AI समिट हंगामा- भाजपा का कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन:दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर नारेबाजी; मुंबई में राहुल के काफिले को काले झंडे दिखाए
कांग्रेस के AI समिट में हंगामा करने के विरोध में भाजपा आज दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रही है। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता ‘कांग्रेस-राहुल गांधी = गद्दार’, ‘देशद्रोही राहुल गांधी माफी मांगे’ के पोस्ट लेकर विरोध कर रहे हैं। इधर, कांग्रेस नेता आज महाराष्ट्र के भिवंडी पहुंचे हैं। उनकी यहां 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ अपनी विवादास्पद टिप्पणी मामले में पेशी है। राहुल गांधी का काफीला जब मुंबई से भिवंडी के लिए निकल रहा था तब मुलुंड चेक पोस्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए। गुजरात के सूरत में भाजपा कार्यकर्ताओं ने दरअसल, 20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें 15-20 की संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए हैं। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उसपर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड। देशभर से प्रदर्शन की तस्वीरें… AI समिट में प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान इंडियन यूथ कांग्रेस के सेक्रेटरी कृष्णा हरि, बिहार स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश स्टेट वाइस प्रसिडेंट अजय कुमार और नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साजिश के तहत इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा- यह संयोग नहीं, बल्कि एक प्रयोग था। इसकी प्लानिंग राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी, जहां सोनिया और प्रियंका मौजूद थीं। पुलिस बोली- प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था दिल्ली पुलिस में एडिशन कांस्टेबल देवेश कुमार महला ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे घटी। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और क्यूआर कोड स्कैन करके समिट हॉल में एंट्री की। उन्होंने ऊपर स्वेटर और जैकेट पहनी हुई थी और अंदर टी-शर्ट। हॉल नंबर 5 के पास उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं पर पुलिस के साथ झड़प करने का भी आरोप है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले काले रंग के छाते पर स्टिकर चिपकाकर भारत मंडपम में घुसने की योजना बनाई थी। फिर उन्हें एहसास हुआ कि गेट पर जांच के दौरान काले छाते पकड़े जाएंगे। इसलिए उन्होंने टी-शर्ट पर स्टिकर चिपका दिए। स्टिकर कहां छपवाए गए थे, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है। दिल्ली के तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है, जिनमें आपराधिक साजिश, पब्लिक सर्वेंट को चोट पहुंचाना, उनपर हमला करना और काम में बाधा डालना सहित कई गंभीर आरोप शामिल हैं। भाजपा बोली- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया भाजपा ने AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट में लिखा- यह कांग्रेस के अहंकार और हताशा का प्रदर्शन है! राहुल गांधी के लिए भारत को अपमानित करना ही सरकार को निशाना बनाने का तरीका है। AI समिट में प्रदर्शन पर नेताओं की प्रतिक्रिया 20 फरवरी: राहुल के घर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता दिल्ली में राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'राहुल गांधी मुर्दाबाद' और 'राहुल गांधी हाय-हाय' के नारे लगाए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल के पोस्टर भी जलाए। काफी हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। PM ने 16 फरवरी को AI समिट का उद्घाटन किया था 2026 इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यह 20 फरवरी तक होना था लेकिन भीड़ और आयोजनों के चलते इसे 21 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया था। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसके अलावा लगभग 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री, और 45 से ऊपर तकनीकी कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हुए। इसके अलावा 300+ प्रदर्शक और 30+ देशों की थीम पवेलियन्स भी समिट का हिस्सा रहे हैं, जो वैश्विक साझेदारी और AI के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। …………………… AI समिट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… गलगोटिया यूनिवर्सिटी AI समिट से बाहर: पहले चीनी रोबोट, फिर ड्रोन को अपना बताया; कांग्रेस बोली- सरकार ने देश की इमेज खराब की चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन को अपना प्रोजेक्ट बताने वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो से बाहर निकाल दिया गया है। आयोजकों ने पहले यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी, फिर ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
कैंची धाम बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पिरिचुअल टूरिज्म सेंटर:नीब करौली बाबा के भक्तों के लिए बन रहा मेडिटेशन सेंटर; कुटिया का होगा आकार
