अमेरिका के साथ जंग के हालात के बीच ईरान में 5.5 तीव्रता का भूकंप, तिब्बत में भी हिली धरती
नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। दुनिया के दो हिस्सों में गुरुवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। तिब्बत में एक बार फिर से गुरुवार को भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई और इसकी गहराई 130 किलोमीटर रही। अमेरिका के साथ जंगी हालात के बीच दक्षिणी ईरान में भी 5.5 तीव्रता का भूकंप आया।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप 19 फरवरी को सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर तिब्बत में अक्षांश 33.57 उत्तर और देशांतर 81.86 पूर्व में महसूस किया गया। हालांकि, इस भूकंप से जानमाल का कितना नुकसान हुआ है, इसके बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
एक तरफ न्यूक्लियर डील को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच भारी तनाव चल रहा है। हालात ऐसे हैं कि जंग के आसार भी बनते नजर आ रहे हैं। दूसरी तरफ भूकंप के झटके महसूस होने के बाद ऐसे सवाल उठ रहे हैं कि कहीं ईरान ने न्यूक्लियर परीक्षण तो नहीं कर लिया, जिसकी वजह से धरती हिली।
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने एक अलग रीडिंग जारी की, जिसमें ईरान में आए भूकंप की तीव्रता 4.4 बताई गई। हालांकि, अधिकारियों की तरफ से फिलहाल तीव्रता को लेकर कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) ने कहा कि दक्षिणी ईरान में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 10 किलोमीटर (6.21 मील) की गहराई पर था।
बता दें, इससे पहले रविवार, 1 फरवरी, की सुबह दक्षिणी ईरान में रिक्टर स्केल पर 5.3 तीव्रता का एक हल्का भूकंप आया। इस भूकंप को यूएई के समय के अनुसार सुबह 8:11 बजे महसूस किया गया।
हालांकि, इसकी तीव्रता को देखते हुए इसे हल्का भूकंप माना जा सकता है, लेकिन इसकी जगह और गहराई ने इस बात में अहम भूमिका निभाई कि एनर्जी पूरे इलाके में कैसे फैली। ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जो ईरानी पठार में टेक्टोनिक एक्टिविटी के लिए एक आम गहराई है, जो अक्सर पड़ोसी अरब प्रायद्वीप के लिए एक बफर का काम करता है।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अग्रणी कंपनियां जिम्मेदार एआई के विकास के लिए भारतीय इनोवेटर्स के साथ मिलकर काम करेंगी: अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि दुनिया की अग्रणी एआई कंपनियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में जिम्मेदार और समावेशी एआई के विकास के लिए भारतीय इनोवेटर्स के साथ मिलकर काम करने की स्वैच्छिक प्रतिबद्धता दिखाई है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में लीडर्स को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा,अग्रणी एआई कंपनियां भारत के इनोवेटर्स जैसे सर्वम, भारतजेन, ज्ञानी और सॉकेट के साथ मिलकर, समावेशी और जिम्मेदार एआई के लिए एक साझा दृष्टिकोण को दर्शाने वाली स्वैच्छिक प्रतिबद्धताओं का एक समूह बना रही हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसके तहत रोजगार, कौशल और आर्थिक परिवर्तन पर साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण का समर्थन करने के लिए गुमनाम और एकत्रित अंतर्दृष्टि के माध्यम से वास्तविक दुनिया में एआई के उपयोग की समझ को आगे बढ़ाया जाएगा।
साथ ही, इसमें एआई प्रणालियों के बहुभाषी और प्रासंगिक मूल्यांकन को मजबूत किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एआई भाषाओं, संस्कृतियों और वास्तविक दुनिया के उपयोग के मामलों में प्रभावी ढंग से विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में काम करे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये सभी प्रयास मिलकर ऐसी एआई को आकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हैं, जो न केवल शक्तिशाली हो, बल्कि समावेशी, विकासोन्मुखी और वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक भी हो।
यह पहल भारत को एआई शासन पर वैश्विक दक्षिण के नेतृत्व वाले दृष्टिकोण के निर्माण में सबसे आगे रखती है। एक ऐसा दृष्टिकोण जो नवाचार को समानता और वास्तविक दुनिया पर प्रभाव के साथ संतुलित करता है।
इससे पहले समिट में अपने मुख्य संबोधन में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एआई दुनिया के बड़े टेक्नोलॉजी बदलाव की तरह है। बस इसमें फर्क यह है कि पहले की तरह नई टेक्नोलॉजी आने में दशकों का समय नहीं लग रहा है, बल्कि यह बदलाव काफी तेज हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है और व्यापाक भी है। हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है।
वर्तमान पीढ़ी के साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम एआई का क्या स्वरूप सौंपकर जाएंगे इसलिए, आज असली प्रश्न ये नहीं है कि भविष्य में एआई क्या कर सकती है। प्रश्न ये है कि वर्तमान में हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ क्या करते हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
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