डॉ. प्रीति अदाणी ने विजयादशमी की दी शुभकामनाएं, सामूहिक कल्याण और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने का किया आह्वान
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। विजयादशमी के अवसर पर डॉ. प्रीति अदाणी, जो एक विश्वविद्यालय की चांसलर और अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन हैं, ने लोगों को शुभकामनाएं देते हुए सामूहिक कल्याण, समृद्धि और सद्भाव के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा, विजयादशमी का पर्व हमें अपनी आंतरिक सीमाओं पर विजय प्राप्त करने और सामूहिक कल्याण, समृद्धि तथा सद्भाव से भरे भविष्य की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करे। सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
इससे पहले हाल ही में गौतम अदाणी और प्रीति अदाणी ने नवरात्रि के दौरान दक्षिण गुजरात स्थित श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर (एसआरएमडी) का दौरा किया था और आध्यात्मिक गुरु गुरुदेवश्री राकेशजी का आशीर्वाद लिया था।
इस दौरान गौतम अदाणी ने कहा था कि नवरात्रि जीवन और कार्य को दिशा देने वाले मूल्यों पर आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने कहा था, मैं इस नवरात्रि मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहा हूं और उन मूल्यों पर चिंतन कर रहा हूं जो मेरे जीवन का मार्गदर्शन करते हैं। श्रीमद राजचंद्र आश्रम की यात्रा ने मेरे उस विचार को और मजबूत किया है जिसे मैं हमेशा अपने करीब रखता हूं - सेवा ही साधना है। मैं प्रार्थना करता हूं कि मुझे सेवा का विनम्र भाव और दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति मिले।
एक एक्स पोस्ट में गौतम अदाणी ने कहा था कि उन्होंने और डॉ. प्रीति अदाणी ने धरमपुर स्थित श्रीमद राजचंद्र आश्रम में गुरुदेवश्री राकेशजी के साथ समय बिताया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
उन्होंने विश्व की सबसे ऊंची श्रीमद राजचंद्रजी प्रतिमा पर चरण पखाल करने के अनुभव को अत्यंत भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करने वाला बताया था।
अदाणी परिवार ने मिशन के ध्यान और आध्यात्मिक प्रवचन केंद्र राज सभागृह में आयोजित सत्संग में भी भाग लिया, जहां मानव जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक अनुशासन के महत्व पर चर्चा की गई।
इस दौरान गौतम अदाणी ने मिशन से जुड़े छात्रों और युवा पेशेवरों से भी मुलाकात की, जो विभिन्न सामाजिक पहलों में सक्रिय हैं।
यात्रा के हिस्से के रूप में डॉ. प्रीति अदाणी ने श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर विमेन का दौरा किया और कौशल विकास, उद्यमिता तथा आजीविका कार्यक्रमों से जुड़ी आदिवासी महिलाओं के साथ संवाद किया।
--आईएएनएस
डीबीपी
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नाइंसाफी! अफगानिस्तान के साथ क्या अंपायर ने की चीटिंग? क्लीन बोल्ड हुआ बल्लेबाज फिर भी रहा नॉटआउट, देखें वायरल वीडियो
Afghanistan vs Zimbabwe : इन दिनों संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में वनडे ट्राई नेशन सीरीज 2026 खेली जा रही है. इस सीरीज का दूसरा वनडे मैच अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच बीते सोमावार की रात को खेला गया. इस मैच में कुछ ऐसा हुआ, जिसने सभी क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया. इस मुकाबले में अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज को क्लीन बोल्ड कर दिया लेकिन अंपायर ने फिर भी उस बल्लेबाज को नॉट आउट दे दिया. इसके बाद से सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि, क्या अफगानिस्तान के साथ अंपायर ने नाइंसाफी की है. अंपायर ने बल्लेबाज को आउट होने के बाद नॉट आउट क्यों दिया. ये पूरा घटनाक्रम कैसा रहा, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
दरअसल, 19 अक्टूबर को अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच 19 अक्टूबर को वनडे मैच खेला गया. इस मैच में अफगानिस्तान ने 50 ओवर में 10 विकेट खोकर 294 रन बनाए. इस लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे 38.4 ओवर में 10 विकेट गंवाकर 136 रन बना पाई और 158 रनों से अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे से मैच जीत लिया. इस मैच में जिम्बाब्वे की पारी के दौरान ये पूरा सामना सामने आया.