नीब करौली बाबा की तपोभूमि कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को अब ध्यान और साधना के लिए समर्पित स्थान मिलेगा। मंदिर परिसर से लगी पर्यटन विभाग की भूमि पर मेडिटेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, यहां भक्त शांत वातावरण में बैठकर ध्यान कर सकेंगे और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर पाएंगे। मेडिटेशन सेंटर का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किया जा रहा है। यह केंद्र करीब 900 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जा रहा है और इसे हट (कुटिया) के आकार में विकसित किया जा रहा है, ताकि प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहे। हरियाली और शांत परिवेश के बीच तैयार हो रहे इस केंद्र में एक समय में लगभग 30 श्रद्धालु बैठकर ध्यान कर सकेंगे। इसका डिजाइन इस तरह से तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को एकाग्रता और शांति का अनुभव मिल सके। श्रद्धालु मंदिर परिसर, पेड़ों के नीचे बैठकर करते हैं ध्यान कैंची धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे भक्तों की होती है, जो मंदिर में ध्यान और साधना करना चाहते हैं। लेकिन अभी तक इसके लिए कोई समर्पित स्थान नहीं है। श्रद्धालु मंदिर परिसर, पेड़ों के नीचे या आसपास के स्थानों पर बैठकर ध्यान करते हैं, जिससे उन्हें व्यवस्थित और शांत वातावरण नहीं मिल पाता। कई बार भीड़ और आवाजाही के कारण ध्यान में भी बाधा आती है। मेडिटेशन सेंटर बनने से मिलेगा शांत-सुरक्षित वातावरण मेडिटेशन सेंटर बनने के बाद श्रद्धालुओं को ध्यान और साधना के लिए अलग और शांत स्थान मिलेगा। इससे भक्त बिना किसी व्यवधान के ध्यान कर सकेंगे और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर पाएंगे। यह केंद्र कैंची धाम को एक प्रमुख स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन के रूप में नई पहचान देने में भी मदद करेगा। डिस्पेंसरी, पाथवे और अन्य सुविधाएं भी हो रहीं विकसित कैंची धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिस्पेंसरी, पाथवे, हाईटेक शौचालय और पुलिस चौकी का भी निर्माण किया जा रहा है। डिस्पेंसरी बनने से श्रद्धालुओं को अचानक तबीयत खराब होने पर तुरंत प्राथमिक इलाज और दवाओं की सुविधा मिल सकेगी। इससे खासतौर पर दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। CBDD योजना के तहत 17.59 करोड़ से हो रहा काम केंद्र सरकार की चैलेंज बेस्ड डिवोशनल डेस्टिनेशन (CBDD) योजना के तहत कैंची धाम का समग्र विकास किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत मेडिटेशन सेंटर, डिस्पेंसरी, पाथवे, हाईटेक शौचालय और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों पर कुल 17.59 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसके पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को अधिक व्यवस्थित और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। यह विकास कार्य कैची धाम को विश्वस्तरीय स्पिरिचुअल टूरिज्म सेंटर के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना ने कहा, CBDD योजना के तहत कैंची धाम में मेडिटेशन सेंटर और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके पूरा होने से श्रद्धालुओं को ध्यान के लिए समर्पित स्थान और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे धाम का आध्यात्मिक और पर्यटन महत्व और बढ़ेगा। शिप्रा नदी पर ‘ओम’ आकार का ग्लास ब्रिज बनेगा कैची धाम में श्रद्धालु जल्द ही ‘ओम’ आकार के कांच के पुल से गुजरते हुए बाबा नीब करौली महाराज के दर्शन कर सकेंगे। लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से शिप्रा नदी पर 36 मीटर लंबा और 2 मीटर चौड़ा ग्लास ब्रिज बनाया जा रहा है। इस पुल का डिजाइन ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ थीम पर तैयार किया गया है, जिसमें एंटी-स्लिप सतह, मजबूत रेलिंग और व्यू-पॉइंट जैसी सुविधाएं होंगी। पुल से गुजरते समय श्रद्धालुओं को नीचे बहती शिप्रा नदी और घाटी का स्पष्ट दृश्य दिखाई देगा, जिससे उन्हें रोमांच और आध्यात्म का अनोखा अनुभव मिलेगा। इस ब्रिज का निर्माण मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत किया जा रहा है और इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 340 पाइलों वाली मल्टीलेवल पार्किंग का काम भी तेज धाम में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ₹4081.39 लाख की पुनरीक्षित लागत से कई बड़े कार्य चल रहे हैं। इनमें (G+3) मंजिला मल्टीलेवल कार पार्किंग प्रमुख है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पार्किंग के लिए सभी 340 पाइलों और 89 कॉलमों का कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में ग्राउंड फ्लोर स्लैब का काम जारी है। पूरी परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 45 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। 1960 में शिप्रा नदी किनारे स्थापित हुआ था धाम कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली के पास स्थित है। बाबा नीब करौली महाराज ने 1960 के दशक में शिप्रा नदी के किनारे इस आश्रम और हनुमान मंदिर की स्थापना की थी। यह स्थान अपनी आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें : नैनीताल का कैंची धाम बन रहा युवाओं की पहली पसंद: सर्वे के मुताबिक श्रद्धालुओं में 70% सिर्फ युवा; मार्क जुकरबर्ग-विराट कोहली भी टेक चुके माथा उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित विश्वविख्यात बाबा नीम करोली महाराज का कैंची धाम एक बार फिर सुर्खियों में है। देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुके इस मंदिर में अब युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। (पढ़ें पूरी खबर)
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