पोस्टल नेटवर्क को भविष्योन्मुख बनाने के लिए भारत-ब्राजील समझौता, ई-कॉमर्स पर फोकस
नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और ब्राजील ने अपनी साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला दा सिल्वा की भारत यात्रा के दौरान पोस्टल सेवाओं में सहयोग बढ़ाने और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को गति देने वाले एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर हुए, जो ई-कॉमर्स और समावेशी विकास को मजबूत करेंगे। संचार मंत्रालय ने रविवार को इसकी जानकारी दी।
एमओयू पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और ब्राजील के उनके समकक्ष फ्रेडरिको डी सिक्वेरा फिल्हो ने हस्ताक्षर किए। समझौता ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा के भारत दौरे के दौरान हुआ था।
यह समझौता भारत के डाक विभाग और ब्राजील के संचार मंत्रालय के बीच सहयोग के लिए एक बड़ा फ्रेमवर्क बनाता है।
मंत्रालय ने कहा कि यह उनकी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और डाक के क्षेत्र में अनुभव और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान पर फोकस करता है।
एमओयू के तहत, दोनों देश डाक नीति और संचालन में उत्तम तरीकों का इस्तेमाल करेंगे। वे यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन को मजबूत करने और एड्रेसिंग सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
इस समझौते में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स और पोस्टल फाइनेंशियल सर्विसेज में सहयोग करना भी शामिल है।
भारत बड़े पैमाने पर पोस्टल सुधारों, खासकर डिजिटल सर्विसेज, ई-कॉमर्स डिलीवरी और जन-केंद्रित पब्लिक सर्विसेज में अपना अनुभव शेयर करेगा।
इस साझेदारी से दोनों पक्षों को परिचालन दक्षता में सुधार करने और अपने पोस्टल नेटवर्क की वित्तीय क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। दोनों देश ट्रेनिंग प्रोग्राम, अधिकारियों और विशेषज्ञों के एक्सचेंज विजिट, और जॉइंट वर्कशॉप के जरिए क्षमता विकास पर भी फोकस करेंगे।
दोनों पक्ष यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन समेत बहु मंचों में समन्वय स्थापित करने पर भी सहमत हुए हैं।
मंत्रालय का बयान है कि एमओयू दोनों देशों के पोस्टल नेटवर्क को भविष्योन्मुख बनाने की प्रतिबद्धता दर्शाता है, जहां ये सिस्टम आर्थिक विकास, वित्तीय समावेशन और लास्ट-माइल डिलीवरी के सशक्त साधन बनेंगे।
यह समझौता पांच साल तक रहेगा, जिसमें ऑटोमैटिक रिन्यूअल की व्यवस्था भी होगी, और इसे दोनों देशों के कानूनों के अनुसार लागू किया जाएगा।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
कोर्ट के फैसले ने बिगड़ा ट्रंप के ट्रैरिफ का गणित, ट्रेड डील पर होने वाली भारत-अमेरिका के बीच बैठक स्थगित
India-US Trade Deal News Update: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ का गणित बिगड़ चुका है. ऐसे में बीते कई दिनों से भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील पर भी असर पड़ा है. अगले सप्ताह दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर होने वाली बैठक को स्थगित कर दिया गया है. दरअसल,अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रंप की टैरिफ नीति को खारिज कर दिया था. यह डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़े झटके की तरह था.
इस दौरान ट्रंप ने एक दूसरे कानून के तहत पहले 10 फीसदी और उसके बाद बढ़ाकर 15 फीसदी टैरिफ लगाने का आदेश दिया. भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय ट्रेड डील पर सहमति बन गई है. इसके तहत अमेरिका की ओर से भारत के सामानों पर 18 फीसदी टैरिफ लगाने की बात सामने आई थी. मगर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अनिश्चितता के हालात पैदा हो गए. इस कारण अगले सप्ताह ट्रेड डील पर होने वाली वार्ता को स्थगति कर दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत पर फैसला दिया
यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद सामने आया है. इसने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापक टैरिफ नीति को पूरी तरह से खारिज कर दिया. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत पर फैसला दिया. उसने कहा कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने की शक्ति प्रदान नहीं करता है.
चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स अगुवाई वाली पीठ का कहना था कि IEEPA के तहत लगाए गए रेसिप्रोकल और ड्रग ट्रैफिकिंग से संबंधित टैरिफ अवैध हैं. यह ट्रंप के लिए बड़े झटके की तरह था. इन टैरिफ से अमेरिका ने भारत समेत कई देशों पर भारी ड्यूटी लगाई थी.
ट्रंप ने की जवाबी कार्रवाई
अदालत के निर्णय के तुरंत बाद ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई की. शुक्रवार को उन्होंने एक नए आदेश से सभी देशों पर 10 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ लगाया. ये 24 फरवरी से 150 दिनों के प्रभावी होने वाला था. शनिवार को उन्होंने इसे बढ़ाकर 15 फीसदी किया. इस कानून के तहत यह अधिकतम सीमा है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह उन देशों के खिलाफ है जो दशकों से अमेरिका का शोषण कर रहे हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation

