बल्लेबाज हुआ बोल्ड तो क्यों नहीं दिया गया आउट?
अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज अजमतुल्लाह उमरजई ने जिम्बाब्वे की पारी के आठवें ओवर की आखिरी गेंद पर जिम्बाब्वे के दाएं हाथ के बल्लेबाज ब्रायन बेनेट को क्लीन बोल्ड कर दिया. उमरजई की गेंद सीधे स्टंप पर लगी और गिल्लियां बिखर गईं. इसके बाद अफगानिस्तान की टीम ने विकेट मिलने का जश्न मनाना शुरू कर दिया. तभी बोल्ड होने पर ब्रायन बेनेट ने कुछ आपत्ति उठाई. इसके बाद अंपायर ने अपने फैसले पर दोबारा विचार किया.
क्या था इस आउट और नॉटआउट का पूरा मामला
आपको बता दें कि, जैसे ही उमरजई ने विकेट लिया उसके तुंरंत बाद अंपयार ने इस बॉल को डेड बॉल घोषित कर दिया. इसके बाद बल्लेबाज को आउट नहीं दिया गया. दरअसल, जब उमरजई गेंद डालने के लिए दौड़कर अपने रनअप पर आ रहे थे, तभी बॉल को डिलीवर करने से पहले उनकी कमर में रखा तौलिया नीचे गिर गया. उनका तौलिया पिच के पास गिरा और इससे पहले का ध्यान हंट गया और बॉल सीधे जाकर उनके स्टंप पर लगी.
Biggest controversy of cricket history. ????
— ????????????✯???????????????????? ???????????????? ???????????????????????? (@Bobi_1A) October 19, 2026
- Omarzai clean bowled the Brian Bennett, Omarzai towel was dropped just before the bowl delivered
- The umpire called it dead ball. I think, Brian Bennett played it.???? pic.twitter.com/8KjJrGEYCQ
क्या कहता है क्रिकेट का नियम
क्रिकेट के नियमों के मुताबिक, बॉल को खेलने से पहले अगर किसी भी वजह से बल्लेबाज का ध्यान भटकता है. तो उसको गेंद खेलनी नहीं चाहिए. बॉल खेलने से बल्लेबाज को हट जाना चाहिए. ब्रायन बेनेट विकेट से नहीं हटे. बल्कि पहले शॉट खेलने की कोशिश की थी. बोल्ड होने के बाद बल्लेबाज ने बॉलर का तौलिया गिरने की शिकायत की और अंपायर ने इसे डेड बॉल घोषित कर दिया. एमसीसी के नियमों के मुताबिक अंपायर का भी बॉल की डिलीवरी से पहले ध्यान भटकता है तो अंपायर बॉल को डेड बॉल घोषित कर सकता है. ऐसा ही अंपायर ने किया और बल्लेबाज आउट होने से बच गया. नियम के अनुसार जब बॉल डेड घोषित कर दी जाती है, तो बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जा सकता है.
अफगानिस्तान के इन खिलाड़ियों ने बिखेरा जलवा
इस मुकाबले में अफगानिस्तान ने सेदिकुल्लाह अटल के 102 रन और इब्राहिम जादरान की 90 रन की पारी खेली. वहीं बॉल के साथ राशिद खान ने 17 रन देकर 4 विकेट हासिल किए और अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को 158 रनों के बड़े अंतर से मुकाबला जीता दिया.
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