Protein Rich Foods: 5 चीजें खाएंगे तो भरपूर प्रोटीन मिलेगा, मसल्स मजबूत बनने के साथ ये बड़े फायदे मिलेंगे
Protein Rich Foods: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट और एनर्जेटिक रहना हर किसी की प्राथमिकता बन गया है। लेकिन सिर्फ जिम जाने से या वर्कआउट करने से मजबूत मसल्स नहीं बनतीं इसके लिए शरीर को सही मात्रा में प्रोटीन मिलना बेहद जरूरी है। प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं, मांसपेशियों और हड्डियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।
अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि रोजमर्रा के खाने में किन चीजों को शामिल करें ताकि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिल सके। अगर आप भी मसल्स मजबूत बनाना चाहते हैं, वजन संतुलित रखना चाहते हैं और शरीर की ताकत बढ़ाना चाहते हैं, तो इन 5 चीजों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।
प्रोटीन से भरपूर 5 चीजें
अंडा
अंडा प्रोटीन का बेहतरीन और सस्ता स्रोत माना जाता है। एक उबले अंडे में लगभग 6 ग्राम प्रोटीन होता है। इसमें मौजूद अमीनो एसिड मसल्स रिकवरी और ग्रोथ में मदद करते हैं। अंडा खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और शरीर को जरूरी विटामिन्स भी मिलते हैं।
पनीर
शाकाहारी लोगों के लिए पनीर प्रोटीन का शानदार विकल्प है। 100 ग्राम पनीर में लगभग 18–20 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। यह कैल्शियम से भरपूर होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। वर्कआउट करने वालों के लिए पनीर मसल्स बिल्डिंग में काफी फायदेमंद है।
दालें
मूंग, मसूर, अरहर और चना दाल जैसी दालें प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। दालों में फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है। नियमित रूप से दाल का सेवन करने से शरीर को एनर्जी मिलती है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
सोयाबीन
सोयाबीन को वेजिटेरियन प्रोटीन का पावरहाउस कहा जाता है। इसमें प्रोटीन के साथ आयरन और कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में होता है। सोया चंक्स या सोया दूध को डाइट में शामिल करने से मसल्स ग्रोथ तेज होती है और शरीर की ताकत बढ़ती है।
चिकन
नॉन-वेज खाने वालों के लिए चिकन लीन प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। 100 ग्राम चिकन ब्रेस्ट में लगभग 25–30 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। यह कम फैट वाला होता है और मसल्स बिल्डिंग के साथ वजन कंट्रोल में भी मदद करता है।
प्रोटीन के बड़े फायदे
- मांसपेशियों की मजबूती और तेजी से रिकवरी
- शरीर की ऊर्जा में वृद्धि
- इम्यून सिस्टम मजबूत बनाना
- वजन घटाने में सहायक
- त्वचा, बाल और नाखूनों की सेहत में सुधार
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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Jaggery Purity: शुद्ध समझकर मिलावटी गुड़ तो नहीं खा रहे? इन तरीकों से प्योरिटी की करें पहचान
Jaggery Purity: सर्दियों में चाय से लेकर लड्डू और चिक्की तक, गुड़ का स्वाद हर घर की रसोई में घुला रहता है। इसे सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन क्या आप यकीन से कह सकते हैं कि जो गुड़ आप खा रहे हैं, वह सच में शुद्ध है? बाजार में चमकदार और एकदम पीला दिखने वाला गुड़ अक्सर मिलावट की ओर इशारा करता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अधिक मुनाफा कमाने के लिए कई जगह गुड़ में केमिकल, रंग या यहां तक कि चीनी की मिलावट भी कर दी जाती है। ऐसे में जरूरी है कि खरीदने से पहले और घर लाने के बाद आप कुछ आसान तरीकों से इसकी शुद्धता जांच लें।
गुड़ की शुद्धता पहचानने के तरीके
रंग और चमक से करें पहचान
शुद्ध गुड़ का रंग हल्का भूरा या गहरा भूरा होता है। अगर गुड़ बहुत ज्यादा पीला या चमकदार दिखे तो समझ लें कि इसमें केमिकल मिलाए गए हो सकते हैं। प्राकृतिक गुड़ में हल्की असमानता और मैट फिनिश होती है।
पानी में घोलकर जांचें
एक गिलास पानी लें और उसमें गुड़ का टुकड़ा डाल दें। अगर गुड़ नीचे बैठ जाए और पानी साफ रहे, तो यह शुद्ध हो सकता है। लेकिन यदि पानी का रंग बदलने लगे या ऊपर कोई कण तैरने लगें, तो मिलावट की आशंका है। मिलावटी गुड़ जल्दी घुलकर पानी को मटमैला बना सकता है।
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स्वाद और खुशबू से पहचान
शुद्ध गुड़ का स्वाद हल्का मीठा और प्राकृतिक होता है, जिसमें गन्ने की खुशबू आती है। अगर स्वाद बहुत ज्यादा मीठा लगे या हल्की कड़वाहट महसूस हो, तो इसमें रिफाइंड शुगर या केमिकल मिलाए गए हो सकते हैं।
हाथ से तोड़कर देखें
गुड़ को हाथ से तोड़ने की कोशिश करें। शुद्ध गुड़ आसानी से टूट जाता है और अंदर से भी समान रंग का होता है। यदि अंदर सफेद परत या अलग रंग दिखाई दे, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है।
गर्म करके जांचें
कड़ाही में गुड़ का छोटा टुकड़ा हल्का गर्म करें। शुद्ध गुड़ पिघलते समय झाग कम बनाता है, जबकि मिलावटी गुड़ में ज्यादा झाग और गंध आ सकती है।
खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
- बहुत सस्ता गुड़ खरीदने से बचें।
- खुले में रखे गुड़ के बजाय पैक्ड और विश्वसनीय ब्रांड का चयन करें।
- गुड़ की बनावट और रंग को ध्यान से देखें।
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(लेखक:कीर्ति)
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