Bihar News: सोनपुर से उड़ेगी बिहार की उड़ान! बनने जा रहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, कैबिनेट की मंजूरी
Bihar News: बिहार कैबिनेट की शुक्रवार को हुई अहम बैठक में राज्य के विकास से जुड़ा बड़ा फैसला लिया गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सोनपुर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने को मंजूरी दे दी गई. मुख्य सचिवालय में आयोजित बैठक में सभी मंत्री मौजूद रहे और कुल 35 एजेंडों पर मुहर लगी.
4200 एकड़ से ज्यादा जमीन पर बनेगा एयरपोर्ट
सरकार ने सोनपुर में करीब 4200 एकड़ से ज्यादा जमीन पर ग्रीनफील्ड मॉडल के तहत अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की योजना को अंतिम स्वीकृति दी है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 1302 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है. जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट के निर्माण के लिए लगभग 4228 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.
यहां होगा एयरपोर्ट का निर्माण
यह एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग के उत्तर और गंडक नदी के पश्चिम दरियापुर चंवर इलाके में बनाया जाएगा. सरकार का कहना है कि इस परियोजना से उत्तर बिहार समेत आसपास के जिलों को सीधा लाभ मिलेगा. हवाई यात्रा आसान होगी और क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा.
रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद
बताया जा रहा है कि सोनपुर में बनने वाला यह एयरपोर्ट पूर्वी भारत का पहला और देश का पांचवां बड़ा ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा. इसके बनने से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. स्थानीय लोगों को भी रोजगार के मौके मिलेंगे और क्षेत्र का आर्थिक विकास तेज होगा.
छोटे हवाई अड्डे विकसित करने की भी योजना
इसके अलावा राज्य सरकार ने छह अन्य शहरों में छोटे हवाई अड्डे विकसित करने की योजना को भी आगे बढ़ाया है. मधुबनी, वीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकि नगर, मुजफ्फरपुर और सहरसा में हवाई सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है. इन शहरों में एयरपोर्ट शुरू होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में सहूलियत मिलेगी.
सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मंजूरी को बिहार के बुनियादी ढांचे में बड़ा कदम माना जा रहा है. आने वाले समय में यह परियोजना राज्य की हवाई कनेक्टिविटी की तस्वीर बदल सकती है.
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एआई समिट में जीएनए एनर्जी ने लॉन्च किया 'विद्युत एआई', मार्केट इंटेलिजेंस को मिलेगा बढ़ावा, डिमांड फोरकास्टिंग होगा आसान
नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में देश के ऊर्जा क्षेत्र को डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। जीएनए एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने इस अवसर पर अपना फ्लैगशिप प्रोडक्ट विद्युत एआई लॉन्च किया, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से पावर मार्केट डेटा, डिमांड फोरकास्टिंग और प्राइस एनालिसिस को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।
इस दौरान जीएनए एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के मशीन लर्निंग इंजीनियर पारू अग्रवाल ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस एआई समिट में उनकी कंपनी ने अपना प्रमुख उत्पाद विद्युत एआई लॉन्च किया है। इस उत्पाद में कंपनी द्वारा जुटाई गई सभी बाजार संबंधी जानकारियों और इंटेलिजेंस को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी दो स्तरों पर काम करती है। एक, ओवर-द-काउंटर प्लेटफॉर्म, जहां ट्रेडिंग होती है, और दूसरा स्तर, जहां वे एसएलडीसी, पावर परचेज कमेटियों, डिस्कॉम और सीएनआई उपभोक्ताओं को आवश्यक इंटेलिजेंस उपलब्ध कराते हैं।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में डेटा का डिजिटलीकरण एक बड़ी चुनौती रही है। अलग-अलग फॉर्मेट जैसे एक्सेल, सीएसवी और डेटाबेस में डेटा फ्लो होता है। कंपनी ने इन सभी स्रोतों को एकीकृत कर एक सेंट्रल डेटा रिपॉजिटरी तैयार की है। इंडियन एनर्जी स्टैक को ध्यान में रखते हुए इस डेटा को व्यवस्थित रूप से प्रवाहित करने की कोशिश की गई है।
पारू अग्रवाल ने आगे कहा कि कंपनी डिमांड फोरकास्टिंग पर भी काम करती है। इसमें अगले दिन की डे-अहेड और इंट्रा-डे फोरकास्टिंग के साथ-साथ वीक-अहेड, मंथ-अहेड और लॉन्ग टर्म यानी एक साल से लेकर दस साल तक की मांग का अनुमान तैयार किया जाता है। इसके लिए डीप लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क मॉडल का उपयोग किया जाता है। हाल ही में कंपनी ने एन्कोडर, डिकोडर और ट्रांसफॉर्मर मॉडल भी अपने सिस्टम में इंटीग्रेट किए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि मार्केट इंटेलिजेंस और प्राइस फोरकास्टिंग के लिए विभिन्न संस्थाओं के व्यवहार और रजिस्ट्रियों से प्राप्त डेटा का विश्लेषण किया गया, जिससे प्राप्त जानकारी को विद्युत एआई में शामिल किया गया है, ताकि उपयोगकर्ताओं को एक क्लिक में उनकी जरूरत के अनुसार डेटा, ग्राफ, एक्सेल रिपोर्ट या विश्लेषण मिल सके।
पारू अग्रवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए आगे कहा कि एआई लंबे समय से उद्योग में अपनाया जा रहा है, लेकिन यह समिट लोगों को इसकी वास्तविक संभावनाओं को समझने का अवसर दे रहा है। उन्होंने कहा कि रोजाना बनने वाले बिल, इकट्ठा होने वाला डेटा और छोटी-छोटी प्रक्रियाएं भी कितनी प्रभावशाली हो सकती हैं, यह अब लोगों को समझ में आ रहा है। इस समिट के माध्यम से यह स्पष्ट हो रहा है कि देश-विदेश में एआई को कितनी तेजी से अपनाया जा रहा है और यह कितने बड़े अवसर खोल सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि विद्युत मंत्रालय सभी स्टार्टअप्स और संगठनों को मार्गदर्शन, अवसर, नियम और एक मजबूत ढांचा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि समिट में मौजूद अधिकांश स्टार्टअप और कंपनियां मंत्रालय के मार्गदर्शन में काम कर रही हैं, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
--आईएएनएस
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