Silicon Valley Open 2026: Squash Court पर अनाहत का तूफान! वर्ल्ड चैंपियन नूर अल शेरबिनी को दी करारी शिकस्त
भारत की 18 साल की स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने सिलिकॉन वैली ओपन 2026 में मिस्र की आठ बार की विश्व चैंपियन नूर अल शेरबिनी को हराकर सबको चौंका दिया। यह अनाहत के करियर की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इस जीत के साथ उन्होंने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है, जहां उनका मुकाबला सलमा हनी से होगा।
त्योहारों के सीजन में फ्रेशर्स के लिए बढ़े मौके, एडटेक सेक्टर में भर्ती की संभावना 50% बढ़ी
त्योहारी सीजन में फ्रेशर्स के लिए नौकरी के अवसर बढ़े हैं. खासकर एडटेक सेक्टर में नए कर्मचारियों की भर्ती की संभावना 50 प्रतिशत बढ़ गई है. डिजिटल एडवाइजरी और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में इंडस्ट्री से जुड़े मान्यता प्राप्त कौशल रखने वाले युवाओं की मांग बढ़ रही है. टीमलीज एडटेक की गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई.
रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के पदों पर फ्रेशर्स की मांग 48 प्रतिशत दर्ज की गई. वहीं, मार्केटिंग और विज्ञापन क्षेत्र में नए कर्मचारियों की भर्ती को लेकर कंपनियों की योजना 2026 की पहली छमाही के 62 प्रतिशत से घटकर दूसरी छमाही में 59 प्रतिशत रह गई.
केवल डिग्री नहीं कौशल भी अहम
रिपोर्ट बताती है कि नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि उद्योग की जरूरतों के मुताबिक कौशल होना भी अहम है. डिजिटल मार्केटिंग और एडटेक जैसे क्षेत्रों में संबंधित कौशल रखने वाले फ्रेशर्स को बेहतर अवसर मिल सकते हैं. रिपोर्ट में बताया गया कि बाजार में कुछ नरमी के बावजूद, विशेष एंट्री-लेवल भूमिकाओं की मांग यह दर्शाती है कि ऐसे उम्मीदवारों की अहमियत बनी हुई है, जिनके पास डिजिटल विज्ञापन प्लेटफॉर्म, कैंपेन के प्रदर्शन और ऑडियंस एंगेजमेंट की व्यावहारिक समझ हो।
शीर्ष पांच फ्रेशर भूमिकाओं में शामिल
रिपोर्ट में 'प्रोग्रामैटिक एडवरटाइजिंग एसोसिएट' और 'डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव' को देश भर की शीर्ष पांच फ्रेशर भूमिकाओं में शामिल किया गया है। इससे पता चलता है कि एंट्री-लेवल नौकरियों के क्षेत्र में डिजिटल-फर्स्ट क्षमताओं का महत्व आज भी बरकरार है। परफॉरमेंस मार्केटिंग एनालिटिक्स भी एक महत्वपूर्ण स्किल के रूप में उभरा है। इससे यह जरूरी हो गया है कि उम्मीदवार डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य क्षमताओं के साथ-साथ कैंपेन को मापने, डेटा को समझने और परफॉरमेंस के आधार पर फैसले लेने की समझ भी रखें।
विशेष विज्ञापन क्षमताओं पर जोर
रिपोर्ट में विशेष विज्ञापन क्षमताओं के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया गया है, क्योंकि नियोक्ता ऐसे टैलेंट की तलाश में हैं जो डेटा-आधारित मार्केटिंग और कैंपेन को लागू करने में योगदान दे सकें। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि भारत में फ्रेशर्स की भर्ती का कुल इरादा 2026 की पहली छमाही के 73 प्रतिशत से बढ़कर, 2026 की दूसरी छमाही में 75 प्रतिशत हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, "यह व्यापक सुधार इस बात को रेखांकित करता है कि शिक्षा और प्रशिक्षण को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए।" नियोक्ता ऐसे उम्मीदवारों की तलाश करते हैं जो विज्ञापन और मार्केटिंग के क्षेत्र में अपने ज्ञान को व्यावहारिक रूप से खासकर कैंपेन ऑप्टिमाइजेशन, ऑडियंस टारगेटिंग, मीडिया प्लानिंग, सर्च मार्केटिंग और ऐड परफॉरमेंस एनालिटिक्स के क्षेत्रों में लागू कर सकें
रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलते माहौल में अपनी रोजगार क्षमता को मजबूत करने के लिए फ्रेशर्स को उद्योग से जुड़े सर्टिफिकेशन और व्यावहारिक सीखने पर ध्यान देना चाहिए।
(DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
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