कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनावों के लिए आंतरिक समयसीमा तय कर ली है। मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की उम्मीद है, और पार्टी की राज्य इकाई का कहना है कि उम्मीदवारों की पहली सूची फरवरी के अंत तक जारी कर दी जाएगी, जिसके बाद मार्च की शुरुआत तक लगभग 80 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाएंगे। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने समयसीमा का ब्यौरा दिया। उनकी यह घोषणा कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के संभावित उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग के लिए राज्य के दो दिवसीय दौरे से ठीक पहले आई है।
गोगोई ने कहा कि हमारा लक्ष्य स्क्रीनिंग प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करना है। केंद्रीय नेतृत्व ने हमें निर्देश दिया है कि पहली सूची इस महीने के अंत तक जारी कर दी जाए। उन्होंने आगे बताया कि मार्च के पहले सप्ताह तक लगभग 80 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए जाएंगे और घोषित कर दिए जाएंगे, जिनमें पहली सूची में शामिल उम्मीदवार भी होंगे। 126 सदस्यीय विधानसभा चुनाव की तैयारियों में तेजी लाते हुए, कांग्रेस मार्च की शुरुआत तक कुल 80 उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की योजना बना रही है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को असम विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के राजनीतिक अभियान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से लोगों से मिलकर सुझाव लेंगी और टिकटों का प्रभावी वितरण सुनिश्चित करेंगी। आज सुबह शहर पहुंची कांग्रेस सांसद ने टिकट वितरण प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चयन समिति के सदस्य राज्य के हर जिले का दौरा कर रहे हैं। गांधी ने पत्रकारों से कहा कि मैं सभी से मिल रही हूं और उनके सुझाव और प्रतिक्रिया ले रही हूं। हम दो दिनों तक यही करेंगे, कोशिश करेंगे कि ज्यादा से ज्यादा लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिल सकें।
प्रियंका ने कहा कि चयन समिति के सदस्य हर जिले में जा रहे हैं। वे प्रतिक्रिया लेंगे और फिर उसका मूल्यांकन करेंगे। हमारा प्रयास है कि टिकटों का सही वितरण हो और हम मजबूती से चुनाव लड़ें। राज्य विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन वार्ता के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि देखते हैं आगे क्या होता है। इससे पहले, प्रियंका गांधी और गौरव गोगोई ने गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि मैंने मां कामाख्या का आशीर्वाद लिया और मंदिर में पूजा करने के बाद मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।
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ईरान पर अमेरिका के संभावित हमले से पहले इजराइल से एक होश उड़ा देने वाला बयान आया है। इजराइल ने दो देशों को अपने लिए सबसे बड़ा खतरा बता दिया है। लेकिन खतरनाक संयोग देखिए कि इन्हीं दोनों देशों ने अचानक भारत को चुनौती दे दी है। भारत से जंग की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें से एक देश तो बांग्लादेश में नई सरकार बनते ही ढाका में रंगे हाथों पकड़ा गया है। आपको बता दें कि इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने बकायदा इन दोनों देशों का नाम लिया है और कहा है कि ये दोनों देश इजराइल के खिलाफ कट्टरता बढ़ा रहे हैं।
सऊदी अरब को भी हमारे खिलाफ खड़ा कर रहे हैं। नेफ्ताली बेनेट ने कहा है कि यह दो देश हैं तुर्की और पाकिस्तान। नेफ्ताली ने कहा कि तुर्की दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। उन्होंने तुर्की को नया ईरान तक घोषित कर दिया है। नेफ्ताली बेनेट ने कहा है कि तुर्की सऊदी अरब को हमारे खिलाफ करने और न्यूक्लियर पाकिस्तान के साथ एक इस्लामिक गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहा है। आप यह मानकर चलिए कि अगर भारत का दूसरा युद्ध होता है तो वह इन दोनों ही देशों के साथ होगा। इजराइल ने जिस तुर्की को नया ईरान कहा है, वही तुर्की बांग्लादेश में तारिक रहमान के शपथ लेते ही पहुंच गया है। हैरानी की बात देखिए कि बांग्लादेश पहुंचते ही तुर्की के इस शख्स को देख पाकिस्तान में भी इतना कॉन्फिडेंस आ गया है कि उसके रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने यहां तक बोल दिया है कि भारत से जंग होने वाली है।
शख्स जो चुपचाप तुर्की से बांग्लादेश पहुंचा है। इस व्यक्ति का नाम बिलाल एदवान है। बिलाल अर्दवान तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एदवान का बेटा है। बिलाल अर्दवान लगातार जमात इस्लामी के संपर्क में भी रहा है। आपको बता दें कि तुर्की भारत के खिलाफ दो तरफ से फ्रंट खोलना चाहता है। पाकिस्तान की तरफ से पहला फ्रंट खोला जा चुका है अब बांग्लादेश से नया फ्रंट खोलने की तैयारी है। इसीलिए बिलाल अर्दवान बांग्लादेश पहुंचा है। बिलाल अर्दवान को बांग्लादेश में देख पाकिस्तान का रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ बोल रहा है कि भारत से युद्ध की संभावना बढ़ गई है। ख्वाजा आसिफ आरोप लगा रहा है कि भारत और अफगानिस्तान मिलकर पाकिस्तान को मार रहे हैं।
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