ट्रम्प ने ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% किया:24 घंटे में दो बार नए टैरिफ लगाए, सुप्रीम कोर्ट ने पुराने टैरिफ रद्द किए थे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान किया है। उन्होंने शनिवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इससे पहले ट्रम्प ने शुक्रवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी देशों पर 10% टैरिफ लगाने की बात कही थी। दरअसल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रम्प के दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रम्प को IEEPA कानून का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है। इससे नाराज होकर ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर नए कानून (सेक्शन-122) का इस्तेमाल कर 10% टैरिफ लगा दिया था। इस कानून के तहत अधिकतम 15% टैरिफ ही लगाया जा सकता है।हालांकि यह टैरिफ सिर्फ 150 दिन के लिए ही लागू रहेगा। अगर इन्हें आगे बढ़ाना है तो कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी। 24 फरवरी से लागू होगा 15% टैरिफ ट्रम्प ने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर दुनियाभर के देशों पर नया टैरिफ लगाया है। यह 15% टैरिफ 24 फरवरी से लागू हो जाएगा। इससे पहले उन्होंने कल टैरिफ को अवैध बताने वाले जजों की भी आलोचना की। ट्रम्प ने कहा- मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रम्प ने कहा कि, इस डील में कोई बदलाव नहीं होगा। पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं। ट्रम्प के प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 अहम बातें… सेक्शन 122 के जरिए नया टैरिफ लगाएंगे ट्रम्प सेक्शन 122 अमेरिका के एक कानून का हिस्सा है, जिसे ट्रेड एक्ट ऑफ 1974 कहा जाता है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को अधिकार देता है कि अगर देश को अचानक व्यापार घाटे या आर्थिक संकट का खतरा हो, तो वे तुरंत आयात पर टैरिफ लगा सकते हैं। इसके तहत राष्ट्रपति बिना लंबी जांच प्रक्रिया के अस्थायी तौर पर टैरिफ लगा सकते हैं। आमतौर पर यह टैरिफ 150 दिनों तक लागू रह सकता है। इस दौरान सरकार स्थिति की समीक्षा करती है और आगे का फैसला लेती है। NBC न्यूज के मुताबिक दुनिया के सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर 15% का एक जैसा ग्लोबल टैरिफ लगाने का मतलब होगा कि जिन देशों पर ज्यादा टैरिफ लगा है वह खुद घट जाएगा। कुछ उत्पादों को छूट दी गई है, जैसे कुछ कृषि उत्पाद (बीफ, टमाटर, संतरा), महत्वपूर्ण खनिज, दवाइयां, कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स और पैसेंजर वाहन। ट्रम्प प्रशासन ने कहा कि यह टैरिफ पुराने वाले की जगह लेगा और वे अधिक पैसा कमाने की कोशिश जारी रखेंगे। निक्सन ने 55 साल पहले लगाया था 10% ग्लोबल टैरिफ साल 1971 में अमेरिका और दुनिया के बीच व्यापार और भुगतान संतुलन (बैलेंस ऑफ पेमेंट) में भारी असंतुलन हो गया था। अमेरिका लगातार ज्यादा आयात कर रहा था और निर्यात कम कर पा रहा था, जिससे डॉलर पर दबाव बढ़ रहा था। इसके बाद निक्सन ने दुनियाभर के देशों पर 10% का ग्लोबल टैरिफ लगा दिया था। इसके बाद यह महसूस किया गया कि भविष्य में अगर ऐसी आर्थिक आपात स्थिति आती है, तो राष्ट्रपति के पास ऐसी चीजों से निपटने के लिए कानूनी अधिकार होने चाहिए। इसी मकसद से 1974 में “ट्रेड एक्ट 1974” पारित किया गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सेक्शन 122 का पहले कभी इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसलिए यह भी साफ नहीं है कि अगर इसे अदालत में चुनौती दी गई, तो अदालतें इसकी व्याख्या किस तरह करेंगी। कोर्ट की ट्रम्प को फटकार, कहा- हर देश से युद्ध की स्थिति में नहीं इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को फटकारते हुए कहा था कि अमेरिका दुनिया के हर देश के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है। हालांकि फैसले को लेकर 3 जजों जस्टिस सैमुअल एलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कैवनॉ ने इस फैसले से असहमति जताई। कैवनॉ ने अपने नोट में लिखा कि टैरिफ नीति समझदारी भरी है या नहीं, यह अलग सवाल है, लेकिन उनके मुताबिक यह कानूनी तौर पर वैध थी। कैवनॉ ने अपने नोट में भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए टैरिफ का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि ये टैरिफ विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों के तहत लगाए गए थे। