अमेरिका की बढ़ती सैन्य ताकत के बीच आ गया ईराना का बड़ा बयान, ट्रंप को दे दी ये सलाह
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है. अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हालात बिगड़ने की स्थिति में अमेरिका सैन्य विकल्प अपना सकता है. इसी बीच रूस ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.
मॉस्को में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि क्षेत्र में तनाव 'अभूतपूर्व स्तर' पर है, लेकिन राजनीतिक और राजनयिक रास्ता अभी भी खुला है. उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस ईरान के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाता रहेगा, पर साथ ही सभी पक्षों से विवेक और धैर्य की अपेक्षा करता है.
संयुक्त नौसैनिक अभ्यास पर सफाई
तनाव के बीच रूस और ईरान द्वारा हाल ही में किए गए संयुक्त नौसैनिक अभ्यासों को लेकर भी चर्चा तेज है. पेस्कोव ने कहा कि ये अभ्यास पहले से तय थे और इनका मौजूदा घटनाक्रम से सीधा संबंध नहीं है. रूस का कहना है कि वह किसी भी संघर्ष की बजाय बातचीत के जरिए समाधान का पक्षधर है.
ट्रंप की मांगें और परमाणु वार्ता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु वार्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है. बताया जा रहा है कि यदि ईरान उनकी शर्तों को लगातार खारिज करता रहा तो सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है. हालांकि अभी तक किसी अंतिम फैसले की पुष्टि नहीं हुई है.
सूत्रों के अनुसार, व्हाइट हाउस को जानकारी दी गई है कि अमेरिकी सेना संभावित अभियान के लिए तैयार स्थिति में है और राष्ट्रपति अपने सलाहकारों से लगातार चर्चा कर रहे हैं.
क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य जमावड़ा
पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य तैनाती में हाल के दिनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, अतिरिक्त लड़ाकू विमान, विमानवाहक पोत और सैन्य संसाधन क्षेत्र में पहुंचाए गए हैं. यह तैनाती सामान्य रूटीन से अलग मानी जा रही है और इसे संभावित सैन्य दबाव रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी सैन्य तैयारी संकेत देती है कि अमेरिका सभी विकल्प खुले रखे हुए है.
90 प्रतिशत तक कार्रवाई की अटकलें
कुछ विश्लेषकों ने सैन्य कार्रवाई की संभावना को 90 प्रतिशत तक बताया है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर ऐसी किसी पुष्टि से बचा जा रहा है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति तनाव को कम कर पाएगी या पश्चिम एशिया एक बड़े टकराव की ओर बढ़ रहा है.
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Bihar News: राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए तेज प्रताप यादव, आरोपों से किया इनकार
Land For Job Scam: कथित लैंड फॉर जॉब मामले में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. इस केस की सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए. अदालत में उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे ट्रायल का सामना करेंगे.
कोर्ट से मिली यहां राहत
जानकारी के अनुसार, अदालत ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं. हालांकि कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से हर पेशी में उपस्थित होने से राहत दे दी है. अब आगे की सुनवाई में उनके वकील अदालत में उनका पक्ष रखेंगे.
लालू और राबड़ी देवी भी हुए थे पेश
इससे पहले 16 फरवरी को मामले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी अदालत में पेश हुए थे. दोनों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया था और खुद को निर्दोष बताया था.
CBI का क्या है आरोप
इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है. सीबीआई का आरोप है कि रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन लेने का खेल रचा गया. जनवरी में अदालत ने आरोप तय करते समय टिप्पणी की थी कि लालू परिवार और अन्य आरोपियों ने एक आपराधिक गिरोह की तरह काम किया और सुनियोजित साजिश रची. अब इस बहुचर्चित मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. अदालत में सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी.
बता दें कि 29 जनवरी को अदालत ने लालू परिवार के सदस्यों यानी कि लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच अदालत में पेश होकर आरोप तय करने की अनुमति दी थी. इसी क्रम में गुरुवार को तेज प्रताप यादव की पेशी हुई.
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