सर्दियों के मौसम में अधिकतर लोग भरवां पराठा खाते हैं। जैसे मेथी का पराठा, बथुए का पराठा और आलू का पराठा। यह सेहत के लिए अच्छा होता है और इसके साथ में मिर्ची का अचार स्वाद को बढ़ा देता है। ऐसे में अगर आप बिना तेल और बिना झंझट के मिर्च का अचार घर पर बनाना चाहती हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं बिना तेल और बिना झंझट के कैसे मिर्ची का अचार बनाकर तैयार कर सकती हैं।
ऐसे बनाएं बिना तेल का अचार
अचार के खराब होने की सबसे बड़ी वजह नमी होती है। आप मिर्च को धोने के बाद उसको मलमल के कपड़े से पोंछें। फिर कम से कम 2 से 3 घंटे के लिए धूप में सुखाएं। ऐसा करने से नमी दूर हो जाती है। मिर्ची के डंठल हमेशा सुखाने के बाद हटाएं, जिससे कि अंदर तक पानी न जा सके।
तेल का काम अचार को सुरक्षित रखना होता है। लेकिन बिना तेल के अचार में गन्ने का सिरका या फिर सफेद सिरका तेल की भूमिका निभाता है। सिरका अचार को न सिर्फ फंगस लगने से रोकता है, बल्कि मिर्च को खटास और जल्दी गलाने में मदद करता है। ऐसे में आप तेल की बजाय सिरके का इस्तेमाल कर सकती हैं।
अचार में राई, सौंफ, मेथी और कलौंजी जैसे मसाले पाए जाते हैं। इन मसालों में प्राकृतिक तेल और नमी पाई जाती है। आप इनको कड़ाही में बिना तेल के 1-2 मिनट तक हल्का भूनें। ऐसा करने से मसालों की खुशबू बढ़ जाएगी और अचार के खराब होने की संभावना भी शून्य हो जाएगी।
नमक एक नेचुरल प्रिजर्वेटिव है। ऐसे में आप अगर बिना तेल के अचारा बनाना चाहती हैं, तो सामान्य से थोड़ा ज्यादा नमक अचार में डालें। सबसे पहले मिर्च को काटकर इसको हल्दी और नमक मिलाकर 24 घंटे के लिए छोड़ दें। ऐसा करने से मिर्च अपना पानी छोड़ देगी। जिसको आप हटा सकती हैं और उसमें सिरका मिलाकर प्रिजर्व कर सकती हैं।
हमेशा कांच या चीनी मिट्टी के जार में ही अचार को रखना चाहिए। क्योंकि प्लास्टिक के डिब्बे अचार को खराब कर सकते हैं। वहीं अचार भरने के बाद इसके मुंह को सूती कपड़े से बांधकर इसको 3-4 दिनों तक तेज धूप दिखाएं। धूप नेचुरल तरीके से मिर्च को पकाती है और अचार की उम्र भी बढ़ाती है।
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