Rose Plant Care: गर्मी में मुरझा जाता है गुलाब? इस तरीके से देखभाल करें, ताजे फूलों से लदा रहेगा प्लांट
Rose Plant Care: गुलाब को फूलों का राजा कहा जाता है, लेकिन तेज गर्मी पड़ते ही यही गुलाब मुरझाया और कमजोर नजर आने लगता है। कई बार पत्तियां पीली पड़ जाती हैं, कलियां गिरने लगती हैं और पौधा बढ़ना बंद कर देता है। दरअसल, गर्मियों में सही देखभाल न मिलने पर गुलाब हीट स्ट्रेस का शिकार हो जाता है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका गुलाब का पौधा पूरे सीजन ताजे और सुगंधित फूलों से लदा रहे, तो कुछ आसान लेकिन जरूरी उपाय अपनाने होंगे। सही पानी, उचित खाद, छंटाई और धूप से बचाव ये चार चीजें गर्मी में गुलाब की सेहत तय करती हैं। आइए जानते हैं विस्तार से कैसे करें देखभाल।
गर्मी में गुलाब के पौधे की देखभाल कैसे करें?
सही समय पर पानी देना है सबसे जरूरी
गर्मी में गुलाब को रोज पानी की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन पानी देने का सही समय बहुत अहम है। सुबह जल्दी या शाम को सूरज ढलने के बाद पानी दें। दोपहर में पानी देने से जड़ें गर्म हो सकती हैं और पौधा झुलस सकता है। ध्यान रखें कि मिट्टी नम रहे, लेकिन पानी जमा न हो।
मल्चिंग से जड़ों को रखें ठंडा
गुलाब की जड़ों को गर्मी से बचाने के लिए मल्चिंग बेहद कारगर तरीका है। सूखी पत्तियां, भूसा या नारियल की जटा मिट्टी के ऊपर बिछा दें। इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और जड़ें ठंडी रहती हैं। मल्चिंग से खरपतवार भी कम उगते हैं।
हल्की छंटाई से बढ़ेगा फूलों का उत्पादन
गर्मी में सूखी और पीली पत्तियों को काटते रहें। हल्की छंटाई से पौधे की ऊर्जा नई टहनियों और कलियों पर लगती है। ध्यान रहे कि बहुत ज्यादा कटाई न करें, वरना पौधा कमजोर हो सकता है।
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तेज धूप से करें बचाव
अगर आपका गुलाब गमले में है तो उसे ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप मिले, लेकिन दोपहर की तेज धूप से बचाव हो। जरूरत पड़े तो ग्रीन नेट या शेड नेट का इस्तेमाल करें। जमीन में लगे पौधों के लिए आसपास हल्की छाया की व्यवस्था करें।
संतुलित खाद का करें उपयोग
गर्मी में ज्यादा रासायनिक खाद देने से पौधा जल सकता है। महीने में एक बार जैविक खाद या वर्मी कंपोस्ट डालें। साथ ही 15-20 दिन में एक बार तरल खाद (जैसे गोमूत्र घोल या सरसों खली का घोल) देने से पौधा मजबूत रहेगा और ज्यादा फूल देगा।
इन बातों का रखें खास ध्यान
- पत्तियों पर बार-बार पानी न डालें, इससे फंगल रोग हो सकते हैं।
- गमले में अच्छे ड्रेनेज होल जरूर हों।
- कीट दिखें तो नीम तेल का छिड़काव करें।
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(लेखक:कीर्ति)
Dal Kachori Recipe: हलवाई जैसी दाल की कचौड़ियां खाएंगे तो चाट लेंगे उंगलियां, बनाने की ये है ईज़ी रेसिपी
Dal Kachori Recipe: सुबह का ब्रेकफास्ट हो या शाम की चाय, गरमागरम दाल की कचौड़ी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। बाजार में हलवाई की दुकान पर सजी सुनहरी, फूली-फूली कचौड़ियां देखकर खुद को रोक पाना मुश्किल होता है। लेकिन अब वही स्वाद आप घर पर भी आसानी से पा सकते हैं।
अगर आपको लगता है कि हलवाई जैसी खस्ता और मसालेदार कचौड़ी बनाना मुश्किल है, तो यह खबर आपके लिए है। सही मसालों का संतुलन और आटे की सही गूंथाई से आप घर पर ऐसी दाल कचौड़ी तैयार कर सकते हैं कि परिवार वाले उंगलियां चाटते रह जाएं।
दाल कचौड़ी बनाने के लिए सामग्री
आटे के लिए
- 2 कप मैदा
- 3 बड़े चम्मच तेल या घी (मोयन के लिए)
- स्वादानुसार नमक
- गुनगुना पानी (गूंथने के लिए)
दाल की स्टफिंग के लिए
- 1 कप धुली मूंग दाल (2-3 घंटे भिगोई हुई)
- 1 छोटा चम्मच सौंफ
- 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
- 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला
- चुटकी भर हींग
- स्वादानुसार नमक
- 1 बड़ा चम्मच तेल
दाल कचौड़ी बनाने का तरीका
दाल कचौड़ी एक ऐसी डिश है जिसे बच्चे और बड़े समान रूप से पसंद करते हैं। इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा लें। उसमें नमक और मोयन के लिए तेल या घी डालकर अच्छे से मिक्स करें। हथेलियों से रगड़ते हुए ऐसा मिलाएं कि मैदा में हल्की सी चिकनाई आ जाए।
अब थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें। आटे को ढककर 15-20 मिनट के लिए सेट होने दें। यही खस्ता कचौड़ी का राज है। अब भीगी हुई मूंग दाल का पानी निकालकर उसे दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि पेस्ट बिल्कुल महीन न हो।
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अब कढ़ाही में तेल गरम करें। उसमें हींग और सौंफ डालें। खुशबू आने लगे तो पिसी दाल डाल दें। अब धनिया पाउडर, लाल मिर्च, गरम मसाला और नमक मिलाएं। धीमी आंच पर दाल को तब तक भूनें जब तक वह सूखी और भुरभुरी न हो जाए। गैस बंद कर मिश्रण ठंडा होने दें।
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। हर लोई को थोड़ा सा बेलें और बीच में 1-2 चम्मच दाल की स्टफिंग रखें। किनारों को जोड़कर अच्छी तरह बंद करें। अब हल्के हाथ से इसे दबाकर कचौड़ी का आकार दें। ध्यान रखें कि स्टफिंग बाहर न निकले।
कढ़ाही में तेल मध्यम आंच पर गरम करें। तेल ज्यादा तेज नहीं होना चाहिए, वरना कचौड़ी बाहर से जल जाएगी और अंदर से कच्ची रह जाएगी। कचौड़ियों को धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरा और खस्ता होने तक तलें। तलते समय उन्हें हल्के से दबाते रहें ताकि वे अच्छे से फूल जाएं। तैयार कचौड़ियों को टिश्यू पेपर पर निकाल लें।
गरमागरम दाल कचौड़ी को आलू की सब्जी, हरी चटनी या इमली की चटनी के साथ सर्व करें। यह रेसिपी खास मौकों या वीकेंड ब्रंच के लिए परफेक्ट है। एक बार घर पर बनाकर देखेंगे तो बाजार की कचौड़ी भूल जाएंगे।
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