अफगानिस्तान के अंदर पाकिस्तान की हालिया स्ट्राइक ने दोनों देशों के बीच तनाव को फिर से चरम पर पहुंचा दिया है। दोनों देश अब आमने-सामने हैं और इसी बवाल के बीच भारत भी तालिबान के समर्थन में कूद पड़ा है। भारत ने ना केवल इन हमलों की निंदा की बल्कि पाकिस्तान को जमकर लताड़ा है। भारत ने इसे पाकिस्तान की घरेलू विफलताओं से ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश करार दिया है। दरअसल भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी करते हुए कहा कि रमजान के पवित्र महीने में पाकिस्तान द्वारा किए गए इन हमलों में महिलाओं और बच्चे समेत आम नागरिकों की मौत होना बेहद निंदनीय है। भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपने आंतरिक समस्याओं और सुरक्षा मोर्चे पर अपनी नाकामी को छिपाने के लिए पड़ोसी देश की संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है।
भारत ने एक बार फिर दोहराया कि वो अफगानिस्तान की सोवनिटी यानी संप्रभुता और टेरिटोरियल इंटीग्रिटी यानी क्षेत्रीय अखंडता के साथ मजबूती से खड़ा है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान इस हमले के बाद अब सफाई देने में जुटा हुआ है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इस कार्रवाही का बचाव किया है। इस्लामाबाद का दावा है कि उसने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर अफगानिस्तान के भीतर तहरीक तालिबान यानी टीटीपी और इस्लामिक स्टेट आईएसपी के सात ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि बन्नु और बजोर में हुए आतंकी हमलों के तार अफगान हैंडलर से जुड़े थे। जिसके जवाब में यह कार्रवाई जरूरी थी। पाकिस्तान ने अफगान तालीबान पर आरोप लगाया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद काबुल अपनी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकियों को करने से रोकने में नाकाम रहा है। लेकिन काबुल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक को अंतरराष्ट्रीय कानून और देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। साथ ही उचित और सोच समझकर जवाब देने की चेतावनी भी दी है। अफगानिस्तान का कहना है कि उसकी जमीन और नागरिकों की रक्षा करना उसका धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है। दरअसल पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान और अफगान तालिबान के रिश्तों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। इस्लामाबाद का आरोप है कि काबुल अपनी जमीन से संचालित पाकिस्तान विरोधी आतंकियों पर कोई कारवाई नहीं करता।
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मुनीर का जासूस नंबर एक नाम अजीजुल हक है। मुनीर का जासूस नंबर दो नाम मोहम्मद जहलुदुल इस्लाम।मुनीर का जासूस नंबर तीन नाम एमडी उजाद। मुनीर का जासूस नंबर चार नाम मिजानूर रहमान है। मुनीर का जासूस नंबर पांच नाम एमडी लिटन है। मुनीर का जासूस नंबर छह नाम एमडी उमर फारूक। यह सभी आसिम मुनीर के जासूस रहते हिंदुस्तान में थे। खाते हिंदुस्तान का थे। लेकिन ये सभी हिंदुस्तान के दुश्मन नंबर एक मुनीर के लिए काम करते थे। पाकिस्तान के लिए जासूसी करते थे। हिंदुस्तान को दहलाने की साजिश रच रहे थे। हिंदुस्तान में रहकर पाकिस्तान के लिए काम करने वाले मुनीर के आठ जासूसों को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा है। इनमें से छह को पुलिस ने तमिलनाडु से पकड़ा है। जबकि दो की गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल से हुई है।
पकड़े गए सभी संदिग्ध बांग्लादेशी हैं। यह सभी अपनी पहचान छिपाकर फर्जी आधार कार्ड के जरिए तमिलनाडु के एक गारमेंट कंपनी में काम कर रहे थे। लेकिन इनका असली काम सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट से पाकिस्तान के समर्थन में पोस्ट करना था। सोशल मीडिया पर आसिम मुनीर की वाहवाही करते थे। आतंकी संगठनों के समर्थन में पोस्ट करते थे। यह हिंदुस्तान के खिलाफ जहर उगलते थे। एंटी इंडिया पोस्टर चिपकाते थे और जो इनके पोस्टर पर कमेंट करता उन्हें यह अपनी आतंकी दस्ते में शामिल करने की कोशिश करते थे। पकड़े गए सभी संदिग्धों की मदद से पाकिस्तान में बैठे आतंकी देश में धमाके की बड़ी साजिश रच रहे थे।
आपको बता दें कि जितने भी आतंकी पकड़े गए हैं उनमें सबसे बड़ी चीज यह है कि वो सभी पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स के जरिए काम कर रहे थे। इतना ही नहीं बाहर से जो फॉरेन टेररिस्ट की जो यहां पर प्लानिंग थी यहां लेकर आने की और उसके बाद बड़ी साजिशें करने की प्लानिंग थी यह भी यही रच रहे थे।
अगर दिल्ली पुलिस इन्हें नहीं पकड़ती तो ये हिंदुस्तान को दहलाने की पूरी तैयारी कर चुके थे। यह लोगों की भावनाओं को भड़का कर दंगा कराने की प्लानिंग भी कर रहे थे। इसके लिए सोशल मीडिया के जरिए जहरीले भड़काऊ पोस्ट लगातार डाल रहे थे। किसी बड़ी अनहोनी घटना को प्रिवेंट कर लिया गया है। इससे पहले यह कुछ कर पाते। टीम जो है फिर तमिलनाडु गई और वहां पर तमिलनाडु पुलिस की हेल्प से छह लोगों को और जो कि सभी के सभी बांग्लादेश नेशनल्स हैं उन छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।
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