Parvinder Singh Jhota Murder Case: सीबीआई ने संभाली जांच, पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या पर गरमाई राजनीति
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित दवा की दुकान के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा क्षेत्र में दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध और गैरकानूनी बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे और युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।
मुख्य बातें:
जांच सीबीआई को सौंपी गई: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है।
पंजाब पहुंचे अधिकारी: सीबीआई की एक विशेष टीम ने पंजाब पहुंचकर मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री का बयान: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घोषणा की कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ है और नशा तस्करों के खिलाफ जंग पूरी ताकत से जारी रहेगी।
परिजनों का विरोध: सात दिन बीत जाने के बाद भी न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने अभी तक शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं किया है।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों की एक टीम हत्या के सभी पहलुओं की जांच के लिए पंजाब पहुंच चुकी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को घोषणा की थी कि इस घटना की जांच सीबीआई से कराई जाएगी। मान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘हम मादक पदार्थ के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए हम इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप रहे हैं। मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ हमारी जंग पूरी ताकत से जारी है।
पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए हमें जो भी कड़े कदम उठाने पड़ेंगे, हम उनसे पीछे नहीं हटेंगे।’’ झोटा के परिजन इस हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे थे। झोटा दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। उनकी 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित दवा की दुकान के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा की हत्या के मामले में दुकान मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया।
कुमार पर आरोप है कि जब झोटा ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीले पदार्थ बेचने को लेकर उससे सवाल किया, तो उसने झोटा पर गोली चला दी। इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं। झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के सात दिन बाद भी उनके शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। उनके परिजन एवं समर्थक इस बात पर अड़े हैं कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे।
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पूर्व Google इंजीनियर से जुड़ी पांच फर्मों पर अमेरिकी पाबंदी का China ने किया विरोध
चीन ने बौद्धिक संपदा की चोरी के आरोपी एवं गूगल के एक पूर्व इंजीनियर से जुड़ी पांच चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने के अमेरिका के फैसले का कड़ा विरोध किया है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के इस कदम से चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह बेहद निंदनीय कदम है।
चीन इसका कड़ा विरोध करता है।’’ मंत्रालय ने अमेरिका से अपना ‘‘गलत कदम सुधारने’’ का आग्रह करते हुए कहा कि चीन ‘‘आवश्यक कदम’’ उठाएगा। हालांकि, उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये कदम क्या होंगे। चीन की यह प्रतिक्रिया अमेरिका के विदेश मंत्रालय द्वारा पांच चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए जाने के एक दिन बाद आई है।
ये कंपनियां लिनवेई डिंग से जुड़ी हैं, जिन्होंने शंघाई झिसुआन टेक्नोलॉजी की स्थापना की थी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, डिंग ने गूगल में काम करने के अपने अनुभव का हवाला देते हुए दावा किया था कि उनकी कंपनी अमेरिकी प्रौद्योगिकी क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी की ‘सुपर इंटेलिजेंस’ संबंधी प्रौद्योगिकी जैसी तकनीक विकसित कर सकती है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नए उद्यमों को शुरुआती दौर में सहायता देने वाले कार्यक्रम ‘मिरेकलप्लस’ ने झिसुआन में हिस्सेदारी के बदले उसे शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराई थी।
झिसुआन के साथ मिरेकलप्लस पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। प्रतिबंधों का सामना कर रही अन्य तीन चीनी कंपनियां मिरेकलप्लस से जुड़ी हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि झिसुआन ने ‘‘अमेरिकी नागरिकों और संस्थाओं के व्यापारिक रहस्यों की बड़े पैमाने पर जानबूझकर चोरी की है या उससे लाभ उठाया है।
यह चोरी पांच जनवरी 2023 या उसके बाद हुई थी।’’ डिंग पर 2024 में गूगल से कृत्रिम मेधा (एआई) संबंधी व्यापारिक रहस्य चुराने का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि उस समय वह गुप्त रूप से चीन स्थित दो कंपनियों के लिए भी काम कर रहे थे। इस साल जनवरी में सैन फ्रांसिस्को की एक संघीय जूरी ने डिंग को आर्थिक जासूसी और व्यापारिक रहस्यों की चोरी के कई मामलों में दोषी ठहराया था।
हालांकि, बाद में एक न्यायाधीश ने आर्थिक जासूसी के आरोपों को खारिज कर दिया और डिंग को 12 महीने की जेल की सजा सुनाई। अमेरिकी न्याय विभाग ने आर्थिक जासूसी के आरोप खारिज किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील की है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि कृत्रिम मेधा के क्षेत्र में देश का विकास ‘‘बुनियादी अनुसंधान पर लंबे समय से दिए जा रहे ध्यान, नवोन्मेष में लगातार निवेश, स्वतंत्र वैज्ञानिक एवं तकनीकी नवाचार तथा खुले सहयोग की नीति पर कायम रहने का परिणाम है।’’ मंत्रालय ने कहा कि चीन की उपलब्धियों का ‘‘व्यापारिक रहस्यों की तथाकथित चोरी से कोई लेना-देना नहीं है।’’
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