O Romeo-Tu Yaa Main Collection:'ओ रोमियो' ने जमाई धाक, तो बॉक्स आफिस पर रेंग-रेंग के बढ़ रही 'तू या मैं'
O Romeo-Tu Yaa Main Collection: शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) इन दिनों अपनी फिल्म ओ रोमियो (O Romeo) को लेकर खबरों में बने हुए हैं.ये फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुए थी और अब इसे बॉक्स ऑफिस पर 6 दिन पूरे हो गए हैं. इसी के साथ शनाया कपूरी (Shanya Kapoor) की 'तू या मैं' (Tu Yaa Main) भी रिलीज की गई थी. तो जानते हैं, दोनों फिल्मों को छह दिन में बॉक्स ऑफिस पर कैसा कलेक्शन रहा है.
'ओ रोमियो' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
शाहिद कपूर की ‘ओ रोमियो’ ने 8.50 करोड़ से ओपनिंग की थी. वहीं दूसरे दिन 12.65, तीसरे दिन 9 करोड़, चौथे दिन 4.85 और 5वें दिन फिल्म ने 5.25 करोड़ कमाए. अब छठे दिन की कमाई सामने आ गई है. सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक रिलीज के छठे दिन फिल्म ने 3.5 करोड़ कमाए. इसी के साथ इसकी कुल कमाई (O Romeo Box Office Collection) 43.85 करोड़ हो गई है. वहीं वर्ल्डवाइड फिल्म ने 67.15 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है.
रेंग-रेंग के बढ़ रही 'तू या मैं'
शनाया कपूर और आदर्श गौरव की फिल्म ‘तू या मैं’ को भी रिलीज हुए 6 दिन ही हुए हैं. हालांकि फिल्म सिनेमाघरों में शाहिद की ओ रोमियो के मुकाबले कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई है. फिल्म ने छठे दिन महज 27 लाख का कलेक्शन किया. इसके बाद इसकी अब तक की कुल कमाई (Tu Yaa Main Box Office Collection) 3.97 करोड़ हो गई है. साथ ही फिल्म ने वर्ल्डवाइड 4.35 करोड़ का कलेक्शन किया.
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उत्तानमंडूकासन : पीठ दर्द, कंधे की जकड़न और सांस की तकलीफ, इस आसन से दूर करें सारी समस्या
नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी और अनियमित जीवनशैली की वजह से कई शारीरिक और मानसिक समस्याएं घेर लेती हैं। लंबे समय तक लैपटॉप-मोबाइल पर काम करना, गलत स्थिति में बैठना, कम शारीरिक गतिविधि, तनाव और अनियमित खान-पान से पीठ दर्द, कंधों में जकड़न, गर्दन की तकलीफ, सांस लेने में दिक्कत और पाचन संबंधी परेशानियां आम हो गई हैं।
ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय इन समस्याओं से निजात पाने के लिए उत्तानमंडूकासन के अभ्यास की सलाह देता है। यह एक आसान और प्रभावी योगासन है, जिसे दिनचर्या में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
उत्तानमंडूकासन, जिसे मेंढक मुद्रा भी कहते हैं, शरीर को मेंढक की तरह बनाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है, जिससे पीठ और कमर दर्द दूर होता है। कंधों और गर्दन की मांसपेशियां खिंचती हैं, जकड़न कम होती है और सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। यही नहीं इससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, गहरी सांस लेने से सांस संबंधी दिक्कतें दूर होती हैं। साथ ही पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ने से पाचन तंत्र सुधरता है, गैस-अपच की समस्या कम होती है और शरीर में एनर्जी आती है।
योग एक्सपर्ट के अनुसार, इस आसन के अभ्यास के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठें। इसके बाद दोनों हाथों को कोहनियों से मोड़कर पीठ के पीछे ले जाएं। रीढ़ को सीधा रखें, आगे देखें और सामान्य तरीके से सांस लेते रहें। इस स्थिति में 20 से 30 सेकंड तक रहें, फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में वापस आएं। शुरुआत में यह 2 से 3 बार करना चाहिए, फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
आज की अनियमित लाइफस्टाइल में जहां लोग घंटों एक ही मुद्रा में रहते हैं, वहां यह आसन मांसपेशियों को ठीक करता है, रक्त संचार बढ़ाता है और तनाव कम करता है। आयुष मंत्रालय इसे नियमित अभ्यास के लिए सुझाता है।
मंत्रालय का मानना है कि योगासन केवल व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित जीवन की कला है। हालांकि, घुटने, टखने या गंभीर पीठ समस्या वाले लोग डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लें। गर्भवती महिलाएं अभ्यास से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।
--आईएएनएस
एमटी/एबीएम
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