रमजान पर इस राज्य में सरकार ने मुस्लिम कर्मचारियों को दी राहत, कार्यालय से 1 घंटे पहले मिलेगी छुट्टी
Chhattisgarh News: इस्लाम धर्म के पवित्र महीने रमजान की शुरुआत के साथ ही देश के कई राज्यों में मुस्लिम कर्मचारियों को विशेष राहत दी गई है. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के सभी शासकीय मुस्लिम अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय समय से एक घंटा पहले जाने की अनुमति दी है. सरकार के इस फैसले को सामाजिक सौहार्द बढ़ाने वाला कदम बताया जा रहा है.
भाईचारे का संदेश देता है ये निर्णय
इस संबंध में डॉ. सलीम राज ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों और समाज की आस्था का सम्मान कर रही है. उनका कहना है कि यह निर्णय धार्मिक भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता और भाईचारे का संदेश देता है. रमजान के दौरान रोजा रखने वाले लोग दिनभर भूखे-प्यासे रहते हैं और शाम को इफ्तार व नमाज की तैयारी में समय लगता है, ऐसे में यह राहत उनके लिए मददगार साबित होगी.
तेलंगाना सरकार भी दे चुकी है राहत
इससे पहले तेलंगाना सरकार ने भी मुस्लिम कर्मचारियों को बड़ी राहत दी थी. आदेश के मुताबिक राज्य के मुस्लिम सरकारी कर्मचारी, शिक्षक, कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग स्टाफ, साथ ही बोर्ड और निगमों में कार्यरत कर्मचारी रमजान के दौरान रोज एक घंटा पहले कार्यालय या स्कूल से जा सकेंगे. यानी वे सामान्य समय के बजाय शाम 4 बजे घर लौट सकेंगे. हालांकि, आपात स्थिति या जरूरी काम होने पर कर्मचारियों को सामान्य समय तक रुकना होगा.
आंध्र प्रदेश में भी उठाया यही कदम
इसी तरह आंध्र प्रदेश सरकार ने भी मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटे पहले छुट्टी देने का आदेश जारी किया है. यह सुविधा 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक लागू रहेगी. इसमें सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों, अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को शामिल किया गया है. हालांकि, आंध्र प्रदेश में इस फैसले को लेकर कुछ स्थानों पर विरोध भी देखने को मिला, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने इसे धार्मिक सहूलियत देने वाला सकारात्मक कदम बताया है.
कुल मिलाकर, रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को राहत देने के इन फैसलों को धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता के नजरिए से अहम माना जा रहा है.
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ईरान के पास सिर्फ 10 दिन का समय, ट्रंप बोले- 'सौदा नहीं हुआ तो बहुत बुरा होगा'
वॉशिंगटन में 'बोर्ड ऑफ पीस' (Board of Peace) की पहली बैठक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है. उन्होंने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूरी दुनिया को अगले 10 दिनों के भीतर पता चल जाएगा कि ईरान के साथ कोई समझौता संभव है या नहीं. ट्रंप ने संकेत दिए कि बातचीत तो चल रही है, लेकिन अमेरिका किसी भी नतीजे के लिए तैयार है.
वरना नतीजे अच्छे नहीं होंगे
ट्रंप ने अपनी बात रखते हुए सख्त लहजे में कहा, "हमें एक सार्थक (Meaningful) समझौता करना ही होगा. अगर ऐसा नहीं होता है, तो बहुत सी बुरी चीजें हो सकती हैं. उनका इशारा साफ तौर पर सैन्य कार्रवाई या और कड़े प्रतिबंधों की तरफ था. ट्रंप ने यह भी याद दिलाया कि अतीत में ईरान के साथ समझौता करना आसान नहीं रहा है, लेकिन अब समय हाथ से निकल रहा है.
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना का पहरा
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की भारी मौजूदगी बनी हुई है. ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाते हुए कहा कि उन्हें एक सही डील की ओर कदम बढ़ाना चाहिए. आपको बता दें कि इस समय इलाके में अमेरिकी एयर क्राफ्ट करियर्स और भारी सैन्य साजो-सामान तैनात है, जिसे ट्रंप प्रशासन 'सुरक्षा और शांति' के लिए जरूरी बता रहा है.
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