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कुल 9 जज हैं। इनमें से 6 जजों को रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किया है, जबकि 3 जज डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए। फैसले के खिलाफ वोट करने वाले तीनों जज रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए थे। कोर्ट के फैसले से सभी टैरिफ खत्म नहीं हुए हैं कोर्ट के आदेश से ट्रम्प के सभी टैरिफ खत्म नहीं हुए हैं। स्टील और एल्युमिनियम पर लगाए गए टैरिफ अलग कानूनों के तहत लगाए गए थे, इसलिए वे अभी भी लागू रहेंगे। हालांकि, दो बड़े कैटेगरी के टैरिफ पर रोक लग गई है। पहली कैटेगरी रेसिप्रोकल टैरिफ की है, जो ट्रम्प ने अलग-अलग देशों पर लगाए थे। इसमें चीन पर 34% और बाकी दुनिया के लिए 10% बेसलाइन टैरिफ तय किया गया था। कोर्ट के फैसले के बाद ये टैरिफ अमान्य हो गए हैं। दूसरी कैटेगरी 25% टैरिफ की है, जो ट्रम्प ने कनाडा, चीन और मैक्सिको से आने वाले कुछ सामान पर लगाया था। ट्रम्प प्रशासन का कहना था कि इन देशों ने अमेरिका में फेंटेनाइल की तस्करी रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। कोर्ट के फैसले ने इस 25% टैरिफ को भी निरस्त कर दिया है। अमेरिका ने टैरिफ से 200 अरब डॉलर वसूले, रिफंड पर सस्पेंस न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल की शुरुआत से अब तक ट्रम्प प्रशासन ने 200 अरब डॉलर से ज्यादा का टैरिफ वसूला है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब इस रकम के रिफंड को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। फैसले के बाद यह साफ नहीं है कि सरकार को कंपनियों को वसूला गया पैसा लौटाना पड़ेगा या नहीं। ट्रम्प प्रशासन ने पहले कहा था कि अगर केस हार गए तो कई देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों को वापस लेना पड़ सकता है और भारी रिफंड चुकाने पड़ सकते हैं। ट्रम्प ने 49 साल पुराने कानून के इस्तेमाल कर टैरिफ लगाया था ट्रम्प के टैरिफ विवाद के केंद्र में एक कानून है, जिसका नाम इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) है। यह कानून 1977 में बनाया गया था। इसका मकसद यह था कि अगर देश पर कोई गंभीर खतरा जैसे युद्ध जैसी स्थिति, विदेशी दुश्मन से बड़ा आर्थिक खतरा या असाधारण अंतरराष्ट्रीय संकट आए तो राष्ट्रपति को कुछ खास शक्तियां दी जा सकें। इन शक्तियों के तहत राष्ट्रपति विदेशी लेन-देन पर रोक लगा सकता है, उन्हें नियंत्रित कर सकता है या कुछ आर्थिक फैसले तुरंत लागू कर सकता है। ट्रम्प ने टैरिफ लगाने के लिए IEEPA का ही सहारा लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ पर सवाल उठाए थे पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प सरकार के टैरिफ लगाने के कानूनी आधार पर सवाल उठाए थे। उस दौरान जजों ने पूछा था कि क्या राष्ट्रपति को इस तरह के ग्लोबल टैरिफ लगाने का अधिकार है। कोर्ट ने इस मामले में लंबी सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि ट्रम्प 150 दिनों तक 15% टैरिफ लगा सकते हैं, लेकिन इसके लिए ठोस कारण चाहिए। फैसले में कहा गया कि IEEPA में ‘टैरिफ’ शब्द का कहीं जिक्र नहीं है और न ही इसमें राष्ट्रपति के अधिकारों पर कोई स्पष्ट सीमा तय की गई है। ट्रम्प के खिलाफ 12 राज्यों ने मुकदमा किया था ट्रम्प ने पिछले साल अप्रैल इन टैरिफ के ऐलान किए थे। इन टैरिफ के खिलाफ अमेरिका के कई छोटे कारोबारी और 12 राज्यों ने मुकदमा दायर किया था। उनका कहना था कि राष्ट्रपति ने अपनी सीमा से बाहर जाकर आयात होने वाले सामान पर नए टैरिफ लगाए। एरिजोना, कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, इलिनॉय, मेन, मिनेसोटा, नेवादा, न्यू मेक्सिको, न्यूयॉर्क, ओरेगन और वर्मोंट राज्यों ने छोटे कारोबारियों के साथ मिलकर ट्रम्प सरकार के खिलाफ यह केस किया था। निचली अदालतों ने टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था इससे पहले निचली अदालतों (कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड और फेडरल सर्किट कोर्ट) ने टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था। उनका मानना था कि IEEPA टैरिफ लगाने की इतनी व्यापक शक्ति नहीं देता। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में मौखिक बहस सुनी थी, जहां जजों ने ट्रम्प की ओर से पेश की गईं दलीलों पर संदेह जताया था। कोर्ट के 6-3 बहुमत के बावजूद, जस्टिस ने पूछा था कि क्या राष्ट्रपति कांग्रेस की मंजूरी के बिना इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगा सकता है, क्योंकि टैरिफ टैक्स का रूप हैं और यह संसद की जिम्मेदारी हैं। ----------------------------------- टैरिफ से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- टैरिफ के खिलाफ फैसला आया तो तबाही मचेगी:फिर कोई भी हालात संभाल नहीं पाएगा; टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट कल फैसला सुनाएगा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनके लगाए गए ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया, तो अमेरिका के लिए हालात पूरी तरह बिगड़ सकते हैं। ट्रम्प ने कहा कि ऐसा हुआ तो देश पूरी तरह फंस जाएगा और सब कुछ गड़बड़ हो जाएगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
War Room Full: Middle East में भड़कने वाली है बड़ी जंग? | US-Iran Tension | Trump | Sweta Singh
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में तनाव चरम पर पहुंच गया है. प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक नया वीडियो जारी किया है, जिसमें 7 पाकिस्तानी सैनिक उनकी हिरासत में नजर आ रहे हैं. ये वीडियो ऐसे समय में आया है जब कैदियों की अदला-बदली के लिए BLA की दी गई 22 फरवरी की समय सीमा खत्म होने में अब सिर्फ 2 दिन बचे हैं. मिडिल ईस्ट के हालात बेहत गर्म है रिपोर्ट्स कह रही है कि अमेरिकी सेना अब कभी भी ईरान पर हमला कर सकती है बस ट्रंप के अंतिम आदेश का इंतजार है, मिडिल ईस्ट में 2003 के बाद सबसे बड़ा एयरडिप्लॉयमेंट हुआ है वो भी अमेरिका ईरान की बातचीत के बीचों बीच, सैटेलाइट तस्वीरें बता रही हैं कि ईरान न्यूक्लियर साइट्स को बंकर में तब्दील कर रहा है ईरान रूस चीन की नेवल ड्रिल से महौल और भड़क गया है फरवरी 2026 का तीसरा हफ्ता ईरान के लिए बेहद भारी साबित हो रहा है. एक तरफ बंद कमरों में परमाणु बातचीत जारी है, तो दूसरी ओर देश की सड़कों पर गुस्सा और मातम का माहौल है. अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की तैयारियां तेज कर दी हैं, जबकि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैन्य अभ्यास कर ताकत का प्रदर्शन कर रहा है. रूस ने यूक्रेन पर भीषण हमला बोला है. 4 साल से चल रहे उस महायुद्ध की जिसमे रूस और यूक्रेन ने एक दूसरेे पर हमला और तेज कर दिया है. हालांकि रूस और यूक्रेन में इस साल ही 3 दौर की शांतिवार्ता हो चुकी है लेकिन ड्रोन, मिसाइल और बमों की बरसात में कमी नहीं बल्कि और इजाफा ही हुआ है. #usirantension #russiaukrainewar #bla #aajtakdigital #tvchunks #warroom #swetasingh Copyright Disclaimer under section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, education and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. आजतक के साथ देखिये देश-विदेश की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news Live on the World's Most Subscribed News Channel on YouTube. #LatestNews #Aajtak #HindiNews Aaj Tak News Channel: आज तक भारत का सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्यूज चैनल है । आज तक न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। आज तक न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए बने रहें । #hindinews #newsinhindi #hindisamachar #breakingnews #aajtak #samachar #news अधिक समाचारों के लिए यहां क्लिक करें: https://www.youtube.com/@aajtak?sub_confirmation=1 About Channel: Aaj Tak is India's Best Hindi News Channel. Aaj Tak News Channel Covers The Latest News, Breaking News, Politics, Entertainment News, Business News and Sports News. Stay tuned for all the News in Hindi. Join Aaj Tak Whatsapp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Va7Rxc32ER6hBAuIL222 Watch Our Prime Shows on Aaj Tak: Vardaat — Real-life crime stories that shook the nation https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa_WLJqwFuJlwfhAepqcOd3I&si=tJXqsrKVHOvxy4BJ Black & White with Anjana Om Kashyap - Big debates, sharp opinions, and political analysis https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa_aLomcIgk-c_dRhuYOBphp&si=1wAaQfSUIfZ0OrIy Halla Bol — The nation’s most powerful debate on today’s top issues https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa-ZT2YKfqzI-ayeZV0n8qAh&si=nnRN8_9u02p8QlG_ DasTak 2025: https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa9q68r5rws67UxSUdhcHupG&si=QMiiUiKyXUP76DUk ताज़ा खबरों और LIVE अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Aaj Tak के साथ - https://youtube.com/live/Nq2wYlWFucg?feature=share https://youtube.com/live/gH6ftEJDLGo?feature=share Download Aaj Tak APP, India’s No.1 Hindi News App: https://aajtak.link/yyJu Subscribe to Aaj Tak YouTube Channel: https://www.youtube.com/c/aajtak Visit Aaj Tak website: https://www.aajtak.in/ Follow us on Facebook: https://www.facebook.com/aajtak Follow us on Twitter: https://twitter.com/aajtak Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/aajtak/ Subscribe our other Popular YouTube Channels: India Today: https://www.youtube.com/c/indiatoday SoSorry: https://www.youtube.com/c/sosorrypolitoons Good News Today: https://www.youtube.com/c/GoodNewsTodayOfficial AajTak AI: https://www.youtube.com/channel/UClZU5ouD9LkfgrelmL2auTg
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