दक्षिण कोरिया के लिए नरम हुईं किम जोंग उन की बहन यो, आखिर वजह क्या?
सोल, 19 फरवरी (आईएएनएस)। नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग-उन की ताकतवर बहन किम यो-जोंग ने पड़ोसी देश साउथ कोरिया की प्रशंसा की है। गुरुवार को उन्होंने उस देश की तारीफ की जिसे वो हमेशा से ही अपना दुश्मन बताती आई हैं।
दरअसल, ये बदलाव सोल की तरफ से दिए उस बयान के बाद आया है जिसमें उसने प्योंगयांग में हुई ड्रोन घुसपैठ पर अफसोस जताया था।
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, यो ने गुरुवार को कहा कि वह साउथ कोरिया के वादे और दावे की बहुत तारीफ करती हैं, जिसमें उन्होंने (सोल) ड्रोन घुसपैठ को लेकर अपनी गलती मानी है और बॉर्डर पर चौकसी बढ़ाने का वादा भी किया है।
पार्टी की उप-विभाग निदेशक किम यो-जोंग ने कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के जरिए यह बयान तब जारी किया जब एक दिन पहले दक्षिण कोरिया के यूनिफिकेशन मिनिस्टर चुंग डोंग-यंग ने नॉर्थ कोरिया में ड्रोन हमलों पर अफसोस जताया था और इसे दोबारा होने से रोकने के लिए कई उपायों की घोषणा की थी।
किम ने बयान में कहा, मैं आरओके (रिपब्लिक ऑफ कोरिया) के यूनिफिकेशन मिनिस्टर चुंग डोंग-यंग की बहुत तारीफ करती हूं, जिन्होंने हमारे एयरस्पेस में हुई ड्रोन घुसपैठ को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है, और एक बार फिर अफसोस जताते हुए इसे दोबारा होने से रोकने का वादा किया है।
पिछले दिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, चुंग ने माना कि एक जांच के नतीजों के आधार पर, साउथ कोरियाई लोगों ने पिछले सितंबर और फरवरी के बीच चार बार नॉर्थ कोरिया में ड्रोन भेजे थे, इसमें वो दो भी शामिल हैं जिसका नॉर्थ कोरिया ने जिक्र किया था।
चुंग ने कहा कि सोल नॉर्थ कोरिया के साथ सस्पेंड किए गए 2018 के मिलिट्री समझौते की समीक्षा करेगा और उसे फिर से लागू करने की कोशिश करेगा। इस डील का मकसद नॉर्थ कोरिया के बीच बॉर्डर पर और उनकी सेनाओं के बीच दुश्मनी को रोकना है, जिसमें नो-फ्लाई जोन भी शामिल है, ताकि नॉर्थ कोरिया में ड्रोन घुसपैठ को दोबारा होने से रोका जा सके।
इसी साल जनवरी में, प्योंगयांग ने सोल पर सितंबर 2025 और 4 जनवरी 2026 को सर्विलांस इक्विपमेंट से लैस ड्रोन भेजने का आरोप लगाया था, जिसके बाद साउथ कोरियाई सरकार ने आधिकारिक जांच शुरू कर दी थी।
किम ने चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा दोबारा हुआ तो साउथ कोरिया को भयानक नतीजे भुगतने होंगे, चाहे मास्टरमाइंड कोई भी हो और इसे किसी भी तरीके से किया गया हो।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
एआई में मानवता को बेहतर बनाने की अपार क्षमता बस सही तरीके से किया जाए इस्तेमाल: यूएन चीफ गुटेरेस
नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस गुरुवार को इंडिया एआई-इम्पैक्ट समिट में शामिल हुए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चुनौतियों के बारे में चेतावनी दी। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि एआई को मानव क्षमता का स्थान न लेकर उसका पूरक बनना चाहिए।
एआई के खतरे को लेकर उन्होंने कहा, “हमें श्रमिकों में निवेश करना चाहिए, ताकि एआई इंसानी क्षमता को बढ़ाए, उसे रिप्लेस न करे।”
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के उद्घाटन पर उन्होंने एआई के विस्तार से आने वाली सामाजिक, आर्थिक और इकोलॉजिकल समस्याओं से निपटने की अपील की। उन्होंने कहा, “असली इम्पैक्ट का मतलब है ऐसी तकनीक जो जिंदगी को बेहतर बनाए और धरती की रक्षा करे। आइए डिफॉल्ट सेटिंग के तौर पर गरिमा के साथ सबके लिए एआई बनाएं।”
ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण पर असर के बारे में उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे एआई की एनर्जी और पानी की डिमांड बढ़ रही है, डाटा सेंटर्स और सप्लाई चेन को क्लीन पावर पर स्विच करना चाहिए न कि कमजोर समुदाय पर खर्च कर देना चाहिए।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि “एआई सभी के लिए सुरक्षित होना चाहिए।” इसके लिए लोगों को शोषण, हेरफेर और दुरुपयोग से बचाना जरूरी है।
बच्चों पर सोशल मीडिया के बुरे असर को लेकर जारी विवाद के बीच एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, “किसी भी बच्चे को अनियंत्रित एआई का परीक्षण विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।”
गुटेरेस ने कहा, एआई सभी का होना चाहिए। बिना निवेश के कई देश एआई के दौर से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने एआई पर एक ग्लोबल फंड की अपनी मांग दोहराई और कहा, हर जगह बेसिक कैपेसिटी बनाने के लिए स्किल्स, डाटा, सस्ती कंप्यूटिंग पावर और सबको साथ लेकर चलने वाले इकोसिस्टम।
उन्होंने एआई ग्लोबल फंडिंग के लिए इस बार 3 बिलियन डॉलर का लक्ष्य तय किया है और कहा कि 3 बिलियन डॉलर किसी एक टेक कंपनी के सालाना रेवेन्यू के एक फीसदी से भी कम है। उन्होंने कहा कि यह एआई विस्तार की एक छोटी सी कीमत है जिससे सभी को फायदा होता है, जिसमें एआई बनाने वाले बिजनेस भी शामिल हैं। सिर्फ माइक्रोसॉफ्ट (जो सालाना रेवेन्यू में टेक कंपनियों में चौथे नंबर पर है) हर साल 305 बिलियन डॉलर कमाती है।
गुटेरेस ने कहा कि हालांकि एआई असमानता को गहरा कर सकता है, पूर्वाग्रह को बढ़ा सकता है और नुकसान को बढ़ावा दे सकता है, लेकिन अगर सही तरीके से इसका इस्तेमाल किया जाए तो इसमें मानवता को बेहतर बनाने की अपार क्षमता है।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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