नेपाल चुनाव: राजनीतिक दलों ने जारी किए घोषणा पत्र, पड़ोसी देशों से मैत्रीपूर्ण संबंधों का वादा
काठमांडू, 19 फरवरी (आईएएनएस)। 5 मार्च को होने वाले आम चुनावों से पहले नेपाल की तीन प्रमुख राजनीतिक पार्टियों नेपाली कांग्रेस (एनसी), नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (सीपीएन-यू) और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने गुरुवार को अपने-अपने चुनावी घोषणा पत्र जारी किए। तीनों दलों ने पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण और संतुलित संबंधों पर जोर दिया है।
जहां पारंपरिक दल एनसी और यूएमएल की विदेश नीति उनके पूर्व शासन अनुभव के आधार पर जानी-पहचानी है, वहीं अगली सरकार का नेतृत्व करने की आकांक्षा रखने वाली आरएसपी की विदेश नीति को लेकर खास उत्सुकता थी। पार्टी ने पूर्व काठमांडू महानगरपालिका मेयर बालेन शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।
आरएसपी ने अपने घोषणा पत्र में “संतुलित और गतिशील कूटनीति” अपनाने की बात कही है। पार्टी ने नेपाल को “बफर स्टेट” से “सक्रिय सेतु” (वाइब्रेंट ब्रिज) में बदलने का संकल्प जताया है। इसके तहत त्रिपक्षीय आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने की योजना है, विशेष रूप से भारत और चीन जैसे पड़ोसी देशों के साथ।
पार्टी ने माना कि नेपाल में भारत और चीन के रणनीतिक हित हैं और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव हो रहा है। ऐसे में नेपाल को सक्रिय और लचीली कूटनीतिक नीति अपनानी चाहिए, ताकि वह बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और पड़ोसी अर्थव्यवस्थाओं के उदय से लाभ उठा सके।
आरएसपी ने पिछले दशक में भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, उच्च गुणवत्ता वाली भौतिक परियोजनाओं, अर्थव्यवस्था के औपचारिककरण और औद्योगिक-सेवा क्षेत्र समन्वय में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि नेपाल दक्षिणी पड़ोसी के अनुभव से लाभ ले सकता है।
साथ ही, चीन के साथ रियायती वित्तपोषण के जरिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, राज्य-निर्देशित विकास योजना और अंतर-प्रांतीय प्रतिस्पर्धा के मॉडल से सीखने पर भी जोर दिया गया है।
एनसी ने अपने घोषणा पत्र में कहा कि उसकी विदेश नीति के तहत नेपाल किसी भी रक्षा, सैन्य या सुरक्षा संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेगा और न ही प्रमुख शक्तियों के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में शामिल होगा। पार्टी ने समानता के आधार पर सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने के अपने पुराने सिद्धांत को दोहराया।
पार्टी ने कहा, “हमारे पड़ोसी और मित्र देशों के साथ संबंध समानता और पारस्परिक सम्मान पर आधारित होंगे तथा पारस्परिक लाभ और आर्थिक साझेदारी के आधार पर आगे बढ़ाए जाएंगे।” पार्टी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहेगा।
सीपीएन-यूएमएल ने भी अपनी लंबे समय से चली आ रही विदेश नीति “सबसे मित्रता, किसी से शत्रुता नहीं” को दोहराया। पार्टी ने पड़ोसी मित्र देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध और सहयोग को मजबूत करने तथा व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ जुड़ाव बढ़ाने का संकल्प जताया।
यूएमएल ने कहा कि उसके नेतृत्व में नेपाल किसी भी पड़ोसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखेगा और ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे उनके हितों को नुकसान पहुंचे। आगामी चुनावों में विदेश नीति, क्षेत्रीय संतुलन और पड़ोसी देशों के साथ संबंध प्रमुख मुद्दों में शामिल होते दिख रहे हैं।
--आईएएनएस
डीएससी
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कड़ाके की सर्दी और बेमौसम बारिश की मार, जानें कैसा रहेगा आपके प्रदेश का हाल
देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली है. बीते 24 घंटों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने अलग-अलग रूप दिखाए. पंजाब और त्रिपुरा में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ. खासतौर पर अमृतसर में दृश्यता 100 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा. वाहन चालकों को हेडलाइट्स का सहारा लेकर धीरे-धीरे सफर करना पड़ा. वहीं हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में ओलों के साथ बारिश हुई.
इससे फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है. कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी भी देखी गई. मैदानी इलाकों में अमृतसर 8.7°C के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा. दूसरी ओर पुनालुर में अधिकतम तापमान 36.2°C दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा.
भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण कई क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज भारी वर्षा की संभावना जताई गई है. वहीं केरल और तमिलनाडु में 21 और 22 फरवरी को बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 22 से 24 फरवरी के बीच बर्फबारी या हल्की बारिश के आसार हैं.
इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. मध्य भारत में भी मौसम करवट ले सकता है. मध्य प्रदेश में आज बारिश की संभावना है, जबकि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 23 और 24 फरवरी को मौसम खराब रह सकता है.
उत्तर भारत में बढ़ेगा तापमान
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में अब ठंड धीरे-धीरे विदा होती नजर आ रही है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अगले सात दिनों के दौरान दिन के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है. वहीं रात के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी का अनुमान है. गुजरात और महाराष्ट्र में भी गर्मी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिमी हवाओं की तीव्रता कम होगी, जिससे तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.
मछुआरों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को 19 से 24 फरवरी के दौरान समुद्र में न जाने की सलाह दी है. विशेष रूप से श्रीलंका तट और अंडमान सागर के आसपास समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं. हालांकि अरब सागर की ओर जाने वाले मछुआरों के लिए फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है. प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं.
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