एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला: 2019 का गठबंधन ‘जनादेश की डकैती’, ‘इंडिया’ गठबंधन को बताया रावण
शिवसेना की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने बिना नाम लिए उद्धव ठाकरे पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 में जनादेश के साथ सबसे बड़ा धोखा हुआ था। शिंदे ने कहा, ‘‘आपने तो चुनाव भी नहीं लड़ा था, आप पिछले दरवाजे से आए और मुख्यमंत्री बन गए। यह जनादेश के खिलाफ एक बड़ी डकैती थी।’’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है (जैसे तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में), तब ईवीएम या वोट चोरी की याद नहीं आती, लेकिन हारने पर वे बेबुनियाद आरोप लगाने लगते हैं।
मुख्य बातें:
2019 के गठबंधन पर निशाना: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि असली ‘वोट चोरी’ 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई थी, जब अविभाजित शिवसेना ने कांग्रेस और राकांपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।
‘इंडिया’ गठबंधन की तुलना रावण से: शिंदे ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को दस सिरों वाले राक्षस राजा रावण की तरह बताया और कहा कि इसका पुतला जलाया जाना चाहिए।
किसानों के लिए मदद: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार पानी की कमी और सूखे से जूझ रहे किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और दिवाली मनाने के लिए प्रभावित किसानों को 100 टन अनाज भेजा गया है।
कांग्रेस और विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप: शिंदे ने कहा कि चुनाव जीतने पर विपक्ष शांत रहता है और हारने पर ‘वोट चोरी’ का रोना रोता है, जो उनकी दोहरी मानसिकता को दर्शाता है।
शिंदे ने मतदाता सूची को लेकर विपक्ष के रुख पर भी सवाल उठाए और कहा कि विपक्षी गठबंधन इंडिया दस सिरों वाले राक्षस राजा रावण की तरह है, जिसका पुतला जलाया जाना चाहिए। शिंदे ने यहां शिवसेना की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार और उनकी पार्टी पानी की कमी के कारण नुकसान झेल रहे किसानों के साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने कांग्रेस पर 70 वर्षों तक देश को लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो पार्टी पहले ‘बूथ कैप्चरिंग’ के जरिये चुनाव जीतती थी, वह अब मतपत्र के जरिये मतदान की मांग कर रही है। शिवसेना प्रमुख ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले मतदाताओं की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई थी और अब नामों को हटाए जाने पर सवाल उठा रहा है। शिंदे ने कहा, ‘‘यह दोहरा मापदंड है और रोज की नयी नौटंकी है। ‘इंडिया’ दस मुंह वाला रावण है और हमें इसका पुतला जलाना होगा।’’ उन्होंने दावा किया कि विपक्ष डॉ. बीआर आंबेडकर के बनाए संविधान को कमजोर करना चाहता है।
शिंदे ने शिवसेना (उबाठा) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि असल में ‘वोट चोरी’ 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद हुई थी, जब अविभाजित शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए अविभाजित राकांपा और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया था। शिवसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘आपने तो चुनाव भी नहीं लड़ा। आप पिछले दरवाजे से आए और मुख्यमंत्री बन गए। आपने जनादेश के साथ धोखा किया और पद हथिया लिया। यह जनादेश के खिलाफ एक बड़ी डकैती थी।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब आप हारते हैं, तो आप इसे वोट चोरी कहते हैं और गड़बड़ी का आरोप लगाने लगते हैं।
‘इंडिया’ ने तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में चुनाव जीते। तब वोट चोरी क्यों नहीं हुई?’’ शिंदे ने कहा कि वह भाषण देने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने में यकीन रखते हैं। शिवसेना प्रमुख ने बताया कि उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली मनाने में मदद करने के लिए 100 टन अनाज भेजा है।
Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
Parvinder Singh Jhota Murder Case: सीबीआई ने संभाली जांच, पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या पर गरमाई राजनीति
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित दवा की दुकान के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा क्षेत्र में दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध और गैरकानूनी बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे और युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।
मुख्य बातें:
जांच सीबीआई को सौंपी गई: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है।
पंजाब पहुंचे अधिकारी: सीबीआई की एक विशेष टीम ने पंजाब पहुंचकर मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री का बयान: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घोषणा की कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ है और नशा तस्करों के खिलाफ जंग पूरी ताकत से जारी रहेगी।
परिजनों का विरोध: सात दिन बीत जाने के बाद भी न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने अभी तक शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं किया है।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों की एक टीम हत्या के सभी पहलुओं की जांच के लिए पंजाब पहुंच चुकी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को घोषणा की थी कि इस घटना की जांच सीबीआई से कराई जाएगी। मान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘हम मादक पदार्थ के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए हम इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप रहे हैं। मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ हमारी जंग पूरी ताकत से जारी है।
पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए हमें जो भी कड़े कदम उठाने पड़ेंगे, हम उनसे पीछे नहीं हटेंगे।’’ झोटा के परिजन इस हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे थे। झोटा दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। उनकी 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित दवा की दुकान के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा की हत्या के मामले में दुकान मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया।
कुमार पर आरोप है कि जब झोटा ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीले पदार्थ बेचने को लेकर उससे सवाल किया, तो उसने झोटा पर गोली चला दी। इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं। झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के सात दिन बाद भी उनके शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। उनके परिजन एवं समर्थक इस बात पर अड़े हैं कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे।
Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








