फाल्गुन महीना त्योहार के लिए जाना जाता है। यह महीना भगवान कृष्ण को अधिक प्रिय है फाल्गुन महीने में होली के त्योहार की हर जगह धूम होती है। ब्रज में फुलेरा दूज से होली की शुरुआत हो जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण और राधा ने पहली बार होली खेली थी। इस दिन राधा-कृष्ण का विवाह वृंदावन के पास स्थित भांडरीवन हुआ था। धार्मिक मान्यता के अनुसर, इस गुप्त विवाह में ब्रह्मा जी ने स्वयं पुरोहित के रुप में मंत्र पढ़े थे और यह विवाह भांडीरवन के प्राचीन वट वृक्ष के नीचे संपन्न हुआ था। फुलेरा दूज पर श्रीकृष्ण और राधा पर फूलों की वर्षा करते हैं। माना जाता है कि इस दिन की पूजा से शादीशुदा जिंदगी में और भी स्मूदली चलती है। इसके साथ ही घर में सुख शांति बनी रहती है। आइए आपको बताते हैं फुलेरा दूज की पूजा के लिए शुभ समय क्या है? आज किन चीजों से बचना चाहिए आपको बताते हैं।
फुलेरा दूज के लिए शुभ मुहूर्त
फुलेरा दूज की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त आज सुबह था। अब दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से लेकर 12 बजकर 35 मिनट तक है। बता दें कि पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त को भी खास महत्व दिया जाता है। फुलेरा दूज की पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त की शुरुआत आज दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से लेकर 12 बजकर 58 मिनट तक होगी।
बन रहे ये शुभ योग
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल फुलेरा दूज पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं। इस बार ये सिद्ध योग और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में आया है। यदि फुलेरा पर ऐसे योग बनते हैं तो माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से सारे काम सफल हो जाते हैं। शादी से लेकर किसी भी तरह का मांगलिक काम के लिए इस दिन बहुत ही शुभ माना जाता है।
फुलेरा दूज पर भूलकर भी न करें ये काम
फुलेरा दूज वाले दिन अपने मन को शांत और पॉजिटिव रखें। इस दिन काले या हरे और नीले रंग के वस्त्र पहनने से बचें। आज के दिन हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए। व्रत रखने वाले साधक, किसी प्रकार का अपने मन में नकारात्मक विचार ना लाएं और ना ही किसी को गलत शब्द कहें। आज जितना शांत रहेंगे, उतना ही अच्छा होगा। किसी भी स्थिति में घर में कलेश न बनने दें। आज के दिन किसी का भी अपमान नहीं करना चाहिए। पूरे दिन पॉजिटिव रहे, चीजें उतनी ही फलदायी होंगी।
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भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के चौथे दिन, गुरुवार, 19 फरवरी को कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इनमें ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश अंबानी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सैम ऑल्टमैन और विप्रो के कार्यकारी अध्यक्ष रिशाद प्रेमजी शामिल थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए इसे वैश्विक दक्षिण के लिए गौरव का क्षण बताया। उनका संबोधन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के भाषण के बाद आया, जिन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों की सराहना की।
विश्व के सबसे बड़े कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिखर सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को नई दिल्ली में किया, जिसमें वैश्विक स्तर पर व्यापक भागीदारी देखी गई। इस आयोजन में 500 से अधिक एआई नेता, जिनमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य अनुभव अधिकारी शामिल हैं, लगभग 100 संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, 150 शिक्षाविद और शोधकर्ता, और दुनिया भर से लगभग 400 मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, उपाध्यक्ष और परोपकारी व्यक्ति एकत्रित हुए हैं।
मुकेश अंबानी ने एआई इम्पैक्ट समिट को संबोधित किया
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में बोलते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सर्वश्रेष्ठ रूप अभी आना बाकी है और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एआई अपार समृद्धि का युग ला सकता है। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक बहस इस बात पर केंद्रित है कि क्या एआई कुछ मुट्ठी भर लोगों के हाथों में शक्ति केंद्रित करेगा या सभी के लिए अवसरों का लोकतंत्रीकरण करेगा, और उन्होंने आगे कहा कि जो दिशा तय की जाएगी वह विश्व भर की अर्थव्यवस्थाओं और समाजों के भविष्य को आकार देगी। मुकेश अंबानी ने अपने घराने की प्रतिबद्धता साझा करते हुए कहा, जिस तरह कंपनी ने मोबाइल डाटा का कॉस्ट कम किया है, उनका ग्रुप एआई की कॉस्ट भी कम करेगा। उन्होंने कहा कि जियो और रिलायंस इंडिया लिमिटेड (RIL) इस साल से शुरूआत कर अगले 7 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
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