जिंगल भी ट्रेडमार्क! किंगफिशर के ‘ऊ ला ला ला ले ओ’ जिंगल पर कानूनी ताला, 10 साल की मिली सुरक्षा
Kingfisher jingle News: किंगफिशर बीयर का मशहूर 'ऊ ला ला ला ले ओ' जिंगल अब कानूनी सुरक्षा में आ गया है. यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड को इस साउंड मार्क का 10 साल के लिए रजिस्ट्रेशन मिल गया है यानी बिना इजाजत इसका इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई और जेब ढीली हो सकती है.
भारत में लाखों छात्रों के लिए एआई क्रिएटिविटी बढ़ाएगा एडोब; फ्री मिलेंगे फायरफ्लाई, फोटोशॉप और एक्रोबैट जैसे टूल: शांतनु नारायण
नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। एडोब के चेयरमैन और सीईओ शांतनु नारायण ने गुरुवार को कहा कि कंपनी भारत में लाखों छात्रों के लिए रचनात्मकता के अवसर बढ़ा रही है और उन्हें एआई कौशल से सशक्त बना रही है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान उन्होंने कहा कि वे यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि भारत के छात्र एडोब के टूल्स से क्या नया निर्माण करते हैं और कैसे विकसित भारत के लक्ष्य को गति देते हैं।
एडोब ने एआई आधारित रचनात्मकता और उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक निवेश की घोषणा की है, जिससे देश की नई पीढ़ी को तैयार किया जा सके।
कंपनी ने कहा कि वह अपने प्रमुख टूल जैसे एडोब फायरफ्लाई, फोटोशॉप और एक्रोबैट को भारत के मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से छात्रों को मुफ्त उपलब्ध कराएगी। इससे छात्र एआई-फर्स्ट करियर के लिए तैयार हो सकेंगे।
इस टूलकिट के जरिए छात्रों को एडोब के रचनात्मक और उत्पादकता सॉफ्टवेयर के साथ पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र भी मिलेंगे, जिससे वे पढ़ाई पूरी करने के बाद अलग पहचान बना सकें।
एआई सीखते समय छात्रों को एडोब के जेनरेटिव एआई मॉडल का सुरक्षित और व्यावसायिक उपयोग के लिए तैयार कंटेंट मिलेगा। साथ ही उन्हें अन्य जेनरेटिव एआई मॉडलों के साथ भी काम करने की सुविधा दी जाएगी।
एडोब फायरफ्लाई, जो एक ऑल-इन-वन क्रिएटिव एआई स्टूडियो है, में गूगल, ओपेनएआई और रनवे जैसे साझेदारों के मॉडल शामिल हैं। इससे छात्रों को अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार काम करने की स्वतंत्रता मिलेगी। वहीं एक्रोबैट प्रो की मदद से छात्र टेक्स्ट और इमेज को आसानी से एडिट कर सकेंगे और बेहतर तरीके से सहयोग कर पाएंगे।
कंपनी का यह ऐलान सरकार के क्रिएट इन इंडिया विजन को मजबूत करता है और केंद्रीय बजट 2026 के उस लक्ष्य को भी समर्थन देता है, जिसमें 2030 तक एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में 20 लाख नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार के साथ साझेदारी में एडोब अपने एआई-फर्स्ट ऑफर और इंडस्ट्री समर्थित पाठ्यक्रम को 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में मुफ्त उपलब्ध कराएगी, जहां कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित किए जाएंगे।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18
News Nation


















.jpg)





