Massachusetts ने 15 अगस्त को किया India Day घोषित, गवर्नर मॉरा हेली ने दिया आदेश
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, पांच अगस्त मैसाचुसेट्स की गवर्नर मॉरा हेली ने राज्य के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान को मान्यता देते हुए 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ घोषित किया है और राज्य के निवासियों से इस अवसर के आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान किया। एक अगस्त को जारी सरकारी आदेश में गवर्नर ने यह भी कहा कि सामुदायिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने वार्षिक स्वतंत्रता दिवस समारोहों तथा सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से नागरिक भागीदारी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी तरह की घोषणा बोस्टन की मेयर मिशेल वू ने भी की है।
उन्होंने भी 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ घोषित किया है। उन्होंने बोस्टन में भारतीय वाणिज्य दूतावास के नए कार्यालय के उद्घाटन का स्वागत किया और ‘सेलबोस्टन-250’ कार्यक्रम में भारतीय नौसैनिक पोत आईएनएस सुदर्शिनी के आगमन पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। मैसाचुसेट्स की गवर्नर द्वारा जारी सरकारी आदेश में कहा गया है कि 15 अगस्त 2026 को भारत की ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से 1947 में मिली आजादी की 79वीं वर्षगांठ होगी।
इस आजादी ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव रखी। इसमें कहा गया है कि भारतीय मूल के 3.6 करोड़ से अधिक लोग विभिन्न देशों में रहते हैं। अमेरिका में भारतीय मूल के 50 लाख से अधिक लोग निवास करते हैं, जो देश और समाज के सामाजिक, आर्थिक तथा नागरिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
सरकारी आदेश में कहा गया है कि भारत एक प्राचीन और बहुआयामी सभ्यता वाला देश है, जो विभिन्न जातीय समूहों, धर्मों, भाषाओं, रीति-रिवाजों, परंपराओं, वेशभूषा, खान-पान, जलवायु और प्राकृतिक संसाधनों की अद्भुत विविधता के बावजूद अपनी मूलभूत एकता को बनाए रखे हुए है। इसमें कहा गया है कि मैसाचुसेट्स में भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने चिकित्सा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कारोबार और लोकसेवा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि बढ़ी है।
Donald Trump प्रशासन ने US में Brazil की राजदूत मारिया लुइजा का वीजा रद्द किया
वाशिंगटन, पांच अगस्त (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील द्वारा पिछले महीने दो अमेरिकी राजनयिकों को वीजा देने से इनकार किए जाने और ब्रासीलिया में अमेरिकी राजदूत पद के लिए ट्रंप के नामित उम्मीदवार को मंजूरी देने में देरी के जवाब में, अमेरिका में ब्राजील की राजदूत मारिया लुइजा रिबेरो वियोटी का वीजा रद्द कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इसे पारस्परिक कार्रवाई बताया। अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला कई बार टाला गया ताकि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को अपना रुख बदलने का अवसर मिल सके, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
हालांकि, अमेरिका ने संकेत दिया कि यदि ब्राजील ट्रंप द्वारा राजदूत पद के लिए नामित डैनी पेरेज को मंजूरी दे देता है तो यह फैसला वापस लिया जा सकता है। ब्राजील सरकार ने अमेरिकी कदम को राजनीति से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करना है। उसने यह भी कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय संधि के प्रावधानों का पालन किए बिना राजदूत की नियुक्ति की घोषणा की।
पिछले महीने ब्राजील ने दो अमेरिकी राजनयिकों को वीजा देने से इनकार कर दिया था। ब्राजील का आरोप था कि वे देश की चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाने और चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के इरादे से आ रहे थे। पिछले सप्ताह ब्राजील के एक वरिष्ठ राजनयिक ने नाम न उजागर करने की शर्त पर पत्रकारों से कहा था कि उनकी सरकार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से जवाब का इंतजार है।
इसी राजनयिक ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की सरकार यह समझने की कोशिश कर रही है कि अमेरिकी सरकार अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से कुछ ही महीने पहले ब्रासीलिया में राजदूत की नियुक्ति को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों दिखा रही है। ब्राजील की राजधानी में अमेरिकी राजदूत का पद जनवरी 2025 में ट्रंप के दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद से खाली है। ब्राजील के राष्ट्रपति के रूप में चौथा कार्यकाल हासिल करने की कोशिश कर रहे 80 वर्षीय लूला का मुकाबला सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो से होगा।
फ्लावियो के पिता जायर बोल्सोनारो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति रह चुके हैं और उनके परिवार के ट्रंप प्रशासन से करीबी संबंध माने जाते हैं।
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