें बार-बार कहा गया कि हमने होर्मुज से ईरान के प्रबुत्व को कमजोर कर दिया है। उनकी सच्चाई पर सवाल तब उठ रहे हैं जब स्टेट ऑफ होर्मुज में रातोंरात सात तेल टैंकरों पर हमला हुआ और सातों में आग लग गई। मीडिया रिपोर्ट बता रही है कि यह टैंकर बीच समंदर में टूट चुके हैं और धधक रहे हैं। इन जहाजों को या तो ईरान ने निशाना बनाया या फिर वह बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए। लेकिन इस वाक्य से साबित हो गया है कि होर्मुज पर ईरान का दबदबा था और दबदबा है। हालांकि एक ही रात में होर्मुज में सात टैंकरों पर हमले की तस्दीक नहीं हो पा रही है। इसकी वजह बताई जाती है कि कुछ शिपिंग कंपनियां तो ऐसे हमलों की रिपोर्ट से भी कतरा जाती हैं। इस बीच ईरान की आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा है कि उनकी नेवी होर्मुज स्टेट की निगरानी और कंट्रोल जारी रखे हुए हैं। पहले भी उन शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी गई थी जिन्हें अमेरिकी सेना ने गुमराह किया था और जिन्होंने गैर कानूनी समुद्री रास्तों का इस्तेमाल किया था। आईआरजीसी ने अपने बयान में अमेरिका पर निशाना साधा। उनका कहना था कि अमेरिकी प्रशासन लगातार जहाजों को म से भरे बताए गए गैरकानूनी रास्तों से गुजरने के लिए उकसा रहा है जिससे इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं। बयान में चेतावनी दी गई है कि यदि यह टकराव जारी रहा तो इसका असर मौजूद अमेरिकी अड्डों तक पहुंच सकता है।
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आईआरजीसी ने इसे अमेरिका के लिए एक गंभीर चेतावनी बताया है। इस बीच ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हातमी ने कहा है कि हम असीमित युद्ध यानी कि एस्मैटिक वारफेयर और इसके लिए जरूरी हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि ड्रोन तकनीक और इंसान के बिना उड़ने और चलने वाली मशीनों पर हमने कमांड हासिल कर ली है। ईरान ने एक रात में सात जहाज मारने का दावा किया है और सिर्फ 6 दिन पहले भी फारस की खाड़ी का नीला समंदर काला धुआं उठा रहा था। एक तेल टैंकर जो धू-धू करके यहां जल रहा था और ईरानी मीडिया प्रेस टीवी ने उस समय भी दावा किया था कि ईरान की आईआरजीसी नेवी ने ऐलान किया है कि समंदर में लगे सेंशंस को पार करने वाले एक तेल टैंकर ने अपने ट्रैकिंग सिस्टम को बंद करके होर्मुज के उस इलाके से गुजरने की जानबूझकर कोशिश की जिसे ईरान ने प्रतिबंधित इलाका घोषित कर रखा है। फिर प्रेस टीवी ने ईरान की नेवी के हवाले से सिर्फ इतना लिखा कि टैंकर में आग लग गई। ईरान, अमेरिका, जंग और उसके बाद भी लगातार हॉर्मोस को लेकर बने तनाव पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट कहते हैं कि ईरान के यह इशारे हैं कि समंदर के भीतर ईरान के जरिए बिछाई गई समुद्री माइंस किस कदर एक्टिव हैं। अब तो खबर यह भी आ रही है कि अगर जंग बढ़ती है या तनाव बढ़ता है तो समंदर के नीचे बिछे हुए जो तार हैं जिससे इंटरनेट सेवाएं दी जाती हैं उन पर भी ईरान हमला कर सकता है। ईरान के तेवर बता रहे हैं कि वह रत्ती भर भी टस से मस नहीं हुआ है अपने इरादों से। वहीं इस बार ईरान का दावा है कि उसने होर्मुज से गुजर रहे सात जहाजों को इसलिए मारा क्योंकि उन्हें फारस की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में तेल के कारगो एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर करते हुए पाया गया था। इसके बाद इन चारों जहाजों को एक साथ निशाना बनाया गया। उनमें आग लग गई। जबकि तीन जहाज बारूदी सुरंगों से जाकर टकरा गए।
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अमेरिका और इसराइल के साथ जारी भयानक महासंग्राम के बीच ईरान तो कतई झुकने को तैयार नहीं है। अपने 22,000 पाउंड वजनी महाविनाशकारी जीयू43 बाय बी यानी एमओएवी माने मदर ऑफ ऑल बम्स को दागने का प्लानिंग कर रहे हैं। वहीं तेहरान से आई इस खौफनाक चेतावनी ने पेंटागन के होश उड़ा दिए। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी के मुताबिक इस्लामिक रिवोलशनरी गार्ड कॉब्स के प्रवक्ता हुसैन मोहबी ने वाशिंगटन को सीधे ललकारते हुए कहा अगर अमेरिका के पास मदर ऑफ ऑल बम्स है तो हम उन्हें फादर ऑफ ऑल बम्स दिखाएंगे और यह उनके लिए एक ऐसा बिल्कुल नया और भयानक तजुर्बा होगा जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे। द न्यूयॉर्क टाइम्स की सनसनीखेज रिपोर्ट की माने तो अमेरिका नवंबर के शुरुआती हफ्ते तक फारस की खाड़ी में अपनी सैन्य ताकत का ऐसा सैलाब जुटाने जा रहा है जिसमें तीन-तीन विमान वाहक पोत हजारों मरीन कमांडो फाइटर जेट्स और स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेस शामिल हैं। अमेरिका इस विशाल सैन्य घेराबंदी के दम पर ईरान को बातचीत के मेज पर झुकाना चाहता है ताकि परमाणु कार्यक्रम और होरमू जलडमरू मध्य पर अपना कब्जा जमा सके। लेकिन ईरानी वार्ताकारों ने परमाणु समझौते पर रत्ती भर भी रियायत देने से साफ तौर पर इंकार कर दिया।
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