CM योगी का विपक्ष पर तीखा हमला, बोले – ‘राम मंदिर के लिए जेब से एक पैसा नहीं निकला, रामभक्तों की आस्था का सम्मान…’
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की प्राथमिकताओं और विपक्ष पर अपने रुख को स्पष्ट किया। दरअसल उन्होंने राम मंदिर विवाद, किसानों, युवाओं, महिलाओं और आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों पर बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास और जनहित के एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है, जबकि विपक्ष पर केवल आरोप लगाने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
दरअसल सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में रोजगार, निवेश, कृषि, महिला सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि संवाद और जनप्रतिनिधियों से मिले सुझावों के आधार पर कई योजनाएं बनाई गईं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा और विधान परिषद जनहित के मुद्दों पर चर्चा का सबसे अहम मंच हैं और मानसून सत्र में इन्हीं विषयों पर सार्थक बहस होनी चाहिए।
विपक्ष पर CM योगी का बड़ा बयान
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। दरअसल उन्होंने कहा कि जो नेता आज मंदिर के चढ़ावे और अन्य मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, उन्होंने मंदिर निर्माण के समय कभी सहयोग नहीं किया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ी गई थी और अब वही लोग नए आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रामभक्तों की आस्था का सम्मान होना चाहिए और धार्मिक मुद्दों पर राजनीति से बचना चाहिए। हालांकि विपक्ष लगातार सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करता रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चर्चा जरूरी है, लेकिन विकास और जनहित के मुद्दे प्राथमिकता में रहने चाहिए। इसी दौरान उन्होंने 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी से भव्य तिरंगा यात्रा निकालने का आह्वान भी किया।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार की नई प्राथमिकताएं
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नया कमीशन लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके साथ ही न्यूनतम मानदेय तय करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है, जिससे आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कर्मचारी, रसोइये और ग्राम चौकीदार जैसे वर्गों को लाभ मिल सके। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार ने सिंचाई, फसल बीमा, मुफ्त बिजली और गन्ना भुगतान जैसे क्षेत्रों में लगातार काम किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के किसान अब पहले की तुलना में अधिक उत्पादन कर रहे हैं और कृषि निर्यात भी बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और निवेश आधारित अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर सरकार लगातार काम कर रही है।
MP Weather: दतिया-सतना समेत 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर में रिमझिम के आसार, प्रदेश में अब भी 18% कम बारिश
मध्य प्रदेश के मौसम में आज से बदलाव देखने को मिलेगा। चक्रवाती परिसंचरण, ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मानसून एक बार फिर सक्रिय होने लगा है। बुधवार को 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है वहीं 45 से ज्यादा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इस दौरान आकाशीय बिजली चमकने व गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चल सकती है। 6 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी। 7 और 8 अगस्त को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अच्छी बारिश का अनुमान है।
बुधवार को 5 जिलों में भारी बारिश, अन्य शहरों में रिमझिम
- दतिया, भिंड, छतरपुर, पन्ना और सतना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
- भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।
MP में सामान्य से 18% पानी गिरा, 43 जिलों की स्थिति कमजोर
- 1 जून से 3 अगस्त 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 18 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। अब तक औसतन 16 इंच ( 407.2 मिमी) बारिश हुई है जबकी इस अवधि में 19.5 इंच (495.2 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश औसत से 22% और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 14% कम पानी गिरा है।
- 55 जिलों में से 43 जिलों की स्थिति चिंताजनक हैं। खास करके जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग के जिले सबसे कमजोर स्थिति में हैं।
- बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। देवास में सबसे ज्यादा करीब 29 इंच बरसात हुई है।
- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी कम बारिश हुई है।
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