'DGCA के कुछ अधिकारी भी कंपनी को बचाने में लगे', अजित पवार की मौत पर रोहित ने लगाए गंभीर आरोप
महराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान हादसे को लेकर NCP-SCP के नेता रोहित पवार ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के इस्तीफे की मांग की है. रोहित पवार ने कहा कि इस विमान हादसे को लेकर उन्होंने अपनी ओर से कई तथ्य एकत्र किए हैं. इस दौरान गंभीर खामियों का पता चला है. उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे का शिकार विमान जिस प्राइवेट लिमिडेट कंपनी का था, उसे बड़े और प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है.
#WATCH | Delhi: On Ajit Pawar plane crash case, NCP-SCP leader Rohit Pawar says, "If we talk about conspiracies, there can be two types of conspiracies: political and commercial. We want to find out which one it is. Another thing is that if someone is supporting or protecting the… pic.twitter.com/D1aIrlakRb
— ANI (@ANI) February 21, 2026
पीएम मोदी को ईमेल के माध्यम से एक पत्र लिखेंगे
रोहित पवार के अनुसार, VSR कंपनी से जुड़े कई लोग सत्ता में हैं. इनमें कुछ राज्यों में तो कुछ केंद्र में सत्तारूढ़ दल का समर्थन करने वाली पार्टी से जुड़े हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कोई कंपनी को बचाने का प्रयास कर रहा है. रोहित पवार ने कहा कि डीजीसीए के कुछ अधिकारी भी कंपनी को बचाने में लगे हैं. इस केस में अगर अजित पवार को कोई न्याय दिला सकता है तो वह सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ही हैं. उन्होंने दोनों से अपील की कि इस मामले को गंभीरता से लें. पवार ने बताया कि वे पीएम मोदी को ईमेल के माध्यम से एक पत्र लिखेंगे. रोहित पवार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अपील की कि वह इस मामले को प्रमुखता से उठाएं. इस दौरान उन्होंने हादसे के तकनीकी पहलुओं पर सवाल उठाए हैं.
मैकेनिकल और मेंटेनेंस से जड़ी गंभीर खामियां थीं
रोहित पवार के अनुसार, दुर्घटना के वक्त विमान में एक नहीं, बल्कि कई धमाके हुए. इससे ब्लैक बॉक्स को लेकर भी संदेह है. उन्होंने आरोप लगाया कि विमान में मैकेनिकल और मेंटेनेंस से जड़ी गंभीर खामियां थीं. इसके साथ जहां पर हादसा हुआ, वहां पर अतिरिक्त पेट्रोल के कैन मौजूद थे. इसके कारण आग लगी, साथ ही हादसा हुआ. उन्होंने मांग की कि पूरे केस की निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है. इस तरह से अजित पवार को न्याय मिल पाएगा.
फ्लाइट मुंबई से बारामती की ओर जा रही थी
आपकों बता दें कि 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान हादसे का शिकार हो गया था. यह हादसा महाराष्ट्र के बारामती (उनके गृहनगर) में लैंडिंग के दौरान हुआ. यह फ्लाइट मुंबई से बारामती की ओर जा रही थी. इस हादसे में अजित पवार के साथ अन्य 4 लोग की मौत हो गई. इनमें पायलट सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक भी शामिल हैं. उनके अलावा केबिन क्रू पिंकी माली के साथ उनकी निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव की भी मौत हो गई.
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Explainer: ट्रंप का 10% टैरिफ झटका या राहत? 150 दिन बाद होगा एक्सटेंड या एक्सपायर्ड? क्या होगा इसका असर?
Supreme Court Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी में एक बड़ा ट्विस्ट आया है. 20 फरवरी 2026 को यूएस सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए ग्लोबल टैरिफ गलत थे और इनका गलत तरीके इस्तेमाल किया गया.
कोर्ट ने ये माना कि सरकार द्वारा लगाया ये टैरिफ उनके 'अधिकार से बाहर' थे. कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति को ऐसे आपातकालीन पावर से टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है, खासकर जब ये व्यापक और अनिश्चित हों.
"I have very effectively utilized TARIFFS over the past year to, MAKE AMERICA GREAT AGAIN." - President Donald J. Trump ???????? pic.twitter.com/HJ5gQuXcSX
— The White House (@WhiteHouse) February 20, 2026
ट्रंप ने कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद लगाया नया टैरिफ
इस फैसले से ट्रंप के पुराने टैरिफ (जिनमें कई देशों पर 25% तक ड्यूटी लगी थी) रद्द हो गए. इससे अमेरिकी कंपनियों और स्टेट्स को अरबों डॉलर के रिफंड मिल सकते हैं और ग्लोबल ट्रेड में अनिश्चितता बढ़ गई. लेकिन ट्रंप ने हार नहीं मानी, कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों बाद ही उन्होंने एक नया एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किया जिसमें सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगा दिया गया.
क्या ट्रंप का नया टैरिफ है टेम्पररी या ये आगे भी रहेगा जारी
ट्रंप का ये नया टैरिफ सेक्शन 122 ऑफ ट्रेड एक्ट 1974 के तहत लगाया गया है और 150 दिनों के लिए टेम्पररी है लेकिन ये अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी से बढ़ सकता है. ट्रंप ने इसे 'टेम्पररी इंपोर्ट ड्यूटी' कहा जो इंटरनेशनल पेमेंट प्रॉब्लम्स और ट्रेड बैलेंस सुधारने के लिए है.
ट्रंप के 10% ग्लोबल टैरिफ का भारत पर क्या असर पड़ेगा?
जानकारी के अनुसार पहले ट्रंप ने भारत पर रूसी ऑयल खरीद के कारण 25% पेनल्टी टैरिफ लगाया था जो बाद में इंटरिम ट्रेड डील से घटकर 18% हो गया था. अब नए 10% ग्लोबल टैरिफ के तहत भारत को भी 10% ही देना पड़ेगा. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रेड डील वाले देशों पर भी यही लागू होगा और पुराने हाई रेट अब लागू नहीं होंगे.
ग्लोबल टैरिफ से भारतीय एक्सपोर्टर्स को मिलेगी राहत
ग्लोबल टैरिफ से भारतीय एक्सपोर्टर्स को राहत मिलेगी. कारोबारियों की मानें तो इससे टेक्सटाइल, फार्मा, जेम्स एंड ज्वेलरी, मशीनरी जैसे सेक्टर में पहले से कम ड्यूटी लगेगी, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ सकता है. वहीं, नुकसान की बात करें तो इससे इंडस्ट्रियल ओवरकैपेसिटी, फोर्स्ड लेबर, प्राइसिंग, डिजिटल सर्विसेज टैक्स जैसी चीजों में कोई अनफेयर प्रैक्टिस पाई गई तो टारगेटेड हाई टैरिफ लगाए जा सकते हैं.
???? President Donald J. Trump imposes a 10% global tariff on all countries. pic.twitter.com/42ZGDnMxbR
— The White House (@WhiteHouse) February 20, 2026
सोशल मीडिया पर ट्रंप-मोदी दोस्ती पर उठ रहे सवाल?
नए ग्लोबल टैरिफ से सोशल मीडिया पर ट्रंप-मोदी की दोस्ती पर सवाल उठ रहे हैं. नया टैरिफ लगाने के बाद ट्रंप ने मीडिया में बयान देते हुए कहा है कि 'नथिंग चेंजेस' यानी भारत टैरिफ देगा, अमेरिका को नहीं. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट के फैसले और नए टैरिफ से ट्रेड डील जिसमें भारत ने $500 बिलियन अमेरिकी गुड्स खरीदने का कमिटमेंट किया है उस पर असर पड़ सकता है. पीएम मोदी और ट्रंप के बीच अच्छे रिश्ते हैं लेकिन ये मूव ग्लोबल ट्रेड को प्रोटेक्शनिज्म की तरफ और धकेल रहा है.
ग्लोबल टैरिफ पर आगे क्या, क्या ये एक्सटेंड होगा?
ग्लोबल टैरिफ पर अब ये चर्चा है कि इसका आगे क्या होगा, क्या ये एक्सटेंड होगा या फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा. दरअसल, इस नए टैरिफ की मियाद 150 दिनों की है. इसके बाद अमेरिकी कांग्रेस इसे एक्सटेंड करेगी या नहीं किसी को नहीं पता? वहीं, नए आदेश के अनुसार सेक्शन 301 जांच से नए टैरिफ आ सकते हैं, खासकर फार्मा और टेक सेक्टर में इसमें बदलाव होने का अनुमान जताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि नए टैरिफ से भारत को अब यूरोप, एशिया जैसे अल्टरनेटिव मार्केट्स पर फोकस बढ़ाना पड़ेगा.
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