भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद; सेंसेक्स 1,236 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे 53 लाख करोड़ रुपए
मुंबई, 19 फरवरी (आईएएनएस)। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस दौरान प्रमुख बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स 1,236.11 अंकों यानी 1.48 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 82,498.14 पर बंद हुआ, तो वहीं एनएसई निफ्टी 365 (1.41 प्रतिशत) अंक गिरकर 25,454.35 पर बंद हुआ। बाजार बंद होने के समय निफ्टी के सभी इंडेक्स लाल रंग में कारोबार करते हुए नजर आए।
गुरुवार को घरेलू बाजार अपने पिछले बंद से मामूली बढ़त के साथ खुला। बैंकिंग, मेटल, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते घरेलू बाजार में तीन दिन से जारी तेजी का सिलसिला टूट गया, और निफ्टी और सेंसेक्स शुरुआती बढ़त खोकर दबाव में आ गए।
आज के कारोबारी सत्र में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,400 अंक से अधिक गिरकर 82,264.20 के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 1 प्रतिशत से ज्यादा या 400 अंक गिरकर 25,400 के स्तर से नीचे आ गया।
बाजार में यह बड़ी गिरावट कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिका-ईरान के बढ़ते तनाव और बैंकिंग व एफएमसीजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में मुनाफावसूली के चलते आई।
इस दौरान, सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिनमें इंडिगो, एम एंड एम, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, बीईएल, कोटक बैंक, रिलायंस, टेक महिंद्रा और आईटीसी के शेयरों में सबसे अधिक 3.2 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 में 1.59 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
विभिन्न सेक्टर्स की बात करें, तो निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले क्षेत्र रहे, जिनमें से प्रत्येक में 2 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी प्राइवेट और पीएसयू बैंक रहे, जिनमें 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
इस तेज गिरावट से निवेशकों को 53 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ, जिससे बीएसई का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) घटकर लगभग 466 लाख करोड़ रुपए रह गया।
इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने फरवरी के पहले पखवाड़े में 10,956 करोड़ के आईटी शेयरों की बिक्री की। इसी अवधि में, दलाल स्ट्रीट में कुल 29,709 करोड़ का निवेश आया, जिसमें आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट को सराहा, बोले- डिजिटल दुनिया अब अपने घर पर
नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने भारत के बाइनरी ज्ञान को सलाम करते हुए इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट की प्रशंसा की। गुरुवार को उन्होंने कहा कि समिट के साथ ही डिजिटल वर्ल्ड अपने घर पहुंच गया है।
भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठे ब्राजील के राष्ट्रपति ने इस ऐतिहासिक समारोह की तारीफ की, जो ऐसे समय में हो रहा है, जब उनके अनुसार समाज एक चौराहे पर खड़ा है।
राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ब्राजील के लिए, भारत सरकार द्वारा आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट में भाग लेना खुशी की बात है; यह पहली बार ग्लोबल साउथ में आयोजित किया गया है।
उन्होंने आगे कहा, यहां दिल्ली में, डिजिटल दुनिया अपनी भूमि पर लौट आई है। यह भारतीय गणितज्ञ थे जिन्होंने हमें 2,000 साल से भी पहले बाइनरी सिस्टम दिया था, जो आधुनिक कंप्यूटिंग को बनाने के काम आया। हम अपने समय की सबसे बड़ी दुविधाओं में से एक पर चर्चा करने के लिए वापस आए हैं। हमारे समाज खुद को एक चौराहे पर पा रहे हैं। चौथी औद्योगिक क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है जबकि मल्टीलेटरलिज्म खतरनाक रूप से पीछे हट रहा है। इसी संदर्भ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ग्लोबल गवर्नेंस एक स्ट्रेटेजिक भूमिका निभाता है।
अपने 18-22 फरवरी के राजकीय दौरे के दौरान, राष्ट्रपति लूला दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे और 21 फरवरी को पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
हर हाई-इम्पैक्ट टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन का दोहरा नेचर होता है। यह हमारा नैतिक और राजनीतिक सवालों से सीधा साक्षात्कार कराता है। एविएशन, एटम का इस्तेमाल, जेनेटिक इंजीनियरिंग, और स्पेस रेस इसके उदाहरण हैं। वे सबका भला कर सकते हैं या उस पर दुष्प्रभाव भी डाल सकते हैं।
उन्होंने कहा, एल्गोरिदम सिर्फ मैथमेटिकल कोड के एप्लीकेशन नहीं हैं जो डिजिटल दुनिया को सहारा देते हैं। वे एक कॉम्प्लेक्स पावर स्ट्रक्चर का हिस्सा हैं। सबकी मदद के बिना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पुरानी असमानताओं को और गहरा कर देगा। कम्प्यूटेशनल क्षमताएं, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल सभी जरूरी चीजें हैं।
इससे पहले, लूला ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इम्पैक्ट पर समिट के दौरान गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई से मीटिंग की।
मुलाकात के बाद प्रेसिडेंट लूला ने एक्स पर पोस्ट किया, पिचाई ने गूगल के लिए ब्राजील की अहमियत, देश में कंपनी के इन्वेस्टमेंट, साओ पाउलो में इंजीनियरिंग सेंटर खोलने और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों और पब्लिक सेक्टर के साथ पार्टनरशिप के बारे में बात की। हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए ब्राजील का विजन, डिजिटल पब्लिक सर्विसेज के क्षेत्र में सरकार के एक्शन, ब्राजीलियन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लान और डेटा सेंटर्स में इन्वेस्टमेंट लाने का प्लान पेश किया।
--आईएएनएस
केआर/
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