BJP ने देश को अस्थिर करने की साजिशों पर चेताया, युवाओं से सतर्क रहने की अपील
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को दावा किया कि देश के भीतर और बाहर की कुछ ताकतें भारत को अस्थिर करने के लिए मिलीभगत कर रही हैं। पार्टी ने लोगों, विशेषकर युवाओं से इन चुनौतियों को समझने और ऐसी ताकतों से सतर्क रहने का आह्वान किया। भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने किसी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि इन ताकतों का उद्देश्य ‘‘सत्ता परिवर्तन’’ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके तहत ‘‘तख्तापलट, हिंसक संघर्ष और साजिशों के जरिये भारत की प्रगति की राह को बाधित करना, भारतीय समाज में मतभेद पैदा करना तथा भारतीय धर्म और संस्कृति को नष्ट करना’’ शामिल है। त्रिवेदी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उनकी मांगें कभी जायज नहीं होतीं। कभी वे कहेंगे कि एलआईसी में खामी है, तो कभी कहेंगे कि एचएएल में खामी है।
कभी वे एसबीआई को खराब बताएंगे, तो कभी सेबी को। कभी वे कहेंगे कि टीके खराब हैं, ईवीएम में खामी है या मतदाता सूचियां भी खराब हैं।’’ मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ सड़क पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से भाजपा कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाती रही है कि वे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) और विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश में अराजकता पैदा करने, मोदी सरकार को अस्थिर करने और ‘‘सत्ता परिवर्तन’’ की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंगलवार को विजयादशमी के एक कार्यक्रम में दिए गए संबोधन का उल्लेख करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी समाज को बांटने और भारतीय संस्कृति एवं धर्म के प्रति नफरत रखने वाली ताकतों के खिलाफ देश को स्पष्ट रूप से आगाह किया था।
भाजपा नेता ने कहा कि भारत ‘‘तेज गति’’ से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी ‘‘प्रभावशाली स्थिति’’ बना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के भीतर और बाहर कई ताकतों को भारत की यह प्रगति ‘‘नापसंद’’ है और इसलिए वे देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इन दोनों तरह की ताकतों के बीच स्पष्ट मिलीभगत दिखाई देती है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उनका उद्देश्य समाज में विभाजन पैदा करना और सत्ता हथियाना है।
ये वे लोग हैं जो भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म से नफरत करते हैं तथा भारत की हर संस्था के बारे में भ्रामक बातें फैलाते हैं।’’ भाजपा के राज्यसभा सदस्य त्रिवेदी ने लोगों से भारत के सामने मौजूद चुनौतियों को ‘‘गहराई से समझने’’ और ‘‘ऐसी ताकतों की हकीकत को पहचानने’’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘इस देश के नौजवानों से मुझे एक बात कहनी है: अपने ही बीच छिपे देशद्रोहियों से सावधान रहें।’’
Parwinder Singh Jhota मर्डर केस की जांच CBI करेगी, Punjab सरकार ने DSP और ड्रग इंस्पेक्टर को हटाया
पंजाब सरकार ने नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल और ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई है जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि झोटा की हत्या की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंपी जाएगी। उन्होंने यह फैसला कार्यकर्ता के परिवार की मांग को मानते हुए लिया है। मान ने मंगलवार को इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। परिवार इस हत्या की जांच CBI से कराने की मांग कर रहा था।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में, मान ने कहा कि परिवार की मांग को देखते हुए सरकार ने इस मामले को CBI को सौंपने का फैसला किया है। उन्होंने पंजाब में नशीले पदार्थों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। उनकी यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब झोटा के परिवार ने हत्या से जुड़ी परिस्थितियों की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की थी।
डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल और ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार का निलंबन इस मामले में एक नया घटनाक्रम है। हालाँकि, उपलब्ध जानकारी में उनके निलंबन के ठोस कारणों का विवरण नहीं दिया गया है। परविंदर सिंह झोटा मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए जाने जाते थे। 13 अक्टूबर को पंजाब के मानसा में एक व्यस्त बाज़ार में स्थित एक मेडिकल स्टोर के अंदर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब झोटा ने दुकान पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचे जाने पर सवाल उठाया। आरोप है कि दुकान के मालिक अश्वनी कुमार ने झोटा पर गोली चला दी।
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इस हत्या के बाद, उनके परिवार ने मामले की गहन जांच की मांग की है। परिजनों का ज़ोर है कि यह मामला CBI को सौंप दिया जाना चाहिए। बताया जाता है कि जब गोलीबारी हुई, तब झोटा फेसबुक पर लाइव ब्रॉडकास्ट कर रहा था। यह घटना एक मेडिकल स्टोर के अंदर हुई, जहाँ नशीली दवाओं की कथित बिक्री को लेकर विवाद हो गया था। मिली जानकारी के अनुसार, हत्या के बाद अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में ले लिया गया।
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