Responsive Scrollable Menu

Bihar: क्या जाएगी विधायकी? Speaker Prem Kumar समेत 42 MLA को Patna High Court का नोटिस

पटना उच्च न्यायालय ने गुरुवार को बिहार में सत्ताधारी और विपक्षी दोनों दलों के 42 विधायकों को नोटिस जारी कर उनसे 2025 के विधानसभा चुनावों के दौरान चुनावी हलफनामों में जानकारी छिपाने के आरोपों से संबंधित याचिकाओं पर जवाब मांगा है। चुनाव में हारे हुए उम्मीदवारों ने विजयी विधायकों के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की थीं। याचिकाओं की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान, उच्च न्यायालय ने सभी संबंधित विधायकों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
 

इसे भी पढ़ें: Bihar Rajya Sabha की 5 सीटों का गणित, NDA के चक्रव्यूह में फंसा RJD, बदलेगा सियासी समीकरण?


याचिकाओं में नामित प्रमुख नेताओं में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव, पूर्व मंत्री जिवेश मिश्रा, विधायक चेतन आनंद और आरजेडी विधायक अमरेंद्र प्रसाद आदि शामिल हैं। बिहार विधानसभा के 243 सदस्यों में से 202 विधायक सत्ताधारी एनडीए से हैं जबकि 35 विपक्षी महागठबंधन से हैं; पांच एआईएमआईएम से और एक बसपा से हैं। हारे हुए उम्मीदवारों ने एनडीए नेताओं पर महिला सशक्तिकरण के नाम पर मतदाताओं को 10,000 रुपये देकर वोट खरीदने का भी आरोप लगाया।

प्रारंभिक सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए सभी संबंधित विधायकों से जवाब मांगा। सुनवाई के दौरान, अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव शपथ पत्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। मतदाताओं को उम्मीदवार की संपत्ति, पृष्ठभूमि और कानूनी मामलों के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। ऐसी जानकारी को छिपाना या गलत तरीके से प्रस्तुत करना गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है।
 

इसे भी पढ़ें: RJD Expansion Strategy | राजद का मिशन 'राष्ट्रीय पार्टी', Tejashwi Yadav ने बिहार से बाहर विस्तार का किया शंखनाद


अगली सुनवाई में, अदालत संबंधित पक्षों के जवाबों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी। पटना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता शशि भूषण मंगलम ने दावा किया कि संबंधित विधायकों को नोटिस इसलिए भेजे गए क्योंकि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामों में पूरी और सही जानकारी नहीं दी थी। विधायकों ने हलफनामों में कुछ पैराग्राफ खाली छोड़ दिए थे, जबकि उम्मीदवारों के लिए निर्धारित प्रारूप में सभी बिंदुओं पर जानकारी देना अनिवार्य है।

Continue reading on the app

बीवी को पीटना गैरकानूनी नहीं! बस हड्डी नहीं टूटनी चाहिए, तालिबान के इस कानून से पाकिस्तान में पसरा सन्नाटा

पाकिस्तान की हर बेगम इन दिनों खौफ में है। डर सिर्फ तालिबान का नहीं बल्कि खौफ नए तालिबानी कानून का है। सुनने में आपको यह कोई पुरानी खबर लग रही होगी कि अफगानिस्तान में तालीबानियों के राज में यह भला कौन सी नई बात है। पहले भी ऐसी खबरें आई हैं जिसमें महिलाओं को सरेआम कोड़े मारने, पत्थर से मारने और यहां तक कि सिर कलम करने जैसी घटनाएं खुलेआम होती हैं। ऐसी सजाओं से भला कौन खौफ नहीं खाएगा। लेकिन अफगानी बेगमों का यह खौफ ऐसी सख्त अमानवीय सजाओं तक सीमित नहीं बल्कि डर है हर रोज पीटे जाने का। अफगानिस्तान में काला कानून बीवी को पीटना गैरकानूनी नहीं। 90 पेज का तालीबानी फरमान बीवियों को पीटो बस जख्म ना दिखे। यानी तालीबानियों का अफगानिस्तान एक ऐसा मुल्क हो गया है जहां एक छोटी सी शर्त पूरी कर ली तो औरतों को पीटना कानूनी अपराध नहीं।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को उचित सम्मान नहीं देता: Pak रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बड़ा कबूलनामा

इस नए फरमान ने घरेलू हिंसा को एक अलग तरह से लीगल कर दिया है। अब इस देश में मर्दों को खुलेआम अपनी बीवियों पर हाथ उठाने की इजाजत मिल गई है। बस एक छोटी सी शर्त रखी गई है। तालीबान के नए कानून के मुताबिक एक पति अपनी पत्नी और बच्चों को शारीरिक सजा दे सकता है। इसमें चौंकाने वाली शर्त यह है कि मारपीट तब तक कानूनी है जब तक कि उससे हड्डी ना टूटे या कोई खुला घाव ना हो। अगर पति बहुत ज्यादा ताकत का इस्तेमाल करता है और महिला की हड्डी टूट जाती है तब जाकर पति को अधिकतम 15 दिन की जेल हो सकती है।  इसके लिए भी पत्नी को अदालत में अपनी चोट साबित करनी होगी। अगर कोई शादीशुदा महिला अपने पति की इजाजत के बिना अपने रिश्तेदारों से मिलने जाती है तो उसे 3 महीने तक की जेल हो सकती है। 

इसे भी पढ़ें: U-19 World Cup Semi-Final: अजेय Team India की अफगानिस्तान से टक्कर, फाइनल पर टिकीं निगाहें

तालिबानियों के सत्ता में आने से पहले अफगानिस्तान में घरेलू हिंसा से बचाव के लिए महिलाओं के लिए सख्त कानून थे। 2009 में बनाए गए इस कानून को एलिमिनेशन ऑफ वायलेंस अगेंस्ट वुमेन नाम दिया गया था। लेकिन तालिबान सरकार ने 17 साल पुराने कानून को रद्द कर दिया है। और विडंबना देखिए कि जिस अफगानिस्तान में महिलाओं को अकेले बाहर जाने की इजाजत नहीं वो पति की हिंसा के बाद कोर्ट कैसे जाएगी। यहां भी उसे अपने किसी रिश्तेदार को साथ ले जाना होगा और अगर चोट लगी है तो अदालत में उसे दिखाना होगा। लेकिन दूसरे तालीबानी कानूनों की वजह से कोई भी महिला ना तो भीड़ में बुर्का उतार सकती है ना कपड़े हटा सकती है तो फिर उन्हें हिंसा के बदले न्याय कैसे मिलेगा?

Continue reading on the app

  Sports

पिछले तीन मैच में नहीं खोला खाता, अभिषेक शर्मा कर रहे थे बड़ी-बड़ी बातें, ईशान किशन ने मुश्किल से रोकी हंसी

पिछले तीन टी20 वर्ल्ड कप मैच में भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा अपना खाता नहीं खोल पाए हैं. सुपर 8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ उतरने से पहले उन्होंने टीम हडल में सबका जोश बढ़ाने वाली बातें कही. इन सबके बीच ईशान किशन का चेहरा देखने लायक था. वो उनकी बातें सुनकर हंसी रोक खड़े थे. Sat, 21 Feb 2026 12:56:32 +0530

  Videos
See all

Delhi Politics: बीजेपी कार्यकर्ता ने कांग्रेस को दी सरेआम चेतावनी! #bjpprotest #congress #delhinews #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-21T08:09:37+00:00

America Iran War Live Update: खामेनेई का ट्रंप को 10 दिन का अल्टीमेटम! | Trump | Khamenei |US attack #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-21T08:08:53+00:00

Kiren Rijiju LIVE: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की Press Conference | BJP | Rahul Gandhi | Congress #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-21T08:08:12+00:00

AI Summit Congress Protest: गिरफ्तार आरोपियों पर कोर्ट सुनाएगा फैसला! | Patiala Court Room |Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-21T08:15:02+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers