एआई समिट में जीएनए एनर्जी ने लॉन्च किया 'विद्युत एआई', मार्केट इंटेलिजेंस को मिलेगा बढ़ावा, डिमांड फोरकास्टिंग होगा आसान
नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में देश के ऊर्जा क्षेत्र को डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। जीएनए एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने इस अवसर पर अपना फ्लैगशिप प्रोडक्ट विद्युत एआई लॉन्च किया, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से पावर मार्केट डेटा, डिमांड फोरकास्टिंग और प्राइस एनालिसिस को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।
इस दौरान जीएनए एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के मशीन लर्निंग इंजीनियर पारू अग्रवाल ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस एआई समिट में उनकी कंपनी ने अपना प्रमुख उत्पाद विद्युत एआई लॉन्च किया है। इस उत्पाद में कंपनी द्वारा जुटाई गई सभी बाजार संबंधी जानकारियों और इंटेलिजेंस को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी दो स्तरों पर काम करती है। एक, ओवर-द-काउंटर प्लेटफॉर्म, जहां ट्रेडिंग होती है, और दूसरा स्तर, जहां वे एसएलडीसी, पावर परचेज कमेटियों, डिस्कॉम और सीएनआई उपभोक्ताओं को आवश्यक इंटेलिजेंस उपलब्ध कराते हैं।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में डेटा का डिजिटलीकरण एक बड़ी चुनौती रही है। अलग-अलग फॉर्मेट जैसे एक्सेल, सीएसवी और डेटाबेस में डेटा फ्लो होता है। कंपनी ने इन सभी स्रोतों को एकीकृत कर एक सेंट्रल डेटा रिपॉजिटरी तैयार की है। इंडियन एनर्जी स्टैक को ध्यान में रखते हुए इस डेटा को व्यवस्थित रूप से प्रवाहित करने की कोशिश की गई है।
पारू अग्रवाल ने आगे कहा कि कंपनी डिमांड फोरकास्टिंग पर भी काम करती है। इसमें अगले दिन की डे-अहेड और इंट्रा-डे फोरकास्टिंग के साथ-साथ वीक-अहेड, मंथ-अहेड और लॉन्ग टर्म यानी एक साल से लेकर दस साल तक की मांग का अनुमान तैयार किया जाता है। इसके लिए डीप लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क मॉडल का उपयोग किया जाता है। हाल ही में कंपनी ने एन्कोडर, डिकोडर और ट्रांसफॉर्मर मॉडल भी अपने सिस्टम में इंटीग्रेट किए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि मार्केट इंटेलिजेंस और प्राइस फोरकास्टिंग के लिए विभिन्न संस्थाओं के व्यवहार और रजिस्ट्रियों से प्राप्त डेटा का विश्लेषण किया गया, जिससे प्राप्त जानकारी को विद्युत एआई में शामिल किया गया है, ताकि उपयोगकर्ताओं को एक क्लिक में उनकी जरूरत के अनुसार डेटा, ग्राफ, एक्सेल रिपोर्ट या विश्लेषण मिल सके।
पारू अग्रवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए आगे कहा कि एआई लंबे समय से उद्योग में अपनाया जा रहा है, लेकिन यह समिट लोगों को इसकी वास्तविक संभावनाओं को समझने का अवसर दे रहा है। उन्होंने कहा कि रोजाना बनने वाले बिल, इकट्ठा होने वाला डेटा और छोटी-छोटी प्रक्रियाएं भी कितनी प्रभावशाली हो सकती हैं, यह अब लोगों को समझ में आ रहा है। इस समिट के माध्यम से यह स्पष्ट हो रहा है कि देश-विदेश में एआई को कितनी तेजी से अपनाया जा रहा है और यह कितने बड़े अवसर खोल सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि विद्युत मंत्रालय सभी स्टार्टअप्स और संगठनों को मार्गदर्शन, अवसर, नियम और एक मजबूत ढांचा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि समिट में मौजूद अधिकांश स्टार्टअप और कंपनियां मंत्रालय के मार्गदर्शन में काम कर रही हैं, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
--आईएएनएस
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क्या है प्री-सीडिंग? जिसके कारण टीम इंडिया को टी-20 विश्व कप 2026 में हो सकता है भारी नुकसान
TWhat IS Pre Seeding In 20 World Cup 2026: टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 के मुकाबले 21 फरवरी से शुरू होने वाले हैं. पहला मैच पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. मगर, इससे पहले प्री-सीडिंग को लेकर काफी बवाल मचा हुआ है. जी हां, प्री-सीडिंग के लिए आईसीसी की जमकर आलोचना हो रही है. बताया जा रहा है कि इसके चलते भारतीय क्रिकेट टीम को नुकसान झेलना पड़ सकता है. तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि आखिर प्री-सीडिंग क्या है? इससे टीम इंडिया को कैसे नुकसान हो सकता है?
प्री-सीडिंग को लेकर मचा बवाल
T20 World Cup 2026 में इस बार 20 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिन्हें 4 ग्रुप में बांटा गया था. हर ग्रुप की टॉप-2 टीमों ने सुपर-8 के लिए क्वालिफाई किया है. प्री सीडिंग के तहत आईसीसी ने टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ही शीर्ष स्थान पर रहने वाली टॉप टीमों के स्लॉट फिक्स कर दिए थे. जिन्हें A1, B1, C1, और D1 नाम दिए गए थे. इसकी वजह से भारत के सुपर-8 ग्रुप में वो सभी टीमें आई हैं, जो अपने ग्रुप में टॉप पर रहीं. वहीं दूसरे ग्रुप में सभी उन टीमों को जगह मिली टीमें आई है.
सेमीफाइनल से पहले बाहर हो जाएंगी 2 बेस्ट टीमें
प्री सीडिंग की वजह से भारतीय होने वाला सबसे बड़ा नुकसान ये है कि अब पहले राउंड में बेस्ट प्रदर्शन करने वाली 2 टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगी. दूसरी ओर जो टीम अपने ग्रुप में दूसरे नंबर पर रही होगी उनके पास अंतिम 4 में जाने का सुनहरा मौका है. इस लिहाज से सेमीफाइनल में 2 ऐसी टीमें होने वाली हैं जो अपने ग्रुप में दूसरे नंबर पर रहीं. यानि टॉप पर रहने वाली 2 टीमों को सभी मैच जीतने का फायदा नहीं बल्कि नुकसान हो गया है.
टीम इंडिया का सुपर-8 का शेड्यूल
टी-20 विश्व कप 2026 में विजयरथ पर सवार रहते हुए नीदरलैंड्स के साथ खेले जाने वाले आखिरी लीग मैच के बाद टीम इंडिया को सुपर-8 में 3 मैच खेलने होंगे. पहला मैच 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका के साथ, दूसरा जिम्बाब्वे के साथ 26 फरवरी को और तीसरा मुकाबला वेस्टइंडीज के साथ 1 मार्च को खेलना होगा.
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