IND vs SA: भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका का रहा है बुरा हाल, ऐसा है दोनों का हेड टू हेड रिकॉर्ड
IND vs SA: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर-8 के मुकाबले की शुरुआत 21 फरवरी होगी. पहले मैच में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की भिड़ंत होगी. इसके बाद 22 फरवरी को सुपर-8 के 2 मुकाबले खेले जाएंगे, जिसमें भारत और साउथ अफ्रीका का मुकाबला भी शामिल है. भारत और साउथ अफ्रीका का सुपर-8 का मुकाबला 22 फरवरी की शाम अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा.
टी20 वर्ल्ड कप में भारत और साउथ अफ्रीका का हेड टू हेड रिकॉर्ड
टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत और साउथ अफ्रीका का कई बार आमना-सामना हो चुका है. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में अब तक कुल 7 बार भिड़ंत हो चुकी है, जिसमें से टीम इंडिया ने 5 बार जीत दर्ज किया है. जबकि सिर्फ 2 बार साउथ अफ्रीका को जीत मिली है. यानी टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है.
टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत का पलड़ा भारी
टी20 वर्ल्ड कप 2007 में यानी पहले एडिशन में भारत ने साउथ अफ्रीका को ग्रुप स्टेज में 37 रनों से हराया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 5 विकेट पर 153 रन बनाए थे. जवाब में साउथ अफ्रीका 9 विकेट पर 116 रन ही बना सकी थी. रोहित शर्मा ने शानदार अर्धशतक लगाया था, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला.
टी20 वर्ल्ड कप 2009 में साउथ अफ्रीका ने भारत को 12 रनों से हराया था. इसके बाद 2010 में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को 12 रनों से हराया था. फिर टी20 वर्ल्ड कप 2012 में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ सिर्फ एक रन से जीत दर्ज किया था. इसके बाद टी20 वर्ल्ड कप 2014 में भारत ने सेमीफाइनल मैच में साउथ अफ्रीका को 6 विकेट से हराया था. इसके बाद टी20 वर्ल्ड कप 2022 में साउथ अफ्रीका ने भारत को 5 विकेट से हराया था.
टी20 वर्ल्ड कप 2024 में साउथ अफ्रीका को हराकर भारत ने जीता खिताब
टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल मैच में रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को 7 रन से हराकर खिताब जीता था. अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भारत का सामना साउथ अफ्रीका से होगा. दोनों टीमें इस वक्त काफी मजबूत है. ऐसे में दोनों के बीच एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है.
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टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जैमीसन ग्रीर बोले, ट्रेड पॉलिसी जारी रहेगी
वॉशिंगटन, 21 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए व्यापक टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। इस फैसले के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद ट्रंप सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्रेड एजेंडा को लागू करना जारी रखेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दूसरे कानूनी तरीकों का इस्तेमाल पहले से ही किया जा रहा है।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने 6–3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम, 1977 के तहत बिना कांग्रेस की अनुमति दिए व्यापक टैरिफ लगाए हैं, जो कि संविधान के खिलाफ है। टैरिफ लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं।
फॉक्स न्यूज से बातचीत के दौरान ग्रीर ने कहा कि कानूनी रास्ता बदलने पर भी सरकार का तरीका वैसा ही रहेगा। ग्रीर ने कहा, इसके साथ ही अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का ऑफिस कई अलग-अलग देशों द्वारा अनफेयर ट्रेडिंग प्रैक्टिस के सेक्शन 301 के तहत कई जांच शुरू करेगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि अगर वे उन मुद्दों को हल नहीं करते हैं, तो क्या हम उस आधार पर टैरिफ लगा सकते हैं, अगर हमें इसकी जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा राष्ट्रीय सुरक्षा उपायों को बनाए रखेगी। बेशक, हमारे पास ऑटो स्टील, एल्युमीनियम, वगैरह पर मौजूदा नेशनल सिक्योरिटी टैरिफ हैं। हालांकि, टूल्स बदल सकते हैं, लेकिन पॉलिसी वही रहेगी।
ग्रीर ने कहा, “इससे हमें दुनिया की आधी आबादी को कवर करने वाली ढेरों डील्स हासिल करने में मदद मिली, जिससे हमें मार्केट एक्सेस मिला जो हमें 30 सालों से नहीं मिला था और हमारे पास ये एग्रीमेंट्स हैं और इसलिए हम बस एक अलग टूल का इस्तेमाल करेंगे।”
उन्होंने मार्केट और ट्रेडिंग पार्टनर को यह भी भरोसा दिलाने की कोशिश की कि आईईईपीए-बेस्ड टैरिफ से दूर जाने से अस्थिरता नहीं आएगी।
ग्रीर ने कहा, इसलिए हमें कोई रुकावट देखने की नहीं, कंटिन्यूटी देखने की उम्मीद है। हमें उम्मीद है कि सभी अपना समझौता निभाएंगे। इसलिए मुझे लगता है कि यह प्रेसिडेंट की ट्रेड पॉलिसी पर लगातार बढ़ोतरी होगी, जो बहुत सफल रही है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप सरकार ने 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के तहत टेम्पररी 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ की घोषणा की और कथित गलत ट्रेड प्रैक्टिस की सेक्शन 301 जांच को बढ़ाने का संकेत दिया। नेशनल सिक्योरिटी की चिंताओं से जुड़े मौजूदा सेक्शन 232 टैरिफ लागू रहेंगे।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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