Responsive Scrollable Menu

H-1B Visa धारकों को ‘बंधुआ मजदूर’ कहने पर JD Vance ने दी सफाई, जानिए क्या कहा

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी वीजा धारकों को ‘बंधुआ मजदूर’ कहे जाने पर हुए विवाद के बीच सफाई दी है। वेंस ने कहा कि उनकी बात विदेशी कर्मचारियों के खिलाफ नहीं थी। उनका निशाना उन अमेरिकी कंपनियों पर था, जो विदेशी कर्मचारियों का गलत फायदा उठाती हैं। वेंस ने अपनी पत्नी उषा वेंस की भारतीय पृष्ठभूमि का भी जिक्र किया और ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीतियों का बचाव किया।

भारतीय मूल के व्यक्ति के सवाल पर वेंस ने दी सफाई

मिशिगन के फ्लैट रॉक में सीबीएस न्यूज के एक कार्यक्रम के दौरान वेंस ने यह बात कही। इससे कुछ दिन पहले भारत ने उनकी पुरानी टिप्पणी को गलत और बेहद आपत्तिजनक बताया था। कार्यक्रम में करीब 20 साल पहले अमेरिका आए भारतीय मूल के निव अगारम ने वेंस पर प्रवासियों को अपनी नाकामी के लिए जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाया।

इस पर वेंस ने माना कि इस मुद्दे पर उनके शब्द शायद पूरी तरह सही नहीं थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनका मकसद विदेशी कर्मचारियों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि उन कंपनियों की गलत नीतियों पर सवाल उठाना था।

इसे भी पढ़ें: Elon Musk के हालिया ऐलान से गदगद हुए Donald Trump, शानदार दोस्त की तारीफ में पढ़े कसीदे

पत्नी उषा के भारतीय परिवार का दिया उदाहरण

वेंस ने कहा कि जब वह ‘बंधुआ मजदूर’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो उनका मतलब कर्मचारियों से नहीं होता। वह उन कंपनियों की बात कर रहे हैं, जो इस व्यवस्था का गलत फायदा उठाती हैं। उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सास और ससुर दक्षिण भारत से अमेरिका आए थे। उनकी बेटी अमेरिका में पैदा हुई और वहीं पली-बढ़ी। आज वह अमेरिका की सेकंड लेडी हैं और वेंस ने कहा कि उन्हें अपनी पत्नी उषा पर बहुत गर्व है।

वेंस ने कहा कि वह ऐसा इमिग्रेशन सिस्टम चाहते हैं, जिसमें हुनरमंद लोगों का स्वागत हो और साथ ही अमेरिकी कामगारों के हितों का भी ध्यान रखा जाए।

कंपनियों पर विदेशी कर्मचारियों का गलत फायदा उठाने का आरोप

वेंस ने आरोप लगाया कि कुछ अमेरिकी कंपनियां पहले अपने स्थानीय कर्मचारियों को नौकरी से निकाल देती हैं और फिर उनकी जगह विदेशी कर्मचारियों को कम वेतन या कम सुविधाओं पर नौकरी देती हैं।

उन्होंने कहा कि एच-1बी वीजा पर अमेरिका आए कर्मचारी कई मामलों में अपनी कंपनी पर बहुत ज्यादा निर्भर होते हैं। अगर वह कंपनी के किसी गलत फैसले का विरोध करते हैं, तो उनके सामने नौकरी जाने के साथ-साथ अमेरिका छोड़ने का खतरा भी रहता है।

वेंस ने कहा कि मौजूदा वीजा नियम कंपनियों को बहुत ज्यादा ताकत देते हैं। इससे विदेशी कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार करना आसान हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत ज्यादा तेजी से होने वाला इमिग्रेशन स्थानीय समाज और लोगों की जिंदगी पर भी असर डाल सकता है।

इसे भी पढ़ें: पेरिस मुस्लिम शहर बनने जा रहा है? फ्रांस में हो रहे हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच Donald Trump का बड़ा दावा

क्या है एच-1बी वीजा विवाद?

यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब अमेरिकी प्रशासन ने विदेशी कर्मचारियों को ग्रीन कार्ड दिलाने वाले एक कार्यक्रम से कई कंपनियों को हटा दिया। इनमें कुछ बड़ी भारतीय आईटी कंपनियां भी शामिल थीं।

अमेरिकी प्रशासन का कहना था कि इससे अमेरिकी नागरिकों के लिए नौकरियों के मौके कम हो रहे हैं। इसी दौरान जेडी वेंस ने एच-1बी वीजा धारकों को ‘बंधुआ मजदूर’ और इन कर्मचारियों को रखने वाली कंपनियों को ‘वीजा मिल’ कहा था।

एच-1बी वीजा अमेरिकी कंपनियों को तकनीकी और दूसरे खास क्षेत्रों में विदेशी लोगों को नौकरी देने की सुविधा देता है। इस वीजा का सबसे ज्यादा फायदा भारतीय पेशेवरों को मिलता है। हर साल मंजूर होने वाले कुल एच-1बी आवेदनों में भारतीयों की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से ज्यादा रहती है।

Continue reading on the app

Canada के Alberta में 76% वोटरों ने नकारा अलगाव का प्रस्ताव

कनाडा के तेल समृद्ध अल्बर्टा प्रांत के मतदाताओं ने देश से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। मंगलवार तड़के आए नतीजों से प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और कनाडा की एकता के समर्थकों को जीत मिली है। यह मतदान ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ व्यापार युद्ध छेड़ रखा है और उसे अपने देश में मिलाने की धमकी भी दी है।

यह जनमत संग्रह सीधे तौर पर स्वतंत्रता के मुद्दे पर नहीं था, बल्कि इसके जरिए अल्बर्टा को कनाडा से अलग होने को लेकर भविष्य में एक और मतदान की दिशा में आगे बढ़ाना था। दस लाख से अधिक मतों की गिनती के बाद करीब 76 प्रतिशत मतदाताओं ने कनाडा के साथ बने रहने का समर्थन किया, जबकि 23 प्रतिशत ने अलगाव की प्रक्रिया शुरू करने के पक्ष में मतदान किया। अलगाव के विरोध में अभियान चलाने वाले अल्बर्टा के पूर्व उपमुख्यमंत्री थॉमस लुकाशुक ने समर्थकों से कहा, हम एक मजबूत देश हैं, जो एक छोर से दूसरे छोर तक एकजुट है।

मतदान केंद्र देर से खुलने के कारण सोमवार को 100 से अधिक केंद्रों पर मतदान का समय बढ़ाना पड़ा, जिससे नतीजों में देरी हुई। अल्बर्टा के 13.5 लाख से अधिक मतदाताओं, यानी पात्र मतदाताओं के 43 प्रतिशत ने अग्रिम या विशेष मतपत्रों के जरिए मतदान किया। दुनिया के चौथे सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार वाले अल्बर्टा में लंबे समय से केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी रही है।

हालांकि, यह असंतोष पारंपरिक रूप से व्यापक अलगाववादी समर्थन में नहीं बदला है। कार्नी ने इससे पहले अल्बर्टा के लोगों से देश की एकता के पक्ष में निर्णायक मतदान करने की अपील की थी। प्रांत की मुख्यमंत्री डेनियल स्मिथ ने अपनी सत्तारूढ़ यूनाइटेड कंजर्वेटिव पार्टी के भीतर अलगाववादियों के दबाव के बीच जनमत संग्रह कराया था, हालांकि वह खुद स्वतंत्रता के पक्ष में नहीं हैं।

अलगाव समर्थकों ने कहा है कि प्रस्ताव खारिज होने के बावजूद उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।

Continue reading on the app

  Sports

सरफराज खान ने दिया प्रज्ञान ओझा को पहला सिरदर्द, क्या नए चीफ सिलेक्टर भी करेंगे रनमशीन को इग्नोर?

Sarfaraz Khan Ranji Trophy Century: श्रीलंका दौरे पर साई सुदर्शन के इंजर्ड होने के बाद बतौर रिप्लेसमेंट स्क्वॉड में शामिल किए गए सरफराज खान को न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होने जा रही टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था. अब दाएं हाथ के इस मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज ने रणजी ट्रॉफी में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ शतक जड़ चयनकर्ताओं को करारा जवाब दिया है. Tue, 20 Oct 2026 13:28:10 +0530

  Videos
See all

Viral Video: अस्पताल के अंदर पहुंचा सांप #snake #hospital #shorts #latest #viral #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-20T08:09:21+00:00

Top Headlines Of The Day: Mohan Bhagwat | Regime Change | France Protest | Amit Shah #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-20T08:08:08+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers