UP News: सीएम योगी का किसानों को तोहफा, 2.5 लाख से ज्यादा के खातों में भेजे 460 करोड़ रुपये
UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राज्य के किसानों बड़ा तोहफा दिया. दरअसल, सीएम ने यूपी के ढाई लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 460 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. सीएम योगी ने 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के तहत 2.51 लाख किसानों के खाते में 285 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति राशि भेजी. साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 3500 लाभार्थी परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई. बता दें कि सीएम योगी के इस कदम से किसानों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी. जो खेती-किसानी के दौरान होने वाले जोखिमों को कम करने में भी सरकार की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है.
किसानों को दी गई 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि
सीएम योगी ने एक कार्यक्रम के दौरान शनिवार को 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं जैसे- बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और सूखे से होने वाले नुकसान से किसानों को बचाना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत राज्य के 2.51 लाख किसानों के खातों में 285 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है तो उनकी फसलों के नुकसान की भरपाई करेगी. सीएम योगी ने आगे कहा कि अब किसानों को मुआवजे के लिए सरकार कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. टेक्नोलॉजी के माध्यम से पैसा सीधे उनके खातों में पहुंच रहा है.
मदद के लिए खड़ी है सरकार- सीएम योगी
सीएम ने कहा कि, आपदा खतरनाक होती है. इंसान की कमी कोई पूरा नहीं कर सकता. लेकिन सरकार मदद के लिए खड़ी है. उन्होंने कहा कि, अन्नदाता किसानों को सरकार योजना से जोड़ रही है, सरकार हमेशा सहयोग करने को तैयार रहेगी. सीएम ने कहा कि पहले प्रदेश में आपदा आती थी तो सालों तक उनकी कोई खबर लेने वाला नहीं होता था, मुआवजा तो दूर की बात थी. उन्होंने कहा कि, 2015-16 में किसानों के खाते में 2 से चार रुपये जाते दिखते थे, लेकिन सरकार बदलने के बाद हमने कार्यवाही शुरू की और आपदा के दौरान 24 घंटे पीड़ित को सहायता राशि देने की कार्यवाही हो रही है.
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हादसे के पीड़ित परिवारों को दी गई इतनी राशि
इसके साथ ही सीएम योगी ने किसानों की सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना' के तहत 175 करोड़ रुपये 3,500 लाभार्थी परिवारों को खातों में ट्रांसफर किए. ये राशि उन किसानों के खातों में भेजी गई जिन्होंने किसी दुर्घटना में अपने परिवार के मुखिया या किसान को खो दिया. सीएम योगी ने कहा कि किसान समाज की रीढ़ है और किसी भी अनहोनी की स्थिति में सरकार उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है. इस योजना के तहत पीड़ित परिवार को औसतन 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है.
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अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद करीब 55 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर टैरिफ घटकर 2.8-3.3 प्रतिशत हो सकता है: एनालिस्ट
नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को हटा दिया गया है। इसे लेकर विश्लेषकों का कहना है कि इस फैसले से करीब 55 प्रतिशत अमेरिका होने वाले भारतीय निर्यात पर टैरिफ कम होकर 2.8 प्रतिशत से 3.3 प्रतिशत के बीच हो सकता है।
विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात का 55 प्रतिशत हिस्सा मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) टैरिफ के अंतर्गत आता है।
एमएफएन टैरिफ वे आधार दरें हैं जो अमेरिका विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सभी सदस्यों पर लागू करता है और भारतीय वस्तुओं पर औसत अमेरिकी एमएफएन टैरिफ लगभग 2.8 प्रतिशत से 3.3 प्रतिशत है, जो विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग है।
विश्लेषकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत को अमेरिका के साथ अपने व्यापार समझौते पर पुनर्विचार करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया है कि अमेरिकी प्रशासन ने अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत अपने अधिकार का उल्लंघन किया है, जिसके तहत व्यापक रेसिप्रोकल टैरिफ उपायों को अधिकृत नहीं किया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति असीमित मात्रा, अवधि और दायरे के टैरिफ को एकतरफा रूप से लागू करने की असाधारण शक्ति का दावा करते हैं, लेकिन ट्रंप प्रशासन किसी भी ऐसे कानून को पेश करने में विफल रहा है जिसमें कांग्रेस ने पहले कहा हो कि आईईईपीए की भाषा टैरिफ पर लागू हो सकती है।
रिपोर्ट्स में कहा गया कि अदालत के फैसले से राष्ट्रपति ट्रंप को अन्य वैधानिक अधिकारों के तहत कर्तव्य लागू करने से नहीं रोका जा सकता है, जिनमें अधिक प्रक्रियात्मक सीमाएं होती हैं।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए इस फैसले के बाद, ट्रंप ने टैरिफ का बचाव किया और कहा कि अज्ञात विदेशी ताकतों ने न्यायाधीश के फैसले को प्रभावित किया है।
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप द्वारा नए वैश्विक टैरिफ आदेश की घोषणा के बाद भारत को अस्थायी रूप से 10 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में अतिरिक्त टैरिफ लगाने के अधिकार भी लागू किए जा सकते हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
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