NEET परीक्षा सुरक्षा पर Supreme Court में केंद्र का हलफनामा, कार्यबल के सुधारों की दी जानकारी
नयी दिल्ली, चार अगस्त केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) के संचालन में व्यापक सुधार किए गये हैं ताकि प्रश्नपत्र लीक और व्यवस्था संबंधी खामियों को दूर किया जा सके। न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दाखिल हलफनामे में शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य एक मजबूत और संस्थागत प्रणाली तैयार करना है, जो संस्थागत अनुभव व स्मृति को बनाए रखे, परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करे तथा भविष्य में प्रश्नपत्र लीक या अन्य अनियमितताओं की घटनाओं को रोक सके। उच्चतम न्यायालय ने 29 मई को केंद्र सरकार से यह बताने को कहा था कि भविष्य में नीट का आयोजन किस प्रकार किया जाएगा और परीक्षा प्रक्रियाओं में लगातार सुधार के लिए नियामक संस्थाएं क्या कदम उठायेंगी।
शिक्षा मंत्रालय ने शीर्ष अदालत के निर्देश के जवाब में यह हलफनामा दायर किया था। सरकार ने कहा कि जहां शिक्षा मंत्रालय राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की निगरानी करता है, वहीं नीट स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से एनटीए द्वारा आयोजित की जाती है। सरकार ने यह भी कहा कि इस हलफनामे में नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में जारी सीबीआई जांच पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
हलफनामे के अनुसार, ये संशोधन परीक्षाओं की गरिमा और निष्पक्षता से समझौता करने वालों के खिलाफ बेहद सख्त दंड लागू करने के सरकार के संकल्प को दर्शाते हैं। सरकार ने न्यायालय को यह भी बताया कि परीक्षा सुधारों के लिए एक उच्च स्तरीय कार्यबल (एचपीटीएफ) का गठन किया गया है, जो परीक्षाओं के आयोजन में संरचनात्मक सुधारों की सिफारिश करेगा और परीक्षा प्रणालियों को आधुनिक बनाने का काम करेगा। सरकार ने कहा कि 27 जुलाई को गठित कार्य बल की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि कर रहे हैं।
घर के Wi-Fi की स्पीड अचानक हो गई स्लो? ये 3 छोटी गलतियां हो सकती हैं वजह
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi


















