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Virender Sehwag Birthday: पूर्व क्रिकेटर Virender Sehwag का 48वां जन्मदिन, Team India के लिए बनाए ऐतिहासिक रिकॉर्ड

भारतीय पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग का आज यानी की 20 अक्टूबर को अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। क्रिकेट की दुनिया में सहवाग को 'नजफगढ़ का नवाब' और 'मुल्तान का सुल्तान' भी कहा जाता है। वह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज हैं। उनकी छवि ऐसे धाकड़ खिलाड़ी की रही हैं, जिन्होंने लाल गेंद के प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी का पैमाना अपनाया था। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर भारतीय पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

दिल्ली के नजफगढ़ में 20 अक्टूबर 1978 को वीरेंद्र सहवाग का जन्म हुआ था। उनके पिता कृष्ण सहवाग अनाज का व्यापार करते थे। उनकी मां का नाम कृष्णा सहवाग हैं। अरोड़ा विद्या स्कूल से 12वीं पास करने के बाद उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी। उन्होंने विकासपुरी में स्थित क्रिकेट कोचिंग सेंटर में कोच एएन शर्मा से क्रिकेट के नियम-कायदे सीखे थे।

वनडे डेब्यू

वीरेंद्र सहवाह ने पाकिस्तान के खिलाफ साल 1999 में पहला वनडे मैच खेला था। इसमें उन्होंने महज 1 रन बनाया। उन्होंने अपने 3 ओवर में 35 रन लुटा दिए। डेब्यू में खराब प्रदर्शन के बाद उनको टीम से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद दूसरे मैच के लिए एक साल का इंतजार करना पड़ा था। उनका करियर चौथे वनडे से चमका, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 58 रन बनाए और 3 विकेट भी लिए थे।

टेस्ट मैच में डेब्यू

सहवाग का टेस्ट डेब्यू बेहद धमाकेदार रहा था। साल 2001 में वीरेंद्र सहवाग ने नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने उतरे और 105 रन बनाए। उन्होंने सचिन के साथ 220 रनों की अहम साझेदारी की थी। हालांकि यह मैच इंडिया टीम हार गई। फिर अपने छठे टेस्ट मैच में सहवाग ने डेब्यू किया। सहवाग ने पहले दो टेस्ट मैचों में 84 और 106 रन की पारी खेलकर ओपनर के रूप में टीम इंडिया में अपनी जगह बनाई।

जीते दो वर्ल्डकप

बता दें कि वीरेंद्र सहवाग ने अपने क्रिकेट करियर में 3 वनडे और एक टी20 वर्ल्ड कप खेला था। साल 2003 में सहवाग वीरेंद्र सहवाग वर्ल्ड कप फाइनल खेले, जहां पर भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। साल 2007 में भारतीय टीम लीग राउंड से बाहर हो गई। फिर साल 2011 में टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीती, जिसमें सहवाग ने 47.50 के औसत के साथ 380 रन बनाए।

31 बार जीता 'मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड'

वहीं वीरेंद्र सहवाग ने 31 बार मैन आफ द मैच का अवार्ड जीता था। इस लिस्ट में सहवाह सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली से पीछे हैं। फिर साल 2008 और 2009 में सहवाग पहले भारतीय बने, जिनको 'विजडन लीडिंग क्रिकेटर' का सम्मान मिला था। वीरेंद्र सहवाग ने अपना ज्यादातर करियर ओपनर के रूप में बिताया था। हालांकि शुरूआत में वह मध्यक्रम के बल्लेबाज थे। साल 2002 में सौरव गांगुली ने मध्यक्रम में जगह न होने की वजह से ओपनिंग करने के लिए कहा।

सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड

वीरेंद्र सहवाग के नाम वनडे क्रिकेट में सबसे तेज शतक बनाने का रिकॉर्ड था। साल 2013 में विराट कोहली ने सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ा था। वहीं सहवाग अपने शतह को बड़े स्कोर में बदलने की कोशिश करते रहे। उन्होंने 11 बार शतक को 150 से ऊपर पहुंचाया। वहीं साल 2011 के विश्व कप में वीरेंद्र सहवाग ने 5 बार पहली गेंद पर चौका लगाया।

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पश्चिम एशिया तनाव से कच्चे तेल में फिर उबाल, ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के करीब; 5 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिमों और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जो लगभग पांच महीने का उच्च स्तर माना जा रहा है। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर मंडरा रहे जोखिमों ने निवेशकों और तेल कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालिया बयानों ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ाया है।

ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ ने कहा है कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने मित्र देशों के लिए इस मार्ग से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर सकता है, लेकिन मौजूदा हालात के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है और कीमतों को ऊपर ले जा सकती है।

तेल बाजार को समर्थन देने वाला एक अन्य प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियां हैं। रिपोर्टों के अनुसार, हूती विद्रोहियों द्वारा यमन के एक सैन्य प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया गया है। इसके अलावा, सऊदी अरब की ऊर्जा, हवाई अड्डा और सैन्य सुविधाओं को भी निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।

इन घटनाओं ने यह आशंका बढ़ा दी है कि यदि क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ता है तो ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिसका सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ेगा।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में वर्ष 2026 के दौरान अब तक लगभग 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध के लगातार बने रहने से ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है।

ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के कारण निवेशक तेल बाजार में संभावित आपूर्ति जोखिमों को कीमतों में शामिल कर रहे हैं, जिससे तेजी का माहौल बना हुआ है।

हालांकि दूसरी ओर कुछ सकारात्मक संकेत भी सामने आए हैं। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र से कच्चे तेल की आपूर्ति युद्ध-पूर्व स्तर के लगभग 80 प्रतिशत तक वापस आ चुकी है। हालांकि रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।

वहीं इराक के तेल मंत्री ने बताया कि इस महीने देश का तेल निर्यात 34 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि निर्यात अब युद्ध-पूर्व स्तर के करीब पहुंच रहा है। इराक ने क्षेत्रीय मानकों की तुलना में आकर्षक छूट देकर अपने निर्यात को बढ़ाने की रणनीति अपनाई है।

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेजी का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इससे ईंधन लागत, परिवहन खर्च और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की नजर पश्चिम एशिया की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों और वैश्विक तेल आपूर्ति पर बनी रहेगी। यदि तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल में और तेजी देखने को मिल सकती है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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