पाकिस्तान में 7 करोड़ लोग बेहद गरीब, आय असमानता 27 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर: रिपोर्ट
इस्लामाबाद, 21 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान में गरीबी दर में लगातार इजाफा हो रहा है। ये 11 साल के सबसे ऊंचे दर यानी 29 फीसदी पर पहुंच गई है, जबकि आय असमानता भी परेशानी की वजह बनी है। ये 27 साल में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। स्थानीय मीडिया ने देश के योजना मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक सर्वे का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।
योजना मंत्री अहसान इकबाल ने इन तथ्यों को सामने रखा है। इन आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में करीब 7 करोड़ लोग अब 8,484 रुपए की महीने की आय पर जिंदगी बसर कर रहे हैं—यह आमदनी बहुत कम है और जिंदगी की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में नाकाम है।
फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के शुरुआती आकलन के मुताबिक, 2018-19 (गरीबी को लेकर पाकिस्तान का पिछला सर्वे) के बाद से गरीबी दर 32 फीसदी बढ़ी है।
नतीजों से पता चला कि 2019 में गरीबी दर 21.9 फीसदी थी, लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार के पहले साल में यह बढ़कर 28.9 फीसदी हो गई।
2014 के बाद ये दर सबसे ज्यादा है; तब गरीबी दर 29.5 फीसदी दर्ज की गई थी।
सर्वे में पाकिस्तान में आय असमानता में तेजी से हो रही वृद्धि पर भी प्रकाश डाला गया है, जो बढ़कर 32.7 हो गई; ये 1998 में 31.1 थी।
पाकिस्तान के जाने-माने अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट कहती है कि पाकिस्तान में बेरोजगारी दर भी रिकॉर्ड तोड़ बढ़ी है। ये 7.1 प्रतिशत दर्ज की गई, जो 21 साल में सबसे ज्यादा है। वहीं 11 साल में सबसे ज्यादा गरीबी दर और 27 साल में सबसे ज्यादा इनकम इनइक्वालिटी यानी आय असमानता दर्ज की गई। ये परिणाम बताते हैं कि हुक्मरान की नीतियों में दम नहीं है और उनकी खराब नीतियां जनता को नुकसान पहुंचा रही हैं।
ग्रामीण इलाकों में गरीबी बहुत ज्यादा बढ़ी, जो 28.2 प्रतिशत से बढ़कर 36.2 प्रतिशत हो गई, जबकि शहरों में गरीबी 11 प्रतिशत से बढ़कर 17.4 प्रतिशत हो गई।
इकबाल ने बताया कि सभी राज्यों में गरीबी बढ़ी; पंजाब में यह 16.5 प्रतिशत से बढ़कर 23.3 प्रतिशत हो गई (सात साल में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी), और सिंध में गरीबी 24.5 प्रतिशत से बढ़कर 32.6 प्रतिशत हो गई, जो इसी अवधि में एक-तिहाई बढ़ोतरी को दर्शाती है।
खैबर-पख्तूनख्वा में, गरीबी दर 28.7 प्रतिशत से बढ़कर 35.3 प्रतिशत हो गई, जो एक साल के अंदर लगभग एक-चौथाई बढ़ोतरी दिखाती है।
बलूचिस्तान सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांत बना हुआ है, जहां लगभग हर दूसरा व्यक्ति गरीबी में जीवन गुजार रहा है। संघर्ष से प्रभावित प्रांत में गरीबी का अनुपात 42 प्रतिशत से बढ़कर 47 प्रतिशत हो गया—यानी 12.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट में खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में गरीबी बढ़ने का कारण सुरक्षा चुनौतियां बताई गई हैं। इस वजह से इनके सामने रोजी-रोटी का संकट बढ़ा है, बाजारों और जरूरी सेवाओं तक पहुंच घटी है, और लोगों की जिंदगी की दिक्कतें बढ़ी हैं। इन प्रांतों में समाज के सबसे कमजोर तबके पर बहुत ज्यादा असर पड़ा है।
--आईएएनएस
केआर/
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Rajasthan News: जयपुर के जलमहल में दिखा वायुसेना का शौर्य, आसमान में दिखी खूबसूरत एयर शो की झलक
Rajasthan News: राजस्थान के जयपुर में जल महल के प्रांगण में भारतीय वायु सेना के शौर्य और साहस का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला है. राजस्थान सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में इंडियन एयरफोर्स की प्रमुख सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने अपने रोमांचक हवाई करतबों से हजारों दर्शकों का दिल जीता.
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आयोजन जरूरी
सीएम भजनलाल शर्मा की राजस्थान सरकार के अनुसार, ऐसे आयोजनों से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और साथ-साथ देश के युवाओं में देशभक्ति और सेना के प्रति सम्मान बढ़ेगा. इस कार्यक्रम में राज्य के उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ उपस्थित हुए, जिससे इस आयोजन की शोभा और बढ़ गई थी. उन्होंने कहा कि जयपुर जैसे ऐतिहासिक शहर में इस प्रकार का एयर शो आयोजित होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है.
हजारों संख्या में पहुंचे दर्शक
राजस्थान सरकार का मानना है कि जल महल जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर इस भव्य एरोबैटिक शो से राज्य की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक भारत की सैन्य शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला. हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने आसमान को रंग-बिरंगा होते देखा और हवाई करतबों का आनंद लिया. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और NCC कैडेट्स भी मौजूद थे.
जयपुर में जलमहल पर भारतीय वायु सेना के शौर्य और साहस का अद्भुत प्रदर्शन हुआ। भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित ब्रांड एंबेसडर सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने, अपने हैरतअंगेज करतबों से हजारों दर्शकों को रोमांचित किया। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री कर्नल… pic.twitter.com/95uWe42Flo
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) February 21, 2026
22 फरवरी को होगा मुख्य आयोजन
22 फरवरी 2026, रविवार को जल महल पर एरोबैटिक डिस्प्ले का मुख्य एवं विस्तृत आयोजन किया जाएगा. राजस्थान सरकार ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनें और भारतीय वायु सेना के कौशल का अनुभव को अपनी आंखों से देखें. इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के खास इंतजाम किए हैं, ताकि आयोजन सुचारू रूप से पूर्ण हो सकें.
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