April 2026 New Rules: 1 अप्रैल से बजट की सारी घोषनाएं लागू हो जाएंगी, क्या आपकी जेब पर पड़ेगा असर?
April 2026 New Rules: हर महीने कई सारे बदलाव होते हैं, जो हमारी वित्तीय स्थिति को भी प्रभावित करते हैं. फरवरी के महीने के खत्म होते ही मार्च का महीना शुरू हो जाएगा. इस महीने को फाइनेंशियल ईयर का अंतिम महीना माना जाता है. 1 अप्रैल से देश के कई बड़े कामों जैसे कि पैन कार्ड, पढ़ाई और खरीदारी के लिए नियम बदल जाएंगे. ये बदलाव नए इनकम टैक्स 2025 के तहत होने वाले हैं.
इन नियमों के अनुसार, इनकम टैक्स, इन्वेस्टमेंट, टीडीएस-टीएससी और कंपनियों से जुड़े नियमों में बदलाव होंगे. इनका असर सैलरी प्राप्त करने वाले लोगों को भी होगा. आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में.
पैन कार्ड से जुड़े बदलाव
सबसे पहले पैन कार्ड से जुड़े नियमों की बात की जाए तो इस कार्ड को आपको हर छोटे से बड़े काम में दिखाना अनिवार्य था, लेकिन अब इसमें राहत मिलने वाली है. बैंक या पोस्ट ऑफिस के जरिए पहले लोगों को 50 हजार से ज्यादा कैश जमा करने पर पैन कार्ड दिखाना पड़ता था जिसकी लिमिट बढ़ गई है. अब ये लिमिट बढ़ा दी गई है अब सालाना 10 लाख तक कैश जमा करने पर भी पैन कार्ड नहीं दिखाना होगा. इससे ज्यादा होने पर पैन की जरूरत पड़ेगी.
यहां पैन कार्ड दिखाना होगा
इसके अलावा, रेस्टोरेंट, होटल या किसी फंक्शन में 50 हजार का खर्चा करने पर पैन कार्ड दिखाना पड़ता था जबकि अब इसकी लिमिट को बढ़ाकर 1 लाख कर दिया गया है. अब से 1 लाख के बिल पर पैन कार्ड नहीं दिखाना होगा. अगर कार 5 लाख से कम दाम में खरीदी जाएगी तो भी आपको पैन कार्ड नहीं दिखाना पड़ेगा. पहले छोटी कारों के लिए भी पैन डिटेल्स देनी पड़ती थी.
प्रॉपर्टी से जुड़े बदलाव
संपत्ति यानी मकान या फ्लैट खरीदने पर पहले 10 लाख रुपये से ऊपर होने पर पैन कार्ड जरूरी था. अब ये लिमिट बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है. इसका मतलब है कि अब 20 लाख तक की प्रॉपर्टी डील में पैन कार्ड नहीं देना पड़ेगा. इस बदलाव के चलते अब जो लोग छोटे घर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, उन्हें लाभ होगा.
इसके अलावा 1 अप्रैल 2026 से NRI से प्रॉपर्टी खरीदने का प्रोसेस भी काफी आसान हो जाएगा. अब खरीदार को टीडीएस काटने के लिए TAN नंबर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. अब से आप अपना PAN नंबर इस्तेमाल करके ही TDS कटवा सकते हैं. इससे क्रॉस-बॉर्डर प्रॉपर्टी की डील कम समय और कम झंझट में हो जाएगी, खासकर उन लोगों के लिए जो विदेश में रहने वाले NRI से घर या जमीन खरीद रहे हैं.
इंश्योरेंस सेक्टर में बदलाव
इंश्योरेंस के मामले में अब नियम सख्त हो गए हैं. अब से हर इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने पर पैन कार्ड की डिटेल्स देना अनिवार्य कर दिया गया है. जबकि पहले सिर्फ बड़े अमाउंट पर ही पैन दिखाना पड़ता था. वहीं, सड़क दुर्घटना पीड़ित ट्रिब्यूनल यानी MACT की तरफ से मिलने वाला मुआवजा भी पूरी तरह से टैक्स-फ्री हो जाएगा. पहले इस ब्याज पर इनकम टैक्स लगाया जाता था और कई बार TDS भी कटता था. इससे पहले पीड़ित को कभी पूरे पैसे नहीं मिलते थे और अब इस नियम में बदलाव होगा.
बच्चों की पढ़ाई में होने वाले बदलाव
बच्चों की पढ़ाई को लेकर नए नियमों में बड़ी राहत मिली है. अब तक एजुकेशन अलाउंस पर सिर्फ 100 रुपए टैक्स की छूट प्रति महिना प्रति बच्चा मिलती थी. ये बहुत कम हो गया है. नए नियमों में इसे बढ़ाकर 3000 रुपए प्रति महिना प्रति बच्चा कर दिया गया है. इस प्रकार माता-पिता साल भर में बच्चों की पढ़ाई पर काफी टैक्स की बचत कर सकेंगे.
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रिलायंस ग्रुप एआई में 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा, हाई-स्किल नौकरियों के अवसर पैदा होंगा: मुकेश अंबानी
नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी ने गुरुवार को घोषणा की कि जियो और रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले सात वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में संयुक्त रूप से 10 लाख करोड़ रुपए तक का निवेश करेंगे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन ने राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में अपने संबोधन में कहा,यह केवल मूल्यांकन बढ़ाने के लिए निवेश नहीं है, बल्कि यह धैर्यपूर्ण, अनुशासित, राष्ट्र निर्माण के लिए लगाई लाने वाली पूंजी है, जिसे आने वाले दशकों तक टिकाऊ आर्थिक मूल्य और रणनीतिक मजबूती हासिल के लिए डिजाइन किया गया है।
उन्होंने कहा कि आज एआई में सबसे बड़ी बाधा प्रतिभा या कल्पना नहीं है। बल्कि कंप्यूटिंग की कमी और उच्च लागत है। इसलिए, जियो इंटेलिजेंस तीन साहसिक पहलों के माध्यम से भारत का आत्मनिर्भर कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा।
पहली पहल गीगावाट-स्तरीय डेटा सेंटर होगी। कंपनी ने जामनगर में मल्टी-गीगावाट क्षमता वाले, एआई-अनुकूल डेटा सेंटरों का निर्माण शुरू कर दिया है।
अंबानी ने कहा कि 2026 की दूसरी छमाही में 120 मेगावाट से अधिक क्षमता वाले डेटा सेंटर चालू हो जाएंगे, जिससे प्रशिक्षण और बड़े पैमाने पर अनुमान लगाने के लिए गीगावाट-स्तरीय कंप्यूटिंग का स्पष्ट मार्ग प्रशस्त होगा।
दूसरी पहल, कंपनी के पास 10 गीगावाट तक की अतिरिक्त ग्रीन एनर्जी क्षमता है, जो कच्छ और आंध्र प्रदेश में सौर ऊर्जा पर आधारित है।
तीसरी पहल इसकी राष्ट्रव्यापी एज कंप्यूटिंग है। जियो के नेटवर्क के साथ गहराई से एकीकृत एज कंप्यूटिंग लेयर, भारतीयों के रहने, सीखने और काम करने के स्थानों के करीब, तेज, कम विलंबता वाली और किफायती सूचना प्रदान करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि जियो इंटेलिजेंस भारत की डीप-टेक और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए एआई पर ध्यान केंद्रित करेगा, और न केवल बड़े उद्यमों बल्कि कृषि, लघु व्यवसायों और अनौपचारिक क्षेत्र तक भी पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि जियो इंटेलिजेंस सिर्फ एक खोज या प्रश्न पूछने का उपकरण नहीं होगा; यह मुख्य रूप से उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने का एक संसाधन होगा।
दूसरा लक्ष्य सभी भारतीय भाषाओं में विश्व-अग्रणी बहुभाषी एआई क्षमता हासिल करना होगा। उन्होंने कहा, जब किसान और कारीगर एआई से अपनी भाषा में बात करेंगे, और छात्र अपनी मातृभाषा में सीखेंगे - यह सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि समावेशिता है।
उन्होंने आगे कहा कि रिलायंस समूह यह साबित करेगा कि एआई से नौकरियां नहीं छिनतीं, बल्कि इससे उच्च कौशल वाले नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
अंबानी ने कहा कि एआई की कहानी अब किसके पास सबसे अच्छा मॉडल है से बदलकर कौन उपयोग की गति और व्यापकता के लिए सबसे मजबूत इकोसिस्टम बना सकता है पर केंद्रित हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि रिलायंस समूह भारतीय उद्यमों, स्टार्टअप्स, आईआईटी, आईआईएससी और अनुसंधान संस्थानों के साथ एक मजबूत साझेदारी तंत्र विकसित करेगा। यह भारत के प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ मिलकर विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, वित्त, खुदरा, कृषि और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में एआई को एकीकृत करने के लिए काम करेगा।
अंबानी ने कहा, “हम स्टार्टअप्स को किफायती कंप्यूट और कोड डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएंगे। हम कंप्यूट आर्किटेक्चर, मूलभूत मॉडल और ऊर्जा दक्षता में वैश्विक स्तर पर क्रांतिकारी बदलाव लाने का लक्ष्य रखते हैं — ये सभी भारत में डिजाइन किए जाएंगे, हमारे मूल्यों पर आधारित होंगे, हमारी प्रतिभा द्वारा संचालित होंगे और मानवता के लिए व्यापक रूप से लागू किए जाएंगे।”
--आईएएनएस
एबीएस/
